NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
कोविड-19
स्वास्थ्य
अस्पताल में भर्ती हुए कोविड-19 के आधे मरीज़ों में एक साल बाद भी लक्षण मौजूद : अध्ययन
चीन के वुहान में 1,276 मरीजों पर किए गए अध्ययन में पाया गया कि तीन लोगों में से एक को 12 महीने बाद भी सांस लेने में दिक्कतें बनी हुई थी जबकि गंभीर रूप से बीमार कुछ मरीजों में फेफड़े से जुड़ी समस्याएं भी मिलीं।
भाषा
27 Aug 2021
अस्पताल में भर्ती हुए कोविड-19 के आधे मरीज़ों में एक साल बाद भी लक्षण मौजूद : अध्ययन

बीजिंग: कोविड-19 के कारण अस्पताल में भर्ती कराए गए लोगों में से करीब आधे में कम से कम एक लक्षण संक्रमण के एक साल बाद भी बना रहता है। शोध पत्रिका ‘लांसेट’ में शुक्रवार को प्रकाशित एक अध्ययन में यह कहा गया है।

चीन के वुहान में 1,276 मरीजों पर किए गए अध्ययन में पाया गया कि तीन लोगों में से एक को 12 महीने बाद भी सांस लेने में दिक्कतें बनी हुई थी जबकि गंभीर रूप से बीमार कुछ मरीजों में फेफड़े से जुड़ी समस्याएं भी मिलीं। कोरोना वायरस से संक्रमित नहीं हुए लोगों की तुलना में संक्रमित लोगों को कम तंदुरुस्त पाया गया।

चीन-जापान फ्रेंडशिप हॉस्पिटल के प्रोफेसर बिन काओ ने कहा, ‘‘हमारा अध्ययन अस्पतालों में भर्ती हुए संक्रमित लोगों के, 12 महीने बाद बीमार होने के संबंध में उपलब्ध कराए गए आंकड़ों पर आधारित है। ज्यादातर मरीज पूरी तरह ठीक हो गए लेकिन गंभीर रूप से बीमार हुए कुछ मरीजों में स्वास्थ्य से जुड़ी दिक्कतें बरकरार थीं।’’

अध्ययन के निष्कर्ष बताते हैं कि कुछ मरीजों के ठीक होने में एक वर्ष से अधिक समय लगेगा, और महामारी के बाद स्वास्थ्य सेवाओं की आपूर्ति की योजना बनाते समय इसे ध्यान में रखा जाना चाहिए। अध्ययन के दौरान उन मरीजों के आंकड़ों का विश्लेषण किया गया जिन्हें सात जनवरी से 29 मई 2020 के दौरान अस्पतालों से छुट्टी दी गयी थी।

इन मरीजों ने अस्पताल से छुट्टी के करीब छह और 12 महीने बाद स्वास्थ्य संबंधी विस्तृत जांच करायी। साथ ही इन लोगों से कई तरह के सवाल भी पूछे गए तथा अलग-अलग तरह की जांच की गयी। अध्ययन में शामिल मरीजों की औसत उम्र 57 साल थी।

शोधकर्ताओं ने कहा कि कोरोना वायरस से संक्रमित होने के आरंभिक दिनों में मरीजों में जो जो लक्षण थे वो धीरे-धीरे खत्म हो गए। हालांकि कुछ मरीजों में कम से कम एक लक्षण मौजूद था। अध्ययन से सामने आया कि थकावट या मांसपेशी की कमजोरी, सबसे सामान्य लक्षण था। संक्रमण के छह महीने बाद भी लोगों को ऐसी दिक्कतों का सामना करना पड़ा वहीं एक साल बाद पांच में से एक मरीज में इस तरह का लक्षण मौजूद था।

करीब एक तिहाई मरीजों ने 12 महीने बाद सांस लेने में दिक्कतों की शिकायत की। ये ऐसे मरीजे थे जो गंभीर रूप से बीमार हुए थे और उन्हें वेंटिलेटर की जरूरत पड़ी थी। शोधकर्ताओं ने कहा कि छह महीने की तुलना में एक साल बाद कुछ मरीजों में बेचैनी और घबराहट की समस्या पहले से ज्यादा बढ़ गयी।

शोध लेखकों में शामिल, चीन-जापान फ्रेंडशिप हॉस्पिटल के शियाओइंग गू ने कहा, ‘‘हम यह पूरी तरह नहीं समझ पाए हैं कि संक्रमण के छह महीने की तुलना में एक साल बाद कुछ दिक्कतें क्यों बढ़ गयीं। संक्रमण के कारण जैविक प्रक्रिया या शरीर की प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया के कारण ऐसा हो सकता है। सामाजिक संपर्क घटना, अकेलापन बढ़ना, पूरी तरह ठीक नहीं होना भी इसके लिए कारण हो सकता है।’’

COVID-19
Coronavirus

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में 2,745 नए मामले, 6 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,706 नए मामले, 25 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,685 नए मामले दर्ज

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,710 नए मामले, 14 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा


बाकी खबरें

  • RAHANE PUJARA
    भाषा
    रणजी ट्राफी: रहाणे और पुजारा पर होंगी निगाहें
    23 Feb 2022
    अपने फॉर्म से जूझ रहे आंजिक्य रहाणे और चेतेश्वर पुजारा अब रणजी ट्रॉफी से वापसी की कोशिश करेंगे। 24 फरवरी को होने वाले मुकाबले में दोनों खिलाड़ियों पर खास नज़र होगी।
  • ibobi singh
    भाषा
    मणिपुर के लोग वर्तमान सरकार से ‘ऊब चुके हैं’ उन्हें बदलाव चाहिए: इबोबी सिंह
    23 Feb 2022
    पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता ओकराम इबोबी सिंह ने कहा "मणिपुर के लोग भाजपा से ऊब चुके हैं। वह खुलकर कह नहीं पा रहे। भाजपा झूठ बोल रही है और खोखले दावे कर रही है। उन्होंने अपने किसी भी वादे को…
  • तारिक़ अनवर
    यूपी चुनाव: बीजेपी के गढ़ पीलीभीत में इस बार असल मुद्दों पर हो रहा चुनाव, जाति-संप्रदाय पर नहीं बंटी जनता
    23 Feb 2022
    पीलीभीत (उत्तर प्रदेश): जैसा वायदा किया गया था, क्या किसानों की आय दोगुनी हो चुकी है? क्या लखीमपुर खीरी में नरसंहार के लिए किसानों को न्याय मिल गया है?
  • vaccine
    ऋचा चिंतन
    शीर्ष कोविड-19 वैक्सीन निर्माताओं ने गरीब देशों को निराश किया
    23 Feb 2022
    फ़ाइज़र, मोडेरना एवं जेएंडजे जैसे फार्मा दिग्गजों ने न तो विश्व स्वास्थ्य संगठन के कोवाक्स में ही अपना कोई योगदान दिया और न ही गरीब देशों को बड़ी संख्या में खुराक ही मुहैया कराई है।
  • vvpat
    एम.जी. देवसहायम
    चुनाव आयोग को चुनावी निष्ठा की रक्षा के लिहाज़ से सभी वीवीपीएटी पर्चियों की गणना ज़रूरी
    23 Feb 2022
    हर एक ईवीएम में एक वीवीपैट होता है, लेकिन मतों की गिनती और मतों को सत्यापित करने के लिए काग़ज़ की इन पर्चियों की गिनती नहीं की जाती है। यही वजह है कि लोग चुनावी नतीजों पर भरोसा नहीं कर पा रहे हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License