NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
हरियाणा: किसान आंदोलन का असर, महापौर चुनाव में भाजपा-जजपा गठबंधन को झटका
हरियाणा में सत्तारूढ़ भाजपा-जजपा गठबंधन को बुधवार को उस समय झटका लगा जब महापौर की तीन सीटों के लिए हुए चुनाव में उसे सिर्फ एक जगह ही कामयाबी मिल सकी।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
31 Dec 2020
किसान आंदोलन का असर, महापौर चुनाव में भाजपा-जजपा गठबंधन को झटका
Image courtesy: Jansatta

देशभर के किसान नए कृषि कानूनों के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन कर रहे है परन्तु हरियाणा और पंजाब इस आंदोलन के अगुआ है। आंदोलन के शुरआती दौर में हरियाणा की बीजेपी सरकार ने किसान आंदोलन को कुचलने के लिए उनपर लाठीचार्च , भीषण ठंड में पानी की बौछार और आंसू जैसे के गोलों से हमले किये थे। तभी किसानों ने साफ़तौर पर कहा था वो इसका बदला चुनावो में लेंगे। इसका असर इसबार के चुनावो मेंभी दिखा। हरियाणा में सत्तारूढ़ भाजपा-जजपा गठबंधन को बुधवार को उस समय झटका लगा जब महापौर की तीन सीटों के लिए हुए चुनाव में उसे सिर्फ एक जगह ही कामयाबी मिल सकी।

आपको बता दे अंबाला, पंचकुला और सोनीपत शहरों में महापौर पद के लिए रविवार को चुनाव हुए थे। भाजपा को पंचकुला में जीतने के लिए संघर्ष करना पड़ा वहीं कांग्रेस और हरियाणा जन चेतना पार्टी ने क्रमशः सोनीपत और अंबाला में आसान जीत हासिल की। यह पहला मौका था कि तीन शहरों में महापौर पदों के लिए प्रत्यक्ष चुनाव हुए थे।

दो साल पहले हरियाणा के पांच शहरों में महापौर चुनावों में भाजपा को जीत मिली थी। भाजपा ने 2018 में हिसार, करनाल, पानीपत, रोहतक और यमुनानगर में महापौर के चुनाव जीते थे।

इस साल नवंबर में, सत्तारूढ़ गठबंधन को उस समय झटका लगा था जब सोनीपत में बडोदा विधानसभा उपचुनाव जीतने में उसे हार का सामना करना पड़ा। कांग्रेस ने सीट पर अपना कब्जा बरकरार रखा।

अंबाला में महापौर पद के लिए हुए चुनाव में पूर्व केंद्रीय मंत्री विनोद शर्मा की पत्नी और हरियाणा जन चेतना पार्टी (एचजेसीपी) की उम्मीदवार शक्ति रानी शर्मा विजयी रहीं। उन्होंने भाजपा उम्मीदवार वंदना शर्मा को 8,084 मतों से हराया। अधिकारियों ने बताया कि कांग्रेस उम्मीदवार चौथे स्थान पर रहे।

भाजपा के कुलभूषण गोयल पंचकूला में नए महापौर होंगे। उन्होंने कांग्रेस की उपिंदर कौर अहलूवालिया को 2,057 वोटों से हराया। पंचकूला में 1,333 मतदाताओं ने नोटा विकल्प का प्रयोग किया।

सोनीपत में कांग्रेस ने महापौर का चुनाव जीता। पार्टी के निखिल मदान ने भाजपा के ललित बत्रा को 13,818 मतों से पराजित किया।

तीनों शहरों के सभी वार्डों के पार्षदों के चुनाव के लिए भी मतदान हुआ था। रेवाड़ी में नगरपालिका परिषद के अध्यक्ष और सदस्यों के अलावा सांपला (रोहतक), धारूहेड़ा (रेवाड़ी) और उकलाना (हिसार) की नगरपालिका समितियों के चुनाव के लिए भी मतदान हुआ था।

अंबाला में भाजपा ने 20 में से आठ, एचजेसीपी ने सात, कांग्रेस ने तीन और हरियाणा डेमोक्रेटिक फ्रंट ने दो सीटें जीतीं।

सोनीपत में भाजपा ने 10 वार्ड में जीत हासिल की जबकि कांग्रेस को नौ सीटें मिलीं, वहीं एक सीट पर निर्दलीय विजयी हुआ।

पंचकुला में भाजपा और कांग्रेस ने क्रमशः नौ और सात सीटें जीतीं वहीं जजपा को दो सीटें मिलीं।

रेवाड़ी नगरपालिका अध्यक्ष के लिए चुनाव में भाजपा की पूनम यादव विजयी रहीं। उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार उपमा यादव को 2,087 मतों से हराया। कांग्रेस तीसरे स्थान पर रही।

भाजपा-जजपा गठबंधन धारुहेड़ा, सांपला और उकलाना में नगरपालिका समितियों का अध्यक्ष पद हासिल करने में विफल रहा। वहां निर्दलीय उम्मीदवारों को जीत हासिल हुयी। धारुहेड़ा से कंवर सिंह, सांपला से पूजा और उकलाना में सुशील साहू वाला विजयी हुए।

किसान आंदोलन के बाद यह पहला प्रत्यक्ष चुनाव था जिसमे भाजपा को भारी नुकशान हुआ।  हालंकि यह मान जाता है कि इस तरह के चुनवों में स्थनीय मुद्दे हावी होते है लेकिन इसबार का चुनाव किसान आंदोलन के साये  हुआ था।  भाजपा ने पाना पूरा जोड़ लगा दिया था, यहां तक की ख़ुद मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने अपने समर्थित उम्मीवारों के लिए वोट मांगे थे।  चुनाव प्रचार के दौरना भी उन्हें विरोध का समाना करना पड़ा था।  

इस तरह का रविवार को कर्नाटक के स्थनीय चुनावो के नतीज़े आए वहां भी भाजपा को निराशा ही लगी। हालंकि वहां भाजपा और कांग्रेस दोनों के नेता खुद के समर्थित उम्मीदवारों के जितने का दाव कर रहे है।  

(समाचार एजेंसी भाषा इनपुट के साथ)

Haryana
farmers protest
Farm bills 2020
BJP
manohar laal khattar
JJP
BJP-JJP alliance
Haryana Municipal Election

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

गुजरात: भाजपा के हुए हार्दिक पटेल… पाटीदार किसके होंगे?


बाकी खबरें

  • RELIGIOUS DEATH
    श्रुति एमडी
    तमिलनाडु : किशोरी की मौत के बाद फिर उठी धर्मांतरण विरोधी क़ानून की आवाज़
    27 Jan 2022
    कथित रूप से 'जबरन धर्मांतरण' के बाद एक किशोरी की हालिया खुदकुशी और इसके ख़िलाफ़ दक्षिणपंथी संगठनों की प्रतिक्रिया ने राज्य में धर्मांतरण विरोधी क़ानून की मांग को फिर से केंद्र में ला दिया है।
  • cb
    वर्षा सिंह
    उत्तराखंड चुनाव: ‘बीजेपी-कांग्रेस दोनों को पता है कि विकल्प तो हम दो ही हैं’
    27 Jan 2022
    उत्तर प्रदेश से अलग होने के बाद उत्तराखंड में 2000, 2007 और 2017 में भाजपा सत्ता में आई। जबकि 2002 और 2012 के चुनाव में कांग्रेस ने सरकार बनाई। भाजपा और कांग्रेस ही बारी-बारी से यहां शासन करते आ रहे…
  •  नौकरी दो! प्राइम टाइम पर नफरती प्रचार नहीं !
    न्यूज़क्लिक प्रोडक्शन
    नौकरी दो! प्राइम टाइम पर नफरती प्रचार नहीं !
    27 Jan 2022
    आज के एपिसोड में अभिसार शर्मा बात कर रहे हैं रेलवे परीक्षा में हुई धांधली पर चल रहे आंदोलन की। क्या हैं छात्रों के मुद्दे और क्यों चल रहा है ये आंदोलन, आइये जानते हैं अभिसार से
  • सोनिया यादव
    यूपी: महिला वोटरों की ज़िंदगी कितनी बदली और इस बार उनके लिए नया क्या है?
    27 Jan 2022
    प्रदेश में महिलाओं का उम्मीदवार के तौर पर चुनाव जीतने का औसत भले ही कम रहा हो, लेकिन आधी आबादी चुनाव जिताने का पूरा मददा जरूर रखती है। और शायद यही वजह है कि चुनाव से पहले सभी पार्टियां उन्हें लुभाने…
  • यूपी चुनाव:  उन्नाव पीड़िता की मां के बाद अब सोनभद्र की ‘किस्मत’ भी कांग्रेस के साथ!
    रवि शंकर दुबे
    यूपी चुनाव: उन्नाव पीड़िता की मां के बाद अब सोनभद्र की ‘किस्मत’ भी कांग्रेस के साथ!
    27 Jan 2022
    यूपी में महिला उम्मीदवारों के लिए प्रियंका गांधी की तलाश लगातार जारी है, प्रियंका गांधी ने पहले उन्नाव रेप पीड़िता की मां पर दांव लगाया था, और अब वो सोनभद्र नरसंहार में अपने भाई को खो चुकी महिला को…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License