NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
धार्मिक स्थलों पर महिलाओं से भेदभाव संबंधी मुद्दों पर सुनवाई 10 दिनों में पूरी होगी
सुप्रीम कोर्ट केरल के सबरीमला मंदिर में महिलाओं के प्रति भेदभाव समेत मस्जिदों में मुस्लिम महिलाओं के प्रवेश, दाउदी बोहरा मुस्लिम समुदाय में महिलाओं का खतना, पारसी महिलाओं के गैर पारसी पुरुषों से विवाह करने पर रोक संबंधी मुद्दों पर विचार करेगा।
भाषा
28 Jan 2020
SC

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि केरल के सबरीमला मंदिर समेत तमाम अन्य धार्मिक स्थानों पर महिलाओं के प्रति भेदभाव से संबंधित मामले की सुनवाई नौ न्यायाधीशों की संविधान पीठ 10 दिन में पूरा कर लेगी। प्रधान न्यायाधीश एसए बोबडे की पीठ ने यह स्पष्ट कर दिया कि जिन सवालों को देखा जाएगा वे पूरी तरह से कानूनी प्रकृति के होंगे और सुनवाई पूरी करने में अधिक समय नहीं लगेगा।

पीठ में न्यायमूर्ति बी आर गवई और न्यायमूर्ति सूर्यकांत भी शामिल हैं। पीठ ने कहा, ‘इसमें 10 दिन से अधिक वक्त नहीं लगेगा। अगर कोई और वक्त चाहेगा तो भी समय नहीं दिया जा सकता।’

पीठ ने यह टिप्पणी तब की जब सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने पीठ के समक्ष इस मामले का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि न्यायालय के पूर्व में दिए गए आदेश की अनुपालना में वकीलों की एक बैठक हुई लेकिन नौ न्यायाधीशों की पीठ के विचारविमर्श के लिए कानूनी सवालों को अंतिम रूप नहीं दिया जा सका।

विधि अधिकारी ने कहा, ‘हम पीठ के विचारविमर्श के लिए सवालों को अंतिम रूप नहीं दे सके। उच्चतम न्यायालय सवाल तय करने पर विचार कर सकता है।’ तब पीठ ने मेहता से बैठक में वकीलों द्वारा विचारविमर्श किए गए मुद्दों का ब्यौरा देने को कहा।

न्यायालय मस्जिदों में मुस्लिम महिलाओं के प्रवेश, दाउदी बोहरा मुस्लिम समुदाय में महिलाओं का खतना, पारसी महिलाओं के गैर पारसी पुरुषों से विवाह करने पर रोक संबंधी मुद्दों पर विचार करेगा।

Supreme Court
gender discrimination
Discrimination against women
Women and religious places
Religious Places
Muslim women in mosques

Related Stories

ज्ञानवापी मस्जिद के ख़िलाफ़ दाख़िल सभी याचिकाएं एक दूसरे की कॉपी-पेस्ट!

आर्य समाज द्वारा जारी विवाह प्रमाणपत्र क़ानूनी मान्य नहीं: सुप्रीम कोर्ट

समलैंगिक साथ रहने के लिए 'आज़ाद’, केरल हाई कोर्ट का फैसला एक मिसाल

मायके और ससुराल दोनों घरों में महिलाओं को रहने का पूरा अधिकार

जब "आतंक" पर क्लीनचिट, तो उमर खालिद जेल में क्यों ?

विचार: सांप्रदायिकता से संघर्ष को स्थगित रखना घातक

सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक आदेश : सेक्स वर्कर्स भी सम्मान की हकदार, सेक्स वर्क भी एक पेशा

तेलंगाना एनकाउंटर की गुत्थी तो सुलझ गई लेकिन अब दोषियों पर कार्रवाई कब होगी?

मलियाना कांडः 72 मौतें, क्रूर व्यवस्था से न्याय की आस हारते 35 साल

क्या ज्ञानवापी के बाद ख़त्म हो जाएगा मंदिर-मस्जिद का विवाद?


बाकी खबरें

  • suicide
    पुलकित कुमार शर्मा
    कोविड के दौरान बेरोजगारी के बोझ से 3 हजार से ज्यादा लोगों ने की आत्महत्या
    11 Feb 2022
    गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने राज्यसभा में लिखित में जवाब दिया है कि एनसीआरबी डाटा के मुताबिक साल 2020 में बेरोजगारी की वजह से 3548 लोगों ने आत्महत्या की।
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    यूपी में मीडिया का दमन: 5 साल में पत्रकारों के उत्पीड़न के 138 मामले
    11 Feb 2022
    उत्तर प्रदेश में मीडिया के दमन पर CAAJ ने अपनी रिपोर्ट जारी की है जिससे काफी भयावह तस्वीर उभऱती है और पता चलता है कि प्रेस अधिकारों के हनन के मामले में कश्मीर के साथ उत्तर प्रदेश अव्वल रहा है।
  • YOGI-VIJYAN
    रवि शंकर दुबे
    "काश! यूपी, केरल जैसा हो जाए...”
    11 Feb 2022
    ठीक मतदान से पहले योगी आदित्यनाथ ने जो वीडियो जारी किया वो उन्हीं के गले की फांस बन गया है। उन्होंने खुद की कमियां छुपाने के लिए केरल जैसे विकसित राज्य पर सवाल उठा दिया, लेकिन अब उनसे खुद जवाब देते…
  • DTC WORKERS
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    DTC ठेका कर्मचारियों ने अभियान चलाकर केजरीवाल सरकार को दी चेतावनी, 'शवयात्रा' भी निकाली
    11 Feb 2022
    डीटीसी वर्कर्स यूनिटी सेंटर (ऐक्टू) के नेतृत्व में DTC के ठेका कर्मचारियों ने केजरीवाल सरकार की वादाखिलाफी के विरुद्ध शुरू किया अभियान। न तो डीटीसी में बसें आ रही हैं और न ही ठेका कर्मचारियों को…
  • एम.के. भद्रकुमार
    मॉस्को कर रहा है 'गुड कॉप, बैड कॉप' का सामना
    11 Feb 2022
    रूस इस बात से कतई प्रभावित नहीं है कि यूरोपीयन नेता मॉस्को के लिए कोई रास्ता तैयार कर रहे हैं बल्कि वह इसे अप्रासंगिक कूटनीतिक उतार-चढ़ाव की रणनीति के रूप में देखता है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License