NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
हेलीकॉप्टर घोटाला: अदालत का कारोबारी श्रवण गुप्ता के खिलाफ ग़ैर ज़मानती वारंट रद्द करने से इनकार
अदालत ने गुप्ता का आवेदन यह कहते हुए खारिज किया कि इसमें ‘दम नहीं’ है और वह (गुप्ता) जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं।
भाषा
15 Dec 2020
हेलीकॉप्टर घोटाला
प्रतीकात्मक तस्वीर

नयी दिल्ली: दिल्ली की एक अदालत ने अगस्तावेस्टलैंड वीवीआईपी हेलीकॉप्टर धनशोधन मामले में संपत्ति कारोबार क्षेत्र की बड़ी कंपनी एम्मार एमजीएफ के पूर्व प्रबंध निदेशक श्रवण गुप्ता के खिलाफ जारी गैर जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) रद्द करने से इनकार कर दिया है। अदालत ने कहा कि वह (गुप्ता) जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं।

अदालत ने गैर जमानती वारंट रद्द करने की मांग संबंधी गुप्ता का आवेदन यह कहते हुए खारिज किया कि इसमें ‘दम नहीं’ है। अदालत ने कहा कि गुप्ता के खिलाफ 29 अगस्त को वारंट जारी किया गया था क्योंकि वह समन मिलने के बाद भी जांच में शामिल नहीं हुए और किसी न किसी बहाने जांच से बचने की कोशिश कर रहे थे।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कहा था कि गुप्ता नौ समन भेजे जाने के बावजूद जांच में शामिल नहीं हुए जिससे उनके विरूद्ध एनबीडब्ल्यू जारी किया गया और यह कि वह जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं।

विशेष न्यायाधीश अरविंद कुमार ने पांच दिसंबर को अपने आदेश में कहा , ‘‘मौजूदा मामले में आवेदक समन मिलने के बाद भी जांच में शामिल नहीं हुआ और वह किसी न किसी बहाने जांच से बचने की कोशिश कर रहा है। ’’

न्यायाधीश ने कहा, ‘‘ यहां तक कि, मौजूदा सुनवाई के दौरान भी आवेदक ने जांच में शामिल होने के लिए ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) के सामने पेश होने की मंशा नहीं प्रकट की। जब उसके आवेदन को सुनवाई के लिए लिया गया तब वह इस अदालत में भी पेश नहीं हुआ । यह केवल यही दर्शाता है कि आवेदक जांच में सहयोग के लिए तैयार नहीं है।’’

अदालत ने कहा, ‘‘ एनबीडब्ल्यू को रद्द करने के लिए आवेदक द्वारा दायर किये गये आवेदन में कोई दम नहीं है और यह आवेदन खारिज किये जाने के लायक है,इसलिए उसे खारिज किया जाता है।’’

ईडी के अनुसार 1.24 करोड़ यूरो की राशि मॉरीशस में इंटरसेल्युलर टेक्नोलॉजीज लिमिटेड में अंतरित की गयी जो इस वर्तमान मामले में गलत कमाई के धनशोधन के लिए इस्तेमाल किये जाने मुख्य मोर्चों में एक था।

जांच एजेंसी ने बताया कि इंटरसेल्युलर टेक्नोलॉजीज लिमिटेड में जो धनराशि आयी, उसका बड़ा हिस्सा उन कपंनियों के खातों में अंतरित की गयी जो गुप्ता के नियंत्रण में थी।

वैसे सुनवाई के दौरान गुप्ता के वकील ने कहा कि उनके मुवक्किल कई बीमारियों से ग्रस्त हैं जिससे उनके कोविड-19 से संक्रमित होने का खतरा अधिक है।

ईडी ने कहा कि आरोपी को अपनी निकायों के बारे में तथ्यों से अवगत कराने के लिए बार बार कहा गया लेकिन उन्होंने कोई खुलासा नहीं किया और उसे पता चला कि गलत ढंग से की गयी कमाई का धनशोधन किया गया और उसे उसकी विदेशी कंपनियों में लगाया गया।

ईडी ने इस मामले के सिलसिले में सबूत इकट्ठा करने के लिए इस साल प्रारंभ में गुप्ता के परिसरों की तलाशी ली थी।

गुप्ता से ईडी ने 2016 में 3600 करोड़ रूपये के वीवीआईपी हेलीकॉप्टर सौदे मामले में पूछताछ की थी।

अधिकिारियों ने बताया कि उद्योगपति के खिलाफ यह ताजा मामला इस मामले में अन्य आरोपियों द्वारा किये गये कुछ खास खुलासों एवं एजेंसी को मिले कुछ नये सबूतों के बाद सामने आया।

ईडी ने इटली की फिनमेक्केनिका की ब्रिटिश सहायक कंपनी अगस्तावेस्टलैंड से 12 वीवीआईपी हेलीकॉप्टरों की खरीद में कथित अनियमितताओं के बाद धनशोधन का मामला दर्ज किया था। यह सौदा 2014 में भारत द्वारा रद्द कर दिया गया था।

एजेंसी ने 2018 में इस आरोप पर गुप्ता की 10.28 करोड़ रूपये की संपत्तियां जब्त की थीं कि स्विसबैंक खाते में उसकी अघोषित जमाराशि है।

Helicopter scam
Shravan Gupta
VVIP chopper scam

Related Stories


बाकी खबरें

  • राजेंद्र शर्मा
    सुंदरता का पता नहीं, लेकिन अच्छे दिन देखने वाले की आंखों में बसते हैं
    13 Mar 2022
    छप्पन इंच जी के प्रताप से, इतनी मिसाइलें जमा हो चुकी हैं कि दीवाली के रॉकेटों वाला हाल है। दो-चार इधर-उधर टहल भी जाएं तो खास फर्क नहीं पड़ता है। पड़ोसी के घर में जा भी पड़ी तो क्या? वोट पड़ चुके होंगे…
  • Aap
    अनिल जैन
    ख़बरों के आगे-पीछे: केजरीवाल मॉडल ऑफ़ गवर्नेंस से लेकर पंजाब के नए राजनीतिक युग तक
    13 Mar 2022
    हर हफ़्ते की महत्वपूर्ण ख़बरों और उनके पीछे की मंशाओं को समझाने के लिए “ख़बरों के आगे पीछे” लेकर आए हैं लेखक अनिल जैन
  • vidhansabha
    रवि शंकर दुबे
    यूपी चुनाव नतीजे: कई सीटों पर 500 वोटों से भी कम रहा जीत-हार का अंतर
    13 Mar 2022
    उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में कई सीटों पर भारतीय जनता पार्टी और समाजवादी पार्टी की अगुवाई वाले गठबंधनों के बीच बेहद कांटे का मुकाबला रहा। 53 सीटें ऐसी रहीं जहां हार-जीत का अंतर 200 से लेकर 5000…
  • डॉ. द्रोण कुमार शर्मा
    तिरछी नज़र: चुनाव सेवक का अश्वमेध यज्ञ
    13 Mar 2022
    बीजेपी सरकार चलाने में जितनी मेहनत करती है उससे अधिक मेहनत सरकार बनाने में करती है। सरकार जब एक बार बन जाए तो चल तो रामभरोसे जाती ही है।
  • न्यूज़क्लिक डेस्क
    इतवार की कविता : 'जीते हुए लश्कर के सिपाही, ऐसे कैसे हो जाते हैं?'
    13 Mar 2022
    बमबारी, हमले और जंग के शोर के बीच इतवार की कविता में पढ़िये स्वप्निल तिवारी की लिखी नज़्म 'शेल-शॉक्ड'...
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License