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भारत
राजनीति
हरियाणा के मुख्यमंत्री ने चंडीगढ़ मामले पर विधानसभा में पेश किया प्रस्ताव
हरियाणा विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान मनोहर लाल द्वारा पेश प्रस्ताव के अनुसार, ‘‘यह सदन पंजाब विधानसभा में एक अप्रैल 2022 को पारित प्रस्ताव पर चिंता व्यक्त करता है, जिसमें सिफारिश की गई है कि चंडीगढ़ को पंजाब में स्थानांतरित करने के मामले को केंद्र सरकार के समक्ष उठाया जाए।’’
भाषा
05 Apr 2022
khattar

चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने मंगलवार को राज्य विधानसभा में चंडीगढ़ के मुद्दे पर एक प्रस्ताव पेश किया। उन्होंने पंजाब पुनर्गठन अधिनियम से संबंधित सभी चिंताओं को दूर किए जाने तक केंद्र सरकार से मुद्दे पर कोई कदम नहीं उठाने का आग्रह किया।

सदन ने केंद्र सरकार से उच्चतम न्यायालय के ओदश के अनुरूप सतलुज-यमुना लिंक नहर के निर्माण के लिए कदम उठाने का भी अनुरोध किया है।

यह कदम पंजाब विधानसभा द्वारा चंडीगढ़ को तत्काल राज्य को स्थानांतरित करने के लिए एक प्रस्ताव पारित करने के कुछ दिनों बाद आया है। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्र सरकार पर केंद्र-शासित प्रदेश के प्रशासन के साथ-साथ साझा संपत्तियों में संतुलन बिगाड़ने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया था।

चंडीगढ़, पंजाब और हरियाणा की संयुक्त राजधानी है।

हरियाणा विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान मनोहर लाल द्वारा पेश प्रस्ताव के अनुसार, ‘‘यह सदन पंजाब विधानसभा में एक अप्रैल 2022 को पारित प्रस्ताव पर चिंता व्यक्त करता है, जिसमें सिफारिश की गई है कि चंडीगढ़ को पंजाब में स्थानांतरित करने के मामले को केंद्र सरकार के समक्ष उठाया जाए।’’

प्रस्ताव में कहा गया है, ‘‘पूर्णकालिक सदस्यों की नियुक्ति के लिए केंद्र सरकार द्वारा बीबीएमबी (भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड) के नियमों में हालिया संशोधन पंजाब पुनर्गठन अधिनियम 1966 की भावना के खिलाफ है, जो नदी परियोजनाओं को पंजाब और हरियाणा की साझा संपत्ति मानता है।

प्रस्ताव के मुताबिक, ‘‘इन परिस्थितियों में इस सदन ने केंद्र सरकार से आग्रह करने का संकल्प किया है कि वह ऐसा कोई कदम न उठाए, जो मौजूदा संतुलन को बिगाड़े और जब तक पंजाब के पुनर्गठन से उत्पन्न सभी मुद्दों का समाधान न हो जाए, तब तक सद्भाव बनाए रखे।’’

Haryana
chandigarh
manohar laal khattar

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