NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
मज़दूर-किसान
भारत
राजनीति
हरियाणा: जेजेपी विधायक के ख़िलाफ़ कार्रवाई और किसानों पर लगे केस वापस लेने की मांग को लेकर टोहाना में जुटे हज़ारों किसान
चढूनी ने बताया किसानों की बैठक में फैसला लिया गया है कि विधायक देवेंद्र बबली माफी मांगे या प्रशासन विधायक पर दंगे भड़काने और किसानों से गाली-गलौज करने का मुक़दमा दर्ज करे, नहीं तो आने वाली 7 जून को 11 बजे से 1 बजे तक हरियाणा के सभी पुलिस थानों का घेराव किया जाएगा।
मुकुंद झा
03 Jun 2021
हरियाणा: जेजेपी विधायक के ख़िलाफ़ कार्रवाई और किसानों पर लगे केस वापस लेने की मांग को लेकर टोहाना में जुटे हज़ारों किसान
फोटो साभार : अमर उजाला

हरियाणा में किसानों और विधायकों के बीच टकराव रुक नहीं रहा है। मंगलवार को टोहाना से जननायक जनता दल (जेजेपी) के विधायक देवेन्द्र बबलीपर किसानों को गाली देने का आरोप लगा था, जिसके बाद वो बड़ी मुश्किल से अपनी गाड़ी के साथ किसानों के बीच से निकल पाए थे। किसानों ने उन्हें उनकी ही गाड़ी में बंधक बना लिया था, बाद में पुलिस की मदद से वे बाहर निकल पाए। बुधवार को विधायक से नाराज़ किसानों का टोहाना में बड़ा प्रदर्शन हुआ। टोहाना के हिसार रोड स्थित टाउन पार्क के बाहर हजारों किसानों ने सड़क पर ही एकत्रित हुए। किसानों ने एक काफ़िले को लेकर एसडीएम कार्यालय की तरफ चले और हज़ारों किसानों ने एसडीएम कार्यालय का घेराव किया और वहीं पर अपनी सभा का संचालन भी किया। जिसके बाद प्रशासन ने बातचीत के लिए किसानों के डेलिगेशन को बुलाया जिसमें स्थानीय नेताओं के साथ ही संयुक्त किसान मोर्चे के नेता भी शामिल हुए। इस मीटिंग और इसके बाद किसानोंकी अपनी एक संयुक्त मीटिंग हुई जीके बारे भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष और संयुक्त मोर्चा के नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने जानकारी दी

उन्होंने मुख्य मांगों को लेकर प्रशासन के समक्ष बात रखी है। मंच से गुरनाम सिंह ने कहा कि विधायक और किसानों के बीच हुए मामले को लेकर किसानों पर जो मामले दर्ज किए गए हैं, वह वापस लिए जाएं। विधायक या तो किसानों के पास आकर माफी मांगे या फिर प्रशासन विधायक के खिलाफ मुकदमा दर्ज करें। 

उन्होंने कहा कि जिस प्रकार की भाषा का प्रयोग विधायक द्वारा किया गया है, उससे किसानों में रोष बना हुआ है।

चढूनी ने बताया किसानों की बैठक में फैसला लिया गया कि विधायक देवेंद्र बबली माफी मांगे या प्रशासन विधायक पर दंगे भड़काने और किसानों से गाली-गलौज करने का मुक़दमा दर्ज करे, नहीं तो आने वाली 7 जून को 11 बजे से 1 बजे तक हरियाणा के सभी पुलिस थानों का घेराव किया जाएगा। जजपा विधायक देवेंद्र बबली द्वारा किसानों को अपशब्द बोले जाने और किसानों पर पुलिस केस दर्ज करने के विरोध में यह फैसला लिया गया है। अगर 7 तारीख तक भी किसानों के खिलाफ दर्ज केस वापस नहीं होते और विधायक बबली माफी नहीं मानते तो 11 और 12 जून टोहाना के हर गाँव मे विशाल प्रदर्शन किए जाएंगे।

हालंकि इस बीच खबर आई कि कुछ किसानों ने संयुक्त मोर्चा की बात न मानते हुए देर शाम विधायक निवास की तरफ बढ़े और उनका घेराव किया। जिसके बाद हरियाणा पुलिस ने कुछ किसानोंको हिरासत में भी ले लिया था।

राज्य के गृह मंत्री अनिल विज ने कहा कि प्रदर्शनकारी 200 मीटर दूर खड़े होकर भी काले झंडे दिखा सकते थे, लेकिन उन्होंने विधायक की कार के शीशे तोड़े और हमला किया। इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है और विस्तृत जांच की जा रही है।

विज ने कहा कि किसानों का यह कैसा प्रदर्शन है, जिसमें किसी चुने हुए जन प्रतिनिधि को किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में हिस्सा लेने से रोका जा रहा है।

दरअसल, जेजेपी के नेता देवेन्द्र सिंह बबली को मंगलवार को टोहाना में प्रदर्शनकारियों ने काले झंडे दिखाकर उनका विरोध किया। बबली का आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने उनकी कार पर हमला कर उन्हें जान से मारने की कोशिश की, जिसमें उनका निजी सहायक घायल हो गया। बबली ने कहा कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने उनके साथ अभद्र व्यवहार करते हुए भद्दी गालियां भी दीं।

वहीं प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बबली ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया जिसके लिए बबली को माफी मांगनी चाहिए।

इस घटना के बाद किसानों ने कुछ घंटों के लिए चंडीगढ़-टोहाना रोड को बंद भी कर दिया था।

यह कोई पहला मौका नहीं जब बीजेपी या जेजेपी के नेताओं को किसानों के गुस्से का शिकार होना पड़ा हो या इन दलों के नेताओं ने किसानों के लिए अभद्र भाषा का प्रयोग किया हो।

गौरतलब है कि हरियाणा में कई किसान संगठन भारतीय जनता पार्टी और उसके साथ राज्य में गठबंधन की सरकार चला रहे जेजेपी के नेताओं के कार्यक्रमों का विरोध कर रहे हैं। हाल ही में हरियाणा के हिसार में भी किसानों ने मुख्यमंत्री मनोहर लाला खट्टर का विरोध किया था जिसके बाद पुलिस ने किसानों पर बर्बर लाठी चार्च किया और मुक़दमे लगाए थे लेकिन बाद में किसानों ने लाखो की संख्या में उतरकर हिसार में कमिश्नरी का घेराव किया था। इसके बाद प्रशासन ने न सिर्फ सभी मुक़दमे वापस लिए बल्कि बिना शर्त माफ़ी भी मांगी थी।

किसान नेताओं ने टोहना की घटना के बाद भी सरकार को चेताया और कहा कि लगता है सरकार हिसार का घेराव भूल गई है। अगर सरकार हमारी मांग नहीं मानती तो हम एक बार फिर लाखों की संख्या में टोहना घेराव करेंगे।

किसानों की 3 प्रमुख मांगें हैं-

● MLA देवेंद्र बबली कल के घटनाक्रम की माफी मांगे

● कल टोहाना में किसानों पर किए गए मुकदमे वापिस हों

● दंगा भड़काने और किसानों के साथ गाली-गलौज करने का MLA पर मुकदमा दर्ज हो

दूसरी तरफ पिछले 189 दिनों से दिल्ली की सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे किसान आज भी उसी मज़बूती से डटे हुए हैं। किसान आंदोलन के प्रचार-प्रसार में अहम योगदान निभाने वाले ट्विटर अकाउंट ‘ट्रैक्टर टू ट्विटर’ को एक मीडिया संगठन द्वारा मानहानि का नोटिस भेजा गया है। जिसको लेकर किसान संयुक्त मोर्चा ने गंभीर आपत्ति जताई और कहा यह अकाउंट पूर्ण रूप से तथ्यों के आधार पर अपने विचार रख रहा है। इस तरह से मानहानि के नोटिस भेजना किसानों की आवाज दबाने के बराबर है। संयुक्त किसान मोर्चा इस कदम की सख्त निंदा करता है। इस एकाउंट के संबंधित व्यक्ति पूरी कानूनी कार्रवाई में शामिल होंगे और अपना पक्ष रखेंगे।

मोर्चा ने कहा पिछले दिनों से खराब मौसम के चलते तूफान व बारिश से किसानों के टेंट उखड़ गए थे जिससे किसानों का भारी नुकसान हुआ था। मंगलवार से ही किसानों ने धरनास्थलों पर सफाई करते हुए फिर से प्रबंध करना शुरू कर दिया था। किसान लगातार मेहनत कर अपने रहने व लंगर बनाने का प्रबंध कर रहे हैं। शाहजहांपुर बॉर्डर पर भारी नुकसान के बाद जन सहयोग व जन कल्याण के संगठनों द्वारा किसानों के टेंट व अन्य प्रबंधन किये गए। अब किसानों ने पहले से बेहतर स्थिति में टेंट लगाए हैं व धरना प्रदर्शन जारी रखा है। सरकार के किसानों को हिंसक दिखाने के अनेक प्रयासों के बाद भी किसान शांतमय प्रदर्शन कर रहे हैं।

सयुंक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर किसान लगातार दिल्ली मोर्चो पर पहुंच रहे हैं। आज भी सैंकड़ो की संख्या में किसान सिंघू बॉर्डर पहुंचे हैं। किसान नेताओं ने जत्थों का स्वागत करते हुए मोर्चा को मजबूत करने की जिम्मेदारी दी।

किसान अब लंबे संघर्ष की तैयारी में हैं। पहले किसानों ने 6 महीने की तैयारी की थी पर सरकार किसानों की मांगें नहीं मान रही है। किसानों ने अपनी मांगे माने जाने तक धरना जारी रखने का संकल्प लिया है और सभी तरह के प्रबंध भी कर लिए हैं।

farmers protest
Haryana
Tohana
JJP
JJP MLA

Related Stories

छोटे-मझोले किसानों पर लू की मार, प्रति क्विंटल गेंहू के लिए यूनियनों ने मांगा 500 रुपये बोनस

हिसारः फसल के नुक़सान के मुआवज़े को लेकर किसानों का धरना

किसान-आंदोलन के पुनर्जीवन की तैयारियां तेज़

यूपी चुनाव: किसान-आंदोलन के गढ़ से चली परिवर्तन की पछुआ बयार

किसानों ने 2021 में जो उम्मीद जगाई है, आशा है 2022 में वे इसे नयी ऊंचाई पर ले जाएंगे

पंजाब : किसानों को सीएम चन्नी ने दिया आश्वासन, आंदोलन पर 24 दिसंबर को फ़ैसला

लखीमपुर कांड की पूरी कहानी: नहीं छुप सका किसानों को रौंदने का सच- ''ये हत्या की साज़िश थी'’

किसान आंदोलन@378 : कब, क्या और कैसे… पूरे 13 महीने का ब्योरा

जीत कर घर लौट रहा है किसान !

किसान आंदोलन की ऐतिहासिक जीत , 11 को छोड़ेंगे मोर्चा


बाकी खबरें

  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 11,499 नए मामले, 255 मरीज़ों की मौत
    26 Feb 2022
    देश में एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 0.28 फ़ीसदी यानी 1 लाख 21 हज़ार 881 हो गयी है।
  • up elections
    रवि शंकर दुबे
    यूपी चुनाव, पांचवां चरण: अयोध्या से लेकर अमेठी तक, राम मंदिर पर हावी होगा बेरोज़गारी का मुद्दा?
    26 Feb 2022
    पांचवें चरण के चुनावों में अयोध्या, प्रयागराज और चित्रकूट.... तीन-तीन धर्म नगरी शामिल हैं, जो हमेशा से चुनावों में भाजपा का बड़ा हथियार रही हैं, इसके बावजूद इस बार बेरोज़गारी और महंगाई भाजपा के लिए…
  • pak
    श्रिया सिंह
    पाकिस्तानी छात्रों का छात्र संगठन पर प्रतिबंध के ख़िलाफ़ जारी संघर्ष को सिंह प्रांत में मिली बड़ी जीत
    26 Feb 2022
    क़रीब 38 साल पहले जनरल ज़िया उल हक़ की सैन्य तानाशाही सरकार के दौरान छात्र संगठनों पर प्रतिबंध लगाया गया था। अब अगर सिंध के गवर्नर इमरान इस्माइल सिंध स्टूडेंट यूनियंस बिल 2019 पर हस्ताक्षर कर देते हैं…
  • human
    संदीपन तालुकदार
    सबसे बड़ा फ़ैमिली ट्री बनने से आसान हुई पलायन और वंशावली की खोज
    26 Feb 2022
    शोधकर्ताओं ने जेनेटिक्स का इस्तेमाल कर अब तक का सबसे बड़ा फ़ैमिली ट्री तैयार किया है। इसके बनने से पूर्वजों की जानकारी और अभी जो ज़िंदा हैं उनसे उनके संबंधों के बारे में जानकारी मिलना आसान हो गया है।
  • chunav chakra
    न्यूज़क्लिक टीम
    चुनाव चक्र: उत्तर प्रदेश का आधे से ज़्यादा रास्ता तय, मणिपुर में भी वोट की जंग
    25 Feb 2022
    इस बार उत्तर ही नहीं पूर्वोत्तर में भी वोट की जंग है। उत्तर प्रदेश अपने चार चरण पूरे कर चुका है और 27 फरवरी को पांचवें चरण का वोट करेगा, जबकि पूर्वोत्तर का अहम राज्य मणिपुर पहले चरण के मतदान के लिए…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License