NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
‘स्वस्थ बिहार हमारा अधिकार’ अभियान ने दिखलाया सरकार को आईना
15 अगस्त के दिन पटना के गांधी मैदान में सबसे अधिक बार झंडा फहराने वाले मुख्यमंत्री का खिताब पाने वाले नीतीश कुमार ने हमेशा की भांति पूर्ववर्ती सरकार को कोसने का ही अपना राजधर्म निभाया और कोरोना माहमारी से लड़ने में अपनी नाकामी पर चुप्पी बनाए रखी।
अनिल अंशुमन
17 Aug 2021
‘स्वस्थ बिहार हमारा अधिकार’ अभियान ने दिखलाया सरकार को आईना

केंद्र में काबिज़ सत्ताधारी गठबंधन की बिहार स्थित डबल ईंजन सरकार के अद्भुत कारनामों के अपने ही अंदाज़ हैं। प्रत्येक दिन के मिडिया अपडेट में सरकार के कम से कम दो माननीय प्रवक्ताओं के बयानों के लिए कॉलम सुरक्षित रहते हैं, जिनमें वे अपनी सरकार की विफलताओं और नकारेपन पर उठ रहे किसी भी सवालों के जवाब में लालू प्रसाद व तेजस्वी यादव के परिवारवाद और विपक्षी महागठबंधन पर ही सारा ठीकरा फोड़ने में स्थायी रूप से लगे रहते हैं।

देश के स्वाधीनता दिवस पर राजधानी के गाँधी मैदान में सबसे अधिक बार झंडा फहराने वाले मुख्यमंत्री का खिताब पाने पर नीतीश कुमार ने हमेशा की भांति पूर्ववर्ती सरकार को कोसने का ही राजधर्म निभाया और बिहार में सुशासन के 5,474 दिन पूरे करने के लिए अपनी ही पीठ खुद ही ठोकी।

समारोह में मुख्यमंत्री जी के कसीदे पढ़ते हुए सरकार के मंत्रियों ने विपक्षी महागठबंधन पर विकास विरोधी होने का आरोप लगाया। समारोह से कई लोकलुभावन योजनाओं की घोषणा हुई, लेकिन एक बार भी मुख्यमंत्री व उनके आला नेताओं ने अपनी सरकार और स्वास्थ्य व्यवस्था की विफलताओं के कारण कोरोना महामारी से हुई प्रदेश के लोगों की भारी तबाही और अकाल  मौतों पर कोई खेद व्यक्त करना उचित नहीं समझा। करप्शन और कम्युनिलिज्म के प्रति जीरो टॉलरेन्स की निति पर कायम रहने का दावा करते हुए, बाढ़ पीड़ितों को तो कृषि इनपुट अनुदान देने की घोषणा की गयी, लेकिन कोरोना से अपनों की जान गंवाने वाले पीड़ित परिजनों को कोई मुआवज़ा व राहत देने की बात सिरे से गायब रखी गयी।

विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा संभावित तीसरी लहर की चेतावनियों के मद्दे नज़र ज़रूरी तैयारियों को लेकर भी कुछ नहीं कहा गया. 15 अगस्त पर आयोजित सभी सरकारी समारोहों में कोरोना प्रोटोकॉल की धज्जियाँ उड़ाते हुए यही एहसास कराया गया कि कोरोना महामारी का अब कोई संकट नहीं है।       

स्वतंत्रता दिवस के महज दो दिन पूर्व 13 अगस्त को भाकपा माले द्वारा पिछले कई दिनों से पूरे प्रदेश में संचालित ‘स्वस्थ्य बिहार हमारा अधिकार’ अभियान के तहत कोरोना पीड़ितों की जुबानी, सच की कहानी, आधारित बुकलेट जारी किया गया, जिसे लेकर विपक्षी महागठबंधन पर हर समय हमलावर रहने वाली बिहार सरकार व उसके सभी माननीय प्रवक्तागण लगातार चुप्पी साधे हुए हैं।

भाकपा माले द्वारा राजधानी पटना स्थित माले विधायक दल कार्यालय परिसर में आयोजित नागरिक जन कन्वेंशन में पार्टी महासचिव तथा माले विधायकों और आईएमए समेत कई वरिष्ठ डॉक्टरों व नागरिक समाज के प्रतिनिधियों के साथ संयुक्त रूप से यह बुकलेट जारी किया. जिसमें प्रदेश के 9 जिलों के 66 प्रखंडों, 515 पंचायतों और 1693 गावों में, पिछले 1 अप्रैल से 31 मई तक हुईं 7200 मौतों के एकत्रित आंकड़ों को प्रस्तुत कर सरकारी आंकड़ों को झूठा करार दिया गया. साथ ही इन सभी इलाकों के कई पीड़ित परिवारों की जुबानी, उनके दर्द और सरकार की संवेदनहीनता की गाथा आधारित विशेष डाक्युमेंटरी फिल्म भी जारी की गयी।

कन्वेंशन को संबोधित करते हुए भाकपा माले के महासचिव ने एनडीए गठबन्धन सरकार पर आरोप लगाया कि कोविड त्रासदी के भयावह दौर में हम सबों ने जो झेला और हर स्तर पर भारी क्षति उठायी है, उसे आन्दोलन का मुद्दा बना देना है. केंद्र व प्रदेश की डबल इंजन सरकार इसे मुद्दा नहीं बनने देना चाहती है. फ्री वैक्सीन देने का ढोल पीटकर कहा जा रहा है कि महामारी से कुछ लोगों का मर जाना कौन सी बड़ी बात है. मोदी जी ने देश को बचा लिया है , के झूठ को व्यापक रूप से बेनक़ाब करना है।

बिहार आईएमए के पूर्व अध्यक्ष डा. पीएन पाल ने केंद्र और प्रदेश की एनडीए सरकार द्वारा शिक्षा के बाद स्वास्थ्य सेक्टर को भी निजी हाथों में सौंपे जाने का कड़ा विरोध करते हुए देश की जन स्वास्थ्य व्यवस्था को ख़त्म करने का आरोप लगाया।

वरिष्ठ चिकित्सक डा. सत्यजीत ने भी सरकार की लचर स्वास्थ्य व्यवस्था को जनता के लिए घातक बताते हुए, ऐसे जन कन्वेन्शनों को निचले स्तर पर आयोजित कर लोगों की स्वास्थय चेतना बढ़ने की आवश्यकता बतायी. साथ ही आम बजट का 6 % स्वास्थ्य बजट करने की मांग उठायी।

कोरोना की दूसरी लहर, आपदा के समय जान जोखिम में डालकर दिन रात अनेक संक्रमितों को आरा के सदर अस्पताल पहुंचाने वाले तथा मरीजों को स्ट्रेचर और ऑक्सिजन सिलिंडर उपलब्ध कराने वाले इन्क़लाबी नौजवान सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और चर्चित युवा विधायक मनोज मंजिल ने भी कन्वेंशन को संबोधित किया. केंद्र व राज्य सरकार की संवेदनहीनता और स्वास्थय व्यवस्था की विफलताओं की ज़मीनी रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए कहा कि सरकारें पूरा जोर लगा रहीं हैं कि हम कोरोना से हुई मौतों और तबाही को भूल जाएं. तो नागरिक भी इसके ख़िलाफ़ हर रविवार ‘अपनों की याद’ अभियान के तहत हर मौत को गिनेंगे और उसका हिसाब मांगेंगे।  

सनद हो कि 10 अगस्त को बिहार में कोरोना की संभावित तीसरी लहर के मुकाबले की तैयारियों के नाम पर नीतीश कुमार सरकार व उनके स्वास्थ्य विभाग ने रंगारंग सरकारी समारोह करके 989 स्वास्थ्य योजनाओं के उद्घाटन व शिलान्यास कार्यक्रम संपन्न किया. लेकिन देश के स्वास्थ्य विभाग द्वारा कोरोना वैक्सीन बर्बाद करने वाले राज्यों की रिपोर्ट में बिहार को दूसरे स्थान पर घोषित किये जाने की अपमानजनक स्थिति पर कोई सफाई नहीं दी गयी. साथ ही जो पटना क्षेत्र कोरोना वैक्सीन बर्बाद करने के मामले में सबसे अव्वल स्थान पर रहा, उसके जिलाधिकारी को विशेष सम्मान देने की भी घोषणा कर दी गयी।

पिछले दिनों सोशल मीडिया में काफी वायरल हुई खबर में मिथिला स्टूडेंट्स यूनियन द्वारा किया गया अनोखा विरोध भी खूब चर्चित हुआ. जिसमें ''घर घर से ईंटा लायेंगे , दरभंगा में एम्स बनायेंगे'' गीत गा गा कर एम्स निर्माण के लिए नागरिक पहल करके स्थानीय छात्र युवा ईंट कलेक्शन करते हुए देखे गए. जो दरभंगा में एम्स बनाने की मोदी-नीतीश कुमार की घोषणा को नहीं लागू किये जाने के विरोध में आज भी जन अभियान जारी रखे हुए हैं।

एक खबर यह भी है जिसमें राज्य के पब्लिक रजिस्टर सिस्टम नामक संस्था द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों में बताया गया है कि 2021 के शुरूआती पांच महीनों में 75,000 लोगों की मौतें हुई हैं. हालांकि मौत के कारण अस्पष्ट हैं, लेकिन उसकी अवधि देश में फैली कोरोना वायरस की दूसरी लहर के समय के साथ पूरा मेल खाती है। 

Bihar
Bihar Health Care Facilities
Nitish Kumar
Nitish Kumar Government
BJP
jdu

Related Stories

बिहार: पांच लोगों की हत्या या आत्महत्या? क़र्ज़ में डूबा था परिवार

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

बिहार : जीएनएम छात्राएं हॉस्टल और पढ़ाई की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 


बाकी खबरें

  • stop rape
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बिहारः पांच वर्ष की दलित बच्ची के साथ रेप, अस्पताल में भर्ती
    04 Dec 2021
    पूर्व मुखिया शमशेर के बेटे ने इस घिनौनी वारदात को अंजाम दिया है। आरोपी का नाम मो. मेजर बताया गया है। घटना के बाद गंभीर स्थिति में बच्ची को इलाज के लिए फारबिसगंज अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां…
  • sex ratio
    श्रुति एमडी
    तमिलनाडु: चिंताजनक स्थिति पेश कर रहे हैं लैंगिक अनुपात और घरेलू हिंसा पर NFHS के आंकड़े
    04 Dec 2021
    जन्म के दौरान लड़के-लड़कियों के अनुपात में पिछले पांच सालों में बहुत गिरावट आई है. अब 1000 लड़कों पर सिर्फ़ 878 महिलाएं हैं। जबकि 2015-16 में 1000 लड़कों पर 954 लड़कियों की संख्या मौजूद थी।
  • NEET-PG 2021 counseling
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    नीट-पीजी 2021 की काउंसलिंग की मांग को लेकर रेजीडेंट डॉक्टरों ने नियमित सेवाओं का किया बहिष्कार
    04 Dec 2021
    ‘‘ओपीडी सेवाएं निलंबित करने से प्राधिकारियों से कोई ठोस जवाब नहीं मिला तो हमें दुख के साथ यह सूचित करना पड़ रहा है कि हम फोरडा द्वारा बुलाए देशव्यापी प्रदर्शन के समर्थन में तीन दिसंबर से अपनी सभी…
  • Pilibhit
    तारिक अनवर
    भाजपा का हिंदुत्व वाला एजेंडा पीलीभीत में बांग्लादेशी प्रवासी मतदाताओं से तारतम्य बिठा पाने में विफल साबित हो रहा है
    04 Dec 2021
    नागरिकता और वैध राजस्व पट्टे की उम्मीदें टूट जाने के साथ शरणार्थियों को अब पिछले चुनावों में भाजपा का समर्थन करने पर पछतावा हो रहा है।
  • Gambia
    क्रिसपिन एंवाकीदेऊ
    गाम्बिया के निर्णायक चुनाव लोकतंत्र की अहम परीक्षा हैं
    04 Dec 2021
    गाम्बिया में राष्ट्रपति पद का चुनाव हो रहा है। पर्यवेक्षकों का मानना है ये चुनाव गाम्बिया के लोकतंत्र की एक महत्वपूर्ण अग्निपरीक्षा हैं। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License