NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
कोविड-19
भारत
दिल्ली के श्मशानों में दाह संस्कार के लिए करना पड़ रहा है 20 घंटे का इंतजार
‘‘मैं अपने जीवन में कभी ऐसे खराब हालात नहीं देखे। लोग अपने प्रियजनों का शव लेकर भटक रहे हैं। दिल्ली के लगभग सभी श्मशान स्थल शवों से भर चुके हैं।’’
भाषा
28 Apr 2021
दिल्ली के श्मशानों में दाह संस्कार के लिए करना पड़ रहा है 20 घंटे का इंतजार
image courtesy ; asianetnews.com

नयी दिल्ली:दिल्ली में कोरोना महामारी से मची तबाही का मंजर श्मशान घाटों पर लगातार देखने को मिल रहा है। स्थिति यह है कि लोगों को अपने प्रियजनों के शवों का दाह संस्कार करने के लिए 20-20 घंटे तक का इंतजार करना पड़ रहा है।

यहां के एक श्मशान स्थल पर मंगलवार को 50 चिताएं जलीं। वहां कई शव पड़े हुए थे और कई अन्य वहां खड़े वाहनों में रखे हुए थे। कोरोना संक्रमण के कारण जान गंवाने लोगों के परिजन अंत्येष्ठि के लिए अपनी बारी के लिए प्रतीक्षारत थे।

ये दिल दहला देने वाला दुखद दृश्य नयी दिल्ली के श्मशान स्थलों के हैं।

‘मैसी फ्यूनरल’ की मालकिन विनीता मैसी ने ‘पीटीआई-भाषा’ से बातचीत में कहा, ‘‘मैं अपने जीवन में कभी ऐसे खराब हालात नहीं देखे। लोग अपने प्रियजनों का शव लेकर भटक रहे हैं। दिल्ली के लगभग सभी श्मशान स्थल शवों से भर चुके हैं।’’

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस महीने में 3,601 लोगों की मौत हुई है। इनमें से 2,267 लोगों की मौत पिछले एक हफ्ते में हुई है। पूरे फरवरी में, मृत्यु का आंकड़ा 57 और मार्च 117 लोगों की मौत इस महामारी के कारण हुई।

अपने प्रियजन या रिश्तेदारों के अचानक से गुजर जाने के गम में डूबे लोगों को यह दुख भी सता रहा है कि वे अपनों को आखिरी विदाई भी नहीं दे पा रहे हैं।

लोग अपने निजी वाहनों या फिर एंबुलेंस से शवों को लेकर श्मशान पहुंच रहे हैं और फिर उन्हें एक के बाद दूसरे और फिर कई अन्य श्मशानों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। उन्हें अपने पिता, माता, बेटे या बेटी का दाह संस्कार के लिए बहुत ही संघर्ष करना पड़ रहा है।

दिल्ली के अशोक नगर इलाके में रहने वाले अमन अरोड़ा के पिता एम एल अरोड़ा की सोमवार दोपहर दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई।

अमन कहते हैं, ‘‘ पिता की तबियत खराब होने के बाद हम उन्हें लेकर कई निजी अस्पतालों में गए, लेकिन स्वास्थकर्मियों ने उन्हें छुआ तक नहीं। वे कोरोना की जांच नेगेटिव होने का प्रमाणपत्र मांगते रहे। इस तरह से उनकी मौत हो गई।’’

उनका कहना है कि पश्चिमी दिल्ली के सुभाष नगर श्मशान घाट के कर्मचारियो ने सोमवार दोपहर को उन्हें बताया कि उनके पिता का अंतिम संस्कार मंगलवार सुबह ही हो पाएगा।

स्थिति को देखते हुए अमन ने अपने पिता के शव की संरक्षित रखने के लिए रेफ्रिरेटर का प्रबंध किया।

श्मशान स्थलों पर काम करने वाले कई कर्मचारी भी लोगों के साथ सख्त अंदाज में पेश आ रहे हैं।

एक युवा कर्मचारी यह कहते सुना गया, ‘‘अपनी डेड बॉडी उठाओ और ऊधर लाइन में खड़े हो जाओ।’’ सामाजिक कार्यकर्ता और पूर्व आईएएस अधिकारी हर्ष मंदर कहते हैं, ‘‘यह समय लोगों के प्रति हमदर्दी और एकजुटता दिखाने का है। इस महामारी ने हमें सिखाया है कि हम सब साथ हैं।’’


बाकी खबरें

  • Gujarat Riots
    बादल सरोज
    गुजरात दंगों की बीसवीं बरसी भूलने के ख़तरे अनेक
    05 Mar 2022
    इस चुनिन्दा विस्मृति के पीछे उन घपलों, घोटालों, साजिशों, चालबाजियों, न्याय प्रबंधन की तिकड़मों की याद दिलाने से बचना है जिनके जरिये इन दंगों के असली मुजरिमों को बचाया गया था।
  • US Army Invasion
    रॉजर वॉटर्स
    जंग से फ़ायदा लेने वाले गुंडों के ख़िलाफ़ एकजुट होने की ज़रूरत
    05 Mar 2022
    पश्चिमी मीडिया ने यूक्रेन विवाद को इस तरह से दिखाया है जो हमें बांटने वाले हैं। मगर क्यों न हम उन सब के ख़िलाफ़ एकजुट हो जाएं जो पूरी दुनिया में कहीं भी जंगों को अपने फ़ायदे के लिए इस्तेमाल करते हैं?
  • government schemes
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना के दौरान सरकारी योजनाओं का फायदा नहीं ले पा रहें है जरूरतमंद परिवार - सर्वे
    05 Mar 2022
    कोरोना की तीसरी लहर के दौरान भारत के 5 राज्यों (दिल्ली, झारखंड, छत्तीसगढ, मध्य प्रदेश, ओडिशा) में 488 प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना हेतु पात्र महिलाओं के साथ बातचीत करने के बाद निकले नतीजे।
  • UP Elections
    इविता दास, वी.आर.श्रेया
    यूपी चुनाव: सोनभद्र और चंदौली जिलों में कोविड-19 की अनसुनी कहानियां हुईं उजागर 
    05 Mar 2022
    ये कहानियां उत्तर प्रदेश के सोनभद्र और चंदौली जिलों की हैं जिन्हे ऑल-इंडिया यूनियन ऑफ़ फ़ॉरेस्ट वर्किंग पीपल (AIUFWP) द्वारा आयोजित एक जन सुनवाई में सुनाया गया था। 
  • Modi
    लाल बहादुर सिंह
    यूपी चुनाव : क्या पूर्वांचल की धरती मोदी-योगी के लिए वाटरलू साबित होगी
    05 Mar 2022
    मोदी जी पिछले चुनाव के सारे नुस्खों को दुहराते हुए चुनाव नतीजों को दुहराना चाह रहे हैं, पर तब से गंगा में बहुत पानी बह चुका है और हालात बिल्कुल बदल चुके हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License