NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
असांजे के प्रत्यर्पण के लिए सुनवाई लंदन में शुरू
पीठासीन न्यायाधीश वैनेसा बेरेस्टर ने इस सुनवाई के लिए दर्जनों राजनीतिक और नागरिक समाज के एक्टिविस्ट को अलग से शामिल होने से मना कर दिया।
पीपल्स डिस्पैच
08 Sep 2020
julian Assange

जूलियन असांजे के प्रत्यर्पण की सुनवाई 7 सितंबर को सेंट्रल क्रिमिनल कोर्ट या लंदन के ओल्ड बेली में शुरू हो गयी। यह सुनवाई अगले तीन से चार सप्ताह तक चलेगी और फरवरी में समाप्त हुए पिछले राउंड से शुरु होगा। ट्रायल का वर्तमान चरण जिसे पहले अप्रैल महीने में निर्धारित किया गया था वह COVID-19 महामारी के चलते देर हो गया। सुनवाई शुरू होने से कुछ समय पहले पिछले प्रत्यर्पण अनुरोध को वापस ले लिया गया था और असांजे को अगस्त महीने में अमेरिका द्वारा जारी किए गए एक नए अभियोग के तहत गिरफ़्तार किया गया था।

पीठासीन जज वैनेसा बैरेस्टर ने पुष्टि की कि अमेरिका में असांजे के ख़िलाफ़ जासूसी के मौजूदा आरोपों पर मुक़दमा चलाने के हालिया व्यापक दायरे के आधार पर नए प्रत्यर्पण अनुरोध को लेकर असांजे अब ट्रायल का सामना करेंगे और वे हिरासत में है। अभियोजन पक्ष ने पिछले महीने नए प्रत्यर्पण अनुरोध के लिए अंतिम समय से थोड़ी देर पहले प्रस्तुत किया था।

न्यायाधीश वेनेसा बैरेस्टर ने बचाव याचिका को जनवरी तक के लिए स्थगित करने से इनकार कर दिया जिससे कि असांजे को उनके ख़िलाफ़ जमा दस्तावेज़ों की समीक्षा करने का अवसर मिल सके।

इस सुनवाई में अलग से शामिल होने के लिए जज बैरेस्टर ने 40 से अधिक आवेदकों को भी नकार दिया। इसमें विकीलीक्स के प्रधान संपादक क्रिस्टिन हर्फ्नसन, पत्रकार जॉन पिल्जर, एमनेस्टी इंटरनेशनल और रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स (आरएसएफ) के प्रतिनिधि और दर्जनों सिविल सोसाइटी और पॉलिटिकल मॉनिटर शामिल हैं जिन्हें कोई कारण नहीं बताया गया है।

इस बीच रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स (आरएसएफ) ने अमेरिकी सरकार के प्रत्यर्पण अनुरोध को ख़ारिज करने के लिए ब्रिटिश सरकार को 80,000 से अधिक एक्टिविस्ट और समूहों द्वारा हस्ताक्षरित एक याचिका पेश करने की कोशिश की लेकिन प्रधानमंत्री कार्यालय ने उसे नकार दिया। प्रत्यर्पण के प्रयास और दुनिया भर में पत्रकारों के दमन की निंदा करते हुए 10 डाउनिंग स्ट्रीट और ओल्ड बेली के बाहर असांजे के समर्थकों द्वारा प्रदर्शन किया गया। असांजे के समर्थन में अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन डीसी और दुनिया भर के कई शहरों में भी लोग लामबंद हो गए।

Julian Assange
Hearing for Assange
London
COVID-19
America
International news

Related Stories

आर्थिक रिकवरी के वहम का शिकार है मोदी सरकार

और फिर अचानक कोई साम्राज्य नहीं बचा था

दुनिया भर की: कोलंबिया में पहली बार वामपंथी राष्ट्रपति बनने की संभावना

महामारी के दौर में बंपर कमाई करती रहीं फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां

विश्व खाद्य संकट: कारण, इसके नतीजे और समाधान

महामारी में लोग झेल रहे थे दर्द, बंपर कमाई करती रहीं- फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां

कोविड मौतों पर विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट पर मोदी सरकार का रवैया चिंताजनक

महंगाई की मार मजदूरी कर पेट भरने वालों पर सबसे ज्यादा 

जनवादी साहित्य-संस्कृति सम्मेलन: वंचित तबकों की मुक्ति के लिए एक सांस्कृतिक हस्तक्षेप

कोरोना अपडेट: देश में एक हफ्ते बाद कोरोना के तीन हज़ार से कम मामले दर्ज किए गए


बाकी खबरें

  • CORONA
    न्यूज़क्लिक टीम
    चिंता: कोरोना ने फिर रफ़्तार पकड़ी, देश में 24 घंटों में 2 लाख के क़रीब नए मामले
    12 Jan 2022
    देश में 24 घंटों में कोरोना के 1,94,443 नए मामले सामने आए हैं। देश में अब कोरोना संक्रमण के मामलों की संख्या बढ़कर 3 करोड़ 60 लाख 70 हज़ार 233 हो गयी है।
  • Maurya
    मुकुल सरल
    स्वामी प्रसाद मौर्य का जाना: ...फ़र्क़ साफ़ है
    12 Jan 2022
    यह केवल दल-बदल या अवसरवाद का मामला नहीं है, यह एक मंत्री ने इस्तीफ़ा दिया है, वो भी श्रम मंत्री ने। यह योगी सरकार की विफलता ही दिखाता है। इसका जवाब योगी जी से लिया ही जाना चाहिए।
  • CORONA
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    तीसरी लहर को रोकने की कैसी तैयारी? डॉक्टर, आइसोलेशन और ऑक्सीजन बेड तो कम हुए हैं : माकपा
    12 Jan 2022
    मध्यप्रदेश में माकपा नेता के अनुसार दूसरी लहर की तुलना में डॉक्टरों की संख्या 1132 से घट कर 705 हो गई है। इसी तरह आइसोलेशन बेड की संख्या 29247 से घटकर 16527 रह गई है। इसी प्रकार ऑक्सीजन बैड भी 28,152…
  • Protest in Afghanistan
    पीपल्स डिस्पैच
    अफ़ग़ानिस्तान में सिविल सोसाइटी और अधिकार समूहों ने प्रोफ़ेसर फ़ैज़ुल्ला जलाल की रिहाई की मांग की
    12 Jan 2022
    काबुल यूनिवर्सिटी में राजनीति विज्ञान और क़ानून पढ़ाने वाले डॉ. जलाल तालिबान और अफ़ग़ानिस्तान के पिछले प्रशासन के आलोचक रहे हैं। उन्होंने महज़ सुरक्षा पर ध्यान दिये जाने की तालिबान सरकार की चिंता की…
  • bjp-rss
    कांचा इलैया शेफर्ड
    उत्तर प्रदेश चुनाव : हौसला बढ़ाते नए संकेत!
    12 Jan 2022
    ज़्यादातर शूद्र, ओबीसी, दलित और आदिवासी जनता ने आरएसएस-भाजपा के हिंदुओं को एकजुट करने के झूठे दावों को संदिग्ध नज़र से देखा है। सपा के अखिलेश यादव जैसे नेताओं को इस असहमति को वोट में बदलने की ज़रूरत है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License