NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
स्वास्थ्य
अंतरराष्ट्रीय
अर्जेंटीना: बिना इलाज के ठीक हुई एचआईवी पॉज़िटिव महिला
शोध से पता चला है कि ऐसे कई मरीज़ हो सकते हैं, जो प्राकृतिक ढंग से इस वायरस से लड़ सकते हैं।
संदीपन तालुकदार
24 Nov 2021
Hiv

एक बेहद दुर्लभ केस में अर्जेंटीना की एक महिला, दूसरी ऐसी मरीज़ बन गई है, जिसमें एचआईवी के खिलाफ़ प्रतिरोधक क्षमता विकसित किए के निशान पाए गए हैं। ध्यान रहे इस दौरान महिला का सेल ट्रांसप्लांटेशन भी नहीं किया गया था।

तथाकथित "एस्पेरांजा" मरीज़ को 2013 में एचआईवी पॉज़िटिव पाया गया था। एंस्पेरांजा का नामकरण मरीज़ के गृह नगर के आधार पर किया गया है। संक्रमण पहचाने जाने के 8 साल बाद, जांच में पता चला है कि महिला में संक्रमण का कोई अंश ना ही बचा है, ना ही महिला एचआईवी से जुड़े किसी रोग से अब ग्रस्त है। 

ऐसे मामले रहे हैं, जिनमें एचआईवी मरीज़ ठीक हुए हैं, जैसे- बर्लिन का मरीज़, जिसे 1995 में पॉज़िटिव पाया गया था, फिर 2003 में पॉज़िटिव पाया गया लंदन का मरीज। दोनों ही मामलों में मरीज़ों को अलग-अलग तरह के कैंसर के इलाज़ के लिए "सेल ट्रांसप्लांटेशन" से गुजारा गया था। बर्लिन के मरीज़ के मामले में सेल ट्रांसप्लांटेशन ने अप्रत्याशित ढंग से एचआईवी संक्रमण को ठीक कर दिया था, या कम से कम उसे ऐसी अवस्था में पहुंचा दिया था, जिसमें ART (एंटीरिट्रोवायरल) ड्रग्स के बंद करने के बाद भी वायरस को पाया ना जा सके। लंदन के मरीज़ में भी ऐसी ही समानताएं पाई गई थीं। दोनों ही मामलों से पता चला था कि "स्टेम सेल ट्रांसप्लांटेशन" वायरस से लड़ने का एक प्रभावी तरीका है। 

तबसे वैज्ञानिक इस चीज की गुत्थी सुलझाने में लगे हैं कि कैसे कुछ लोगों का प्रतिरोधक तंत्र वायरस से लड़ने के प्राकृतिक तरीके ढूंढ रहा है। इसमें "एलाइट कंट्रोलर" भी शामिल हैं, जो वायरस को बिना दवाईयों या सेल ट्रांसप्लांटेशन के भी कमज़ोर कर देता है। लेकिन "एस्पेरांजा" मरीज़ का मामला, "एलाइट कंट्रोलर" के मामलों में और भी ज़्यादा दिलचस्प है। कई बार यह नियंत्रक भी वायरस की पहचाने जा सकने वाली स्थिति बताते हैं। लेकिन एस्पेरांजा मरीज़ में वायरस की उपस्थिति तक नहीं पहचानी जा सकी है। यह खोजें, एनल्स ऑफ़ इंटरनल मेडिसिन में हाल में प्रकाशित एक पेपर में छपी हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक़, एस्पेरांजा मरीज़ ने ART दवाईयां सिर्फ़ 2019-20 में गर्भधारण के दौरान ली थीं। एक स्वस्थ्य बच्चे को जन्म देने के बाद उन्होंने यह दवाईयां लेना बंद कर दिया। बता दें बच्चे में एचआईवी का संक्रमण नहीं है। 

हाल के पेपर में शोधार्थियों ने कहा है कि "एलाइट कंट्रोल" का प्रदर्शन करने वाले दूसरे मामलों से एस्पेरांजा के मरीज़ में यह अलग है कि उसमें खोजे जा सकने वाले एचआईवी प्रोवायरस या संक्रामक तत्वों की उपस्थिति नहीं है। यह संभावना है कि छुपे हुआ वायरस बाद में अपनी तादाद बढ़ा सकता है। शोधार्थियों ने बड़ी संख्या में मरीज़ की कोशिकाओं की जांच की, ताकि संक्रामक तत्व, ना पाए जाने की पुष्टि की जा सके। 

नई खोजों के बारे में शोधार्थियों ने कहा, "क्या इससे समझा जाए कि हमारे मरीज़ ने प्राकृतिक संक्रमण के दौरान एक रोगाणु मुक्त करने वाला इलाज़ खोज लिया? हमें लगता है कि ऐसा ही हुआ है, लेकिन इसे साबित नहीं किया जा सकता। अनुभवजन्य आंकड़ो के एकत्रीकरण से कभी वैज्ञानिक अवधारणाओं को साबित नहीं किया जा सकता। उन्हें सिर्फ़ खारिज किया जा सकता है। एचआईवी-1 शोध के मामले में इसका मतलब हुआ कि अनुभवजन्य आधार पर यह साबित करना असंभव है कि किसी ने अपने भीतर एचआईवी के खिलाफ़ रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित कर ली।"

लेकिन शोधार्थियों का कहना है कि उनकी खोज़ें किसी प्राकृतिक अवधारणा का पर्याप्त सबूत नहीं हैं। लेकिन चिकित्सकीय नज़रिए से यह खोजें बहुत अहम हैं, जो बताती हैं कि ऐसे कई मरीज़ हो सकते हैं जो इस वायरस से प्राकृतिक ढंग से मुकाबला कर सकते हैं।

इस लेख को मूल अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए नीचे दिए लिंक पर क्लिक करें।

HIV+ Argentinean Woman Gets Cured Without Treatment

Esperanza Patient
Berlin Patient
  London Patient
HIV Cured Naturally
Stem Cell Transplant in HIV Patients
HIV

Related Stories


बाकी खबरें

  • working women
    सोनिया यादव
    ग़रीब कामगार महिलाएं जलवायु परिवर्तन के चलते और हो रही हैं ग़रीब
    03 Feb 2022
    सीमित संसाधनों में रहने वाली गरीब महिलाओं का जीवन जलवायु परिवर्तन से हर तरीके से प्रभावित हुआ है। उनके स्वास्थ्य पर बुरा होने के साथ ही उनकी सामाजिक सुरक्षा भी खतरे में पड़ गई है, इससे भविष्य में…
  • RTI
    अनुषा आर॰
    गुजरात में भय-त्रास और अवैधता से त्रस्त सूचना का अधिकार
    03 Feb 2022
    हाल ही में प्रदेश में एक आरटीआई आवेदक पर अवैध रूप से जुर्माना लगाया गया था। यह मामला आरटीआई अधिनियम से जुड़ी प्रक्रियात्मक बाधाओं को परिलक्षित करता है। यह भी दिखाता है कि इस कानून को नागरिकों के…
  • cartoon
    आज का कार्टून
    कार्टून क्लिक: ये दुःख ख़त्म काहे नहीं होता बे?
    03 Feb 2022
    तीन-तीन साल बीत जाने पर भी पेपर देने की तारीख़ नहीं आती। तारीख़ आ जाए तो रिज़ल्ट नहीं आता, रिज़ल्ट आ जाए तो नियुक्ति नहीं होती। कभी पेपर लीक हो जाता है तो कभी कोर्ट में चला जाता है। ऐसे लगता है जैसे…
  • Akhilesh Yadav
    भाषा
    लोकतंत्र को बचाने के लिए समाजवादियों के साथ आएं अंबेडकरवादी : अखिलेश
    03 Feb 2022
    सपा प्रमुख अखिलेश ने कहा कि, "मैं फिर अपील करता हूं कि हम सब बहुरंगी लोग हैं। लाल रंग हमारे साथ है। हरा, सफेद, नीला… हम चाहते हैं कि अंबेडकरवादी भी साथ आएं और इस लड़ाई को मजबूत करें।"
  • Rahul Gandhi
    भाषा
    मोदी सरकार ने अपनी नीतियों से देश को बड़े ख़तरे में डाला: राहुल गांधी
    03 Feb 2022
    कांग्रेस नेता ने प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘ऐसा लगता है कि एक किंग हैं, शहंशाह हैं, शासकों के शासक हैं। राहुल गांधी ने दो उद्योगपतियों का उल्लेख करते हुए सदन में कहा कि कोरोना के समय कई…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License