NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
स्वास्थ्य
भारत
राजनीति
हरियाणा : शिक्षकों को घर-घर जाकर राशन बांटने का आदेश, शिक्षकों ने आदेश को बेतुका बताया
"सरकार को इस गंभीर समस्या के लिए विशेष राहत पैकेज घोषित करने चाहिए जिससे दैनिक मज़दूरी करने वालों, रेहड़ी-पटरी लगाने वालों और स्कूली बच्चों को कुछ राहत मिल सकेगी और इस महामारी से मिलकर लड़ा जा सकेगा।"
मुकुंद झा
23 Mar 2020
mid day meal
Image courtesy: India Today

हरियाणा सरकार की ओर से जारी एक आदेश में अध्यापकों को घर-घर जाकर बच्चों को राशन बांटने को कहा गया है। कोरोना महामारी से बचने के लिए राज्य में लॉकडाउन कर दिया गया है। इसी वजह से 10 दिन की छुट्टियों के दौरान स्कूली बच्चों तक खाना पहुँचाने के लिए विभाग ने शिक्षकों की ड्यूटी लगाई है। शिक्षकों को हर विद्यार्थी के हिस्से में आने वाला खाना उनके घरों तक पहुँचाना होगा। हालांकि, अध्यापकों ने कहा कि इस आदेश में बच्चों की सहायता का उद्देश्य कम व दिखावा ज़्यादा प्रतीत हो रहा है।

पूरा मामला है क्या?

कोरोना वायरस महामारी के कारण अभी स्कुल भी बंद हो गए जिस कारण मिड डे मील की स्कीम भी रुक गई थी। अभी वर्तमान में इस योजना के तहत 9.17 करोड़ छात्रों को भोजन मिल रहा है। इसलिए केरल की वामपंथी सरकार ने सुनिश्चित किया कि बच्चों को मिड डे मिल का भोजन उनके घर पे ही मिले।

जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने इस पर संज्ञान लेते हुए बाक़ी सरकारों को भी कहा की छात्रों को मिड डे मील दिया जाए। इसके तहत अलग-अलग राज्यों में सरकार ने शिक्षकों से कहा है कि वो घर घर जाकर उन्हें राशन पहुंचायें जिसको लकेर शिक्षकों में रोष है।

हरियाणा सरकार ने अपने आदेश में बताया कि प्राथमिक स्कूल में पढ़ने वाले छात्रों को एक किलो अनाज और उससे बड़े बच्चों  को डेढ़ किलो अनाज दिया जाना चाहिये।

IMG-20200323-WA0023.jpg

सरकार के इस आदेश में कई तरह की समस्याए है जिसको लकेर हरियाणा के अध्यपकों ने आपत्ति जताई और इस फ़रमान को बेतुका कहा।

हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ ने कहा है कि सरकार ने पिछले छह महीनों से कई ज़िलों में मिड-डे मील का बजट नहीं बढ़ाया है और न ही कुछ शिक्षकों को मानदेय मिले हैं। संघ ने सवाल किया कि जब बजट ही नहीं होगा तो बच्चों की सहायता कैसे संभव है। वर्कर इस महंगाई व महामारी के समय बिना मानदेय के कैसे अपना व अपने परिवार का बचाव कर सकेंगे।

शिक्षक संघ के नेताओं ने यह भी कहा कि जिस राशन के लिए अध्यापकों को इस महामारी के समय घर-घर घुमाया जा रहा है उसकी प्राथमिक स्तर पर मात्रा सिर्फ़ एक किलो और उच्च प्राथमिक स्तर पर डेढ़ किलो है और संक्रमण फैलने का ख़तरा बहुत बड़ा है। एक ओर प्रधानमंत्री व सारा देश घरों में रहने की हिदायतें दे रहा है पर शिक्षा विभाग इसके एकदम उलट आदेश जारी कर रहा है।

हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ ने कहा है, "बच्चों व अभिभावकों की मदद का पक्षधर है और मांग करता है कि अगर सरकार वास्तव में गरीब बच्चों व अभिभावकों की कुछ मदद करना चाहती है तो मिड-डे मील का बजट तुरंत जारी किया जाए। राशन बांटने, पैकिंग, बजट संबंधी विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए जाएं।"

हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के राज्य अध्यक्ष सी एन भारती ने कहा, "सरकार को इस गंभीर समस्या के लिए विशेष राहत पैकेज घोषित करने चाहिए जिससे दैनिक मज़दूरी करने वालों, रेहड़ी-पटरी लगाने वालों और स्कूली बच्चों को कुछ राहत मिल सकेगी और इस महामारी से मिलकर लड़ा जा सकेगा। अनेक देशों में सरकारें ऐसा कर चुकी हैं, हमारे देश में भी केरल सरकार ऐसा उदाहरण प्रस्तुत कर चुकी है।"

Haryana
haryana school
mid day meal
Distribute ration to teachers from house to house
Coronavirus
COVID-19
Haryana Government
Manohar Lal khattar

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में 2,745 नए मामले, 6 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,706 नए मामले, 25 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,685 नए मामले दर्ज

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,710 नए मामले, 14 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा


बाकी खबरें

  • BIRBHUMI
    रबीन्द्र नाथ सिन्हा
    टीएमसी नेताओं ने माना कि रामपुरहाट की घटना ने पार्टी को दाग़दार बना दिया है
    30 Mar 2022
    शायद पहली बार टीएमसी नेताओं ने निजी चर्चा में स्वीकार किया कि बोगटुई की घटना से पार्टी की छवि को झटका लगा है और नरसंहार पार्टी प्रमुख और मुख्यमंत्री के लिए बेहद शर्मनाक साबित हो रहा है।
  • Bharat Bandh
    न्यूज़क्लिक टीम
    देशव्यापी हड़ताल: दिल्ली में भी देखने को मिला व्यापक असर
    29 Mar 2022
    केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के द्वारा आवाह्न पर किए गए दो दिवसीय आम हड़ताल के दूसरे दिन 29 मार्च को देश भर में जहां औद्दोगिक क्षेत्रों में मज़दूरों की हड़ताल हुई, वहीं दिल्ली के सरकारी कर्मचारी और…
  • IPTA
    रवि शंकर दुबे
    देशव्यापी हड़ताल को मिला कलाकारों का समर्थन, इप्टा ने दिखाया सरकारी 'मकड़जाल'
    29 Mar 2022
    किसानों और मज़दूरों के संगठनों ने पूरे देश में दो दिवसीय हड़ताल की। जिसका मुद्दा मंगलवार को राज्यसभा में गूंजा। वहीं हड़ताल के समर्थन में कई नाटक मंडलियों ने नुक्कड़ नाटक खेलकर जनता को जागरुक किया।
  • विजय विनीत
    सार्वजनिक संपदा को बचाने के लिए पूर्वांचल में दूसरे दिन भी सड़क पर उतरे श्रमिक और बैंक-बीमा कर्मचारी
    29 Mar 2022
    "मोदी सरकार एलआईसी का बंटाधार करने पर उतारू है। वह इस वित्तीय संस्था को पूंजीपतियों के हवाले करना चाहती है। कारपोरेट घरानों को मुनाफा पहुंचाने के लिए अब एलआईसी में आईपीओ लाया जा रहा है, ताकि आसानी से…
  • एम. के. भद्रकुमार
    अमेरिका ने ईरान पर फिर लगाम लगाई
    29 Mar 2022
    इज़रायली विदेश मंत्री याइर लापिड द्वारा दक्षिणी नेगेव के रेगिस्तान में आयोजित अरब राजनयिकों का शिखर सम्मेलन एक ऐतिहासिक परिघटना है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License