NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
महाराष्ट्र में भीषण बारिश ने किसानों को पहुंचाया भारी नुक़सान
मराठवाड़ा, पश्चिमी महाराष्ट्र और कोंकण के कुछ हिस्सों में दो दिन लगातार हुई बेमौसम भारी बारिश ने फसलों को नष्ट कर दिया और सामान्य जीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है।
अमय तिरोदकर
16 Oct 2020
Translated by महेश कुमार
महाराष्ट्र

उस्मानाबाद जिले के तुलजापुर तहसील के हरिभाऊ गाते ने अपने खेत में सोयाबीन की फसल बोई थी और उन्हे उम्मीद थी कि वे इस फसल से कम से कम 50,000 रुपये कमा लेंगे। इस मानसून में उनकी यह आखिरी उम्मीद थी क्योंकि पैसों की कमी के कारण वे इस साल दलहन की बुआई नहीं कर पाए थे। लेकिन, मंगलवार से हो रही भारी बारिश ने उनकी सारी उम्मीदों पर पानी फेर दिया; उनकी पूरी फसल बह गई क्योंकि उनका खेत नदी के बहुत करीब था। 

गाते ने बताया कि, "हमारे गांव में 50 प्रतिशत के करीब खेतों में अभी भी पानी भरा है। यहां तीन दिनों से तूफान चल रहा था। हमने अक्टूबर के महीने में इस तरह की बारिश कभी नहीं देखी।" वे महाराष्ट्र के उन लाखों किसानों में से एक हैं, जिन्होंने बेमौसम भारी बारिश के कारण अपनी खरीफ की फसल खो दी है।

crops maha2.jpg

महाराष्ट्र के तीन क्षेत्रों- मराठवाड़ा, पश्चिमी महाराष्ट्र और कोंकण में मुख्य रूप से भारी बारिश हुई है। उत्तर महाराष्ट्र में, अहमदनगर सबसे अधिक प्रभावित जिला है। मराठवाड़ा, बीड और उस्मानाबाद की नदियों में भी बाढ़ दिखाई दी हैं, जो नवंबर के अंत तक सूखेगी।

सांगली जिले की मिरज तहसील के मनोज गायकवाड़ ने अपने गाँव आराग में टमाटर और बेबी कॉर्न में दो फसलें बोई थीं। लेकिन अकेले सांगली जिले में सोमवार को 560 मिमी बारिश हुई है और नतीजतन मनोज की फसलें पानी में डूब गई हैं। "मकई की फसल दो एकड़ और टमाटर की एक एकड़ में बढ़ रही थी। मकई पूरी तरह से खराब हो गई है। मैंने गायों के चारे के लिए मकई को काट लिया है। केवल 30 प्रतिशत टमाटर बचे हैं। मैंने बुधवार को पौधों को वापस खड़ा करने के लिए फिर से अतिरिक्त 5,000 रुपये खर्च किए। लेकिन कुल मिलाकर देखा जाए तो बारिश के कारण इस सीजन में मेरा नुकसान 2 लाख रुपये है, "गायकवाड़ ने कहा।

मौजूदा बिगड़े हालात से निपटने के लिए किसान संगठन किसानों की तत्काल मदद की माँग कर रहे हैं। अखिल भारतीय किसान सभा, महाराष्ट्र के महासचिव डॉ॰ अजीत नवले ने कहा है कि सरकार को किसानों को तत्काल राहत देने के लिए कम से कम 20,000 रुपये प्रति एकड़ मुवावजा देना चाहिए। "राजस्व विभाग के पास फसलों का विवरण पूरा हैं। इसलिए, सरकार को पंचनामा (एक किसान द्वारा किए गए नुकसान का आकलन करने की प्रक्रिया) आदि का इंतजार नहीं करना चाहिए। शुरुआत में ही सरकार को किसानों को प्रति एकड़ 20,000 रुपये दे देना चाहिए।" जो कि एक जरूरी और शुरुआती सहायता होगी। अन्य प्रक्रियाएं तब तक इंतजार कर सकती हैं," डॉ॰ नवले ने उक्त बातें कही।

maha crops 3.jpg

किसान नेता और पूर्व सांसद राजू शेट्टी ने भी यही मांग की है। शेट्टी ने कहा, "किसानों को तत्काल राहत की सबसे ज्यादा जरूरत है। अन्यथा, उन पर कर्ज लेने का दबाव बढ़ जाएगा और इससे फिर आत्महत्याओं का दुष्चक्र चल पड़ेगा। इसलिए, सरकार को किसानों को प्राथमिक राहत देनी चाहिए।"

मुख्य रूप से धान, सब्जियाँ, सोयाबीन, दालें और विशेष रूप से तुर दाल- इस क्षेत्र में खरीफ की सबसे अधिक प्रभावित फसलें हैं। कोंकण क्षेत्र के सभी चार जिलों में धान के खेत बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए हैं। कांकावली तहसील के संजय वाघरे बारिश की मार झेलते हुए कटाई कर रहे थे। उन्होंने कहा, "ये एक किस्म के चावल हैं जिनकी कटाई का ये समय है। जब हम फसल काट रहे थे तभी बारिश आ गई। मेरी कटी हुई फसल बह गई क्योंकि वह खेत के बाहर रखी थी। केवल कुछ लोग ही ऐसे थे जो अपनी फसल को तिरपाल की मदद से बचा सकते थे।"

maha crops 5.jpg

पंकज शोभा दलवी के अनुसार, जो रत्नागिरी जिले के दापोली तहसील का एक युवक है ने बताया कि उसके क्षेत्र के करीब 80 प्रतिशत धान के खेत पानी में डूब गए है। उन्होंने कहा, कि "क्षतिग्रस्त खेतों की सही संख्या का अंदाज़ा इतनी जल्दी नहीं लगाया जा सकता है। लेकिन हम देख सकते हैं कि इस बारिश ने धान की फसल को बहुत नुकसान पहुंचाया है। इसका स्थानीय बाजार पर जल्द ही गहरा असर पड़ेगा।"

महाराष्ट्र सरकार ने तुरंत नुकसान का पंचनामा करने के आदेश दिए हैं। उम्मीद है कि अगली कैबिनेट बैठक में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली सरकार किसानों के नुकसान के प्रति राहत और मुआवजा नीति की घोषणा करेगी।

Maharashtra Rains
Marathwada Rains
kharif crop
Maharashtra Farmers
Crop loss
Crop Loss Compensation
farmer suicide
kisan sabha

Related Stories

कोविड के दौरान बेरोजगारी के बोझ से 3 हजार से ज्यादा लोगों ने की आत्महत्या

यूपी चुनाव : गांवों के प्रवासी मज़दूरों की आत्महत्या की कहानी

पश्चिम बंगाल: आलू की कीमत में भारी गिरावट, किसानों ने मांगा समर्थन मूल्य

यूपी: बांदा में कर्ज़ में डूबे एक किसान ने आवारा मवेशियों से बर्बाद हो चुकी फसल से परेशान होकर ख़ुदकुशी की

महाराष्ट्र : दूध की गिरती क़ीमतों के ख़िलाफ़ प्रदेश भर में प्रदर्शन करेंगे किसान

सरकार की यह कैसी एमएसपी? केवल धान में ही किसान को प्रति क्विंटल 651 रुपये का नुक़सान!

दिवालिया कंपनी देवू द्वारा अधिग्रहित ज़मीन को किसानों को वापस करे सरकार : छत्तीसगढ़ किसान सभा

उत्तर महाराष्ट्र के प्याज़ वाले इलाकों में ओले पड़े, 500 करोड़ के भारी नुकसान का अनुमान

नारीवादी नवशरन सिंह के विचार: किसान आंदोलन में महिलाओं की भागीदारी से क्यों घबराती है सरकार

आज़ाद मैदान की चेतावनी : मांगें पूरी न हुईं तो और तीखा किया जाएगा आंदोलन


बाकी खबरें

  • covid
    संदीपन तालुकदार
    जानिए ओमिक्रॉन BA.2 सब-वैरिएंट के बारे में
    24 Feb 2022
    IISER, पुणे के प्रख्यात प्रतिरक्षाविज्ञानी सत्यजित रथ से बातचीत में उन्होंने ओमिक्रॉन सब-वैरिएंट BA.2 के ख़तरों पर प्रकाश डाला है।
  • Himachal Pradesh Anganwadi workers
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    हिमाचल प्रदेश: नियमित करने की मांग को लेकर सड़कों पर उतरीं आंगनबाड़ी कर्मी
    24 Feb 2022
    प्रदर्शन के दौरान यूनियन का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मिला व उन्हें बारह सूत्रीय मांग-पत्र सौंपा। मुख्यमंत्री ने आगामी बजट में कर्मियों की मांगों को पूर्ण करने का आश्वासन दिया। यूनियन…
  • Sulaikha Beevi
    अभिवाद
    केरल : वीज़िंजम में 320 मछुआरे परिवारों का पुनर्वास किया गया
    24 Feb 2022
    एलडीएफ़ सरकार ने मठीपुरम में मछुआरा समुदाय के लोगों के लिए 1,032 घर बनाने की योजना तैयार की है।
  • Chandigarh
    सोनिया यादव
    चंडीगढ़ के अभूतपूर्व बिजली संकट का जिम्मेदार कौन है?
    24 Feb 2022
    बिजली बोर्ड के निजीकरण का विरोध कर रहे बिजली कर्मचारियों की हड़ताल के दौरान लगभग 36 से 42 घंटों तक शहर की बत्ती गुल रही। लोग अलग-अलग माध्यम से मदद की गुहार लगाते रहे, लेकिन प्रशासन पूरी तरह से लाचार…
  • Russia targets Ukraine
    एपी
    रूस ने यूक्रेन के वायुसेना अड्डे, वायु रक्षा परिसम्पत्तियों, सैन्य आधारभूत ढांचे को बनाया निशाना, अमेरिका-नाटो को चेताया
    24 Feb 2022
    रूस के रक्षा मंत्रालय का कहना है कि सेना ने घातक हथियारों का इस्तेमाल यूक्रेन के वायुसेना अड्डे, वायु रक्षा परिसम्पत्तियों एवं अन्य सैन्य आधारभूत ढांचे को निशाना बनाने के लिये किया है। उसने आगे दावा…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License