NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
अनिश्चितकालीन हड़ताल पर गए एचएएल के 20 हजार कर्मचारी
कर्मचारियों के लंबे समय से लंबित वेतन संशोधन को निपटाने के लिए उचित प्रस्तावों को लागू करने  में प्रबंधन पूरी तरह विफल रहा है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
14 Oct 2019
HAL Workmen Go on Indefinite Strike
Image courtesy: Twitter

कर्मचारियों के वेतन और भत्तों में "भेदभाव" के कारण, सार्वजनिक रक्षा उपक्रम हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के लगभग 20,000 कर्मचारी सोमवार, 14 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। इस हड़ताल का नेतृत्व  अखिल भारतीयHAL ट्रेड यूनियन्स कोऑर्डिनेशन कमेटी (AI HAL TUCC) कर रही है। उन्होंने कहा कि सभी नौ मान्यता प्राप्त यूनियनें हड़ताल में हिस्सा लेंगी।

AI HAL TUCC के अनुसार, कर्मचारियों के लंबे समय से लंबित वेतन संशोधन को निपटाने के लिए उचित प्रस्तावों को लागु करने  में प्रबंधन पूरी तरह विफल रहा है।

मुख्य विवाद अधिकारियों और कर्मचारियों के वेतन वृद्धि में अंतर है। कर्मचारियों को अधिकारियों के मुकाबले क्रमशः 10% और 19% फिटमेंट (बेसिक सैलरी पर बढोतरी ) और पर्क (अन्य भत्तों में बढ़ोतरी) की पेशकश की गई है, जबकि अधिकारियों को 15% फिटमेंट और 35% पर्क दिया जा रहा है।
 
सूर्य देवरा चंद्रशेखर, AI HAL TUCC के मुख्य संयोजक हैं। उन्होंने बताया  कि प्रबंधन कर्मचारी और अधिकारियों के वेतन वृद्धि में अंतर को सही साबित करने के लिए बताया जा रहा है कि सार्वजनिक क्षेत्र इकाई की खराब वित्तीय स्थिति है, लेकिन यह सही नहीं है और वो श्रमिकों  को "गुमराह" करने का कोशिश कर रहा है।

AI HAL TUCC ने  कहा है कि "बोझ केवल काम करने वालों (श्रमिक-कर्मचारी) के लिए है।"  उन्होंने कहा कि खराब वित्तीय स्थति का कारण स्वीकार्य नहीं है, क्योंकि इस कारण को अधिकारियों के वेतन संशोधन के समय नहीं माना गया था,जो कंपनी की आधी मैनपावर की लागत के बराबर है।

इसके अतिरिक्त, यह वेतन संशोधन में देरी भी है, जिसने श्रमिकों को आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर किया है। कामगारों का वेतन संशोधन 2017 से लटका हुआ है। समिति और प्रबंधन के बीच दो साल की अवधि में लगभग11 दौर की वार्ता हुई लेकिन सभी विफल रही हैं, जिसमें प्रबंधन ने मांग को "अनुचित" कहा और मानने से इंकार कर दिया है।

एचएएल प्रबंधन ने रविवार को यह कहते हुए जवाब दिया कि इसने एक सौहार्दपूर्ण समाधान खोजने के लिए सभी प्रयास किए हैं।

एक बयान में कहा गया है, "एक सौहार्दपूर्ण और शुरुआती वेतन समझौता लाने की दिशा में प्रबंधन के ठोस प्रयासों के बावजूद, यूनियनों ने दुर्भाग्य से पहले से ही मन बना रखा था और प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया और अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने फैसला किया।"

एचएएल के मानव संसाधन निदेशक विनय मोहन चामोला, जो वेतन संशोधन समिति के अध्यक्ष हैं ने बताया कि प्रबंधन की ओर से समस्या के समाधान के लिए पिछले दो बैठकों शनिवार और रविवार को कोशिश की गई,  जिससे हड़ताल टल जाए।

हालांकि कर्मचारियों की ओर से कहा गया कि बैठकों में बातचीत के जरिए समाधान के लिए बुलाना केवल बहाना है। चंद्रशेखर ने न्यूज़क्लिक को बताया कि प्रबंधन बैठकों के लिए कहता है, लेकिन मुद्दे को हल करने के लिए कुछ भी करने से साफ इंकार कर देता है।

उन्होंने कहा, "सभी यूनियन नेताओं के लिए इतने कम समय में बैठक में भाग लेना मुश्किल था और प्रबंधन ने उन यूनियनों की एकता को तोड़ने के लिए यह किया। जिन्होंने सर्वसम्मति से सात राज्यों में देश भर में हड़ताल  करने का फैसला किया है।"

HAL Workmens Strike
HAL Workers
Workers Strike
Wage Revision of HAL Workmen
Hindustan Aeronautics Limited
Vinay Mohan Chamola
All India HAL Trade Unions Coordination Committee
Salary Increment

Related Stories

लुधियाना: PRTC के संविदा कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू

दिल्ली: बर्ख़ास्त किए गए आंगनवाड़ी कर्मियों की बहाली के लिए सीटू की यूनियन ने किया प्रदर्शन

देशव्यापी हड़ताल को मिला कलाकारों का समर्थन, इप्टा ने दिखाया सरकारी 'मकड़जाल'

स्कीम वर्कर्स संसद मार्च: लड़ाई मूलभूत अधिकारों के लिए है

अर्बन कंपनी से जुड़ी महिला कर्मचारियों ने किया अपना धरना ख़त्म, कर्मचारियों ने कहा- संघर्ष रहेगा जारी!

निर्माण मज़दूरों की 2 -3 दिसम्बर को देशव्यापी हड़ताल,यूनियन ने कहा- करोड़ों मज़दूर होंगे शामिल

यूपी में अनीमिया, भुखमरी के शिकार बच्चे बढ़े, दिल्ली में श्रमिकों ने की हड़ताल और अन्य ख़बरें

दिल्ली में मज़दूरों ने अपनी मांगों को लेकर केंद्र और दिल्ली सरकार के ख़िलाफ़ हड़ताल की

एमएसआरटीसी हड़ताल 27वें दिन भी जारी, कर्मचारियों की मांग निगम का राज्य सरकार में हो विलय!

ट्रेड यूनियनों के मुताबिक दिल्ली सरकार की न्यूनतम वेतन वृद्धि ‘पर्याप्त नहीं’


बाकी खबरें

  • Mothers and Fathers March
    पीपल्स डिस्पैच
    तख़्तापलट का विरोध करने वाले सूडानी युवाओं के साथ मज़बूती से खड़ा है "मदर्स एंड फ़ादर्स मार्च"
    28 Feb 2022
    पूरे सूडान से बुज़ुर्ग लोगों ने सैन्य शासन का विरोध करने वाले युवाओं के समर्थन में सड़कों पर जुलूस निकाले। इस बीच प्रतिरोधक समितियां जल्द ही देश में एक संयुक्त राजनीतिक दृष्टिकोण का ऐलान करने वाली हैं।
  • गौरव गुलमोहर
    यूपी चुनाव: क्या भाजपा के लिए मुश्किल खड़ी कर सकते हैं सिटिंग विधायक?
    28 Feb 2022
    'यदि भाजपा यूपी में कम अंतर से चुनाव हारती है तो उसमें एक प्रमुख कारण काम न करने वाले सिटिंग विधायकों का टिकट न काटना होगा।'
  • manipur
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    मणिपुर में पहले चरण का चुनाव, 5 ज़िलों की 38 सीटों के लिए 67 फ़ीसदी से ज़्यादा मतदान
    28 Feb 2022
    मणिपुर विधानसभा के लिए आज पहले चरण का मतदान संपन्न हो गया। मतदान का समय केवल शाम 4 बजे तक ही था। अपराह्न तीन बजे तक औसतन 67.53 फ़ीसदी मतदान हुआ। अंतिम आंकड़ों का इंतज़ार है।
  • jharkhand
    अनिल अंशुमन
    झारखंड : फिर ज़ोर पकड़ने लगी है ‘स्थानीयता नीति’ बनाने की मांग : भाजपा ने किया विरोध
    28 Feb 2022
    हेमंत सोरेन सरकार को राज्य में होने वाली सरकारी नियुक्तियों के लिए घोषित विसंगतिपूर्ण नियोजन नीति को छात्रों-युवाओं के विरोध के बाद वापस लेना पड़ा है। लेकिन मामला यहीं थम नहीं रहा है।
  • Sergey Lavrov
    भाषा
    यूक्रेन की सेना के हथियार डालने के बाद रूस ‘किसी भी क्षण’ बातचीत के लिए तैयार: लावरोव
    28 Feb 2022
    लावरोव ने यह भी कहा कि रूस के सैन्य अभियान का उद्देश्य यूक्रेन का ‘‘विसैन्यीकरण और नाजी विचारधारा से’’ मुक्त कराना है और कोई भी उस पर कब्जा नहीं करने वाला है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License