NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
उच्च न्यायालय ने वरवर राव को अगले सप्ताह तक निजी अस्पताल में रखने के निर्देश दिए
राज्य सरकार और राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने 21 दिसंबर को उच्च न्यायालय से राव को नानावती अस्पताल से तलोजा जेल अस्पताल या सरकार संचालित मुंबई स्थित जे जे अस्पताल भेजे जाने का आग्रह किया था।
भाषा
07 Jan 2021
वरवर राव

मुंबई: बंबई उच्च न्यायालय ने बृहस्पतिवार को कहा कि जेल में बंद तेलुगू कवि एवं वरवर राव को अभी 13 जनवरी तक यहां के एक निजी अस्पताल में रखा जाए।

एल्गार परिषद-माओवादी संबंधों के मामले में गिरफ्तार 80 वर्षीय राव को स्वास्थ्य दिक्कतों के चलते अदालत के आदेश पर गत नवंबर में यहां स्थित नानावती अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

न्यायमूर्ति एस एस शिन्दे और न्यायमूर्ति एम एस कार्णिक की खंडपीठ ने राव की जमानत याचिका पर सुनवाई स्थगित करते हुए उन्हें अभी 13 जनवरी तक एक सप्ताह के लिए और निजी अस्पताल में रखने का निर्देश दिया।

महाराष्ट्र सरकार ने अदालत को नई मेडिकल रिपोर्ट सौंपी और कहा कि राव का स्वास्थ्य अब ‘‘काफी बेहतर’’ है तथा वह ‘‘ठीक हैं और चल-फिर सकते हैं।’’

राज्य सरकार और राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने 21 दिसंबर को उच्च न्यायालय से राव को नानावती अस्पताल से तलोजा जेल अस्पताल या सरकार संचालित मुंबई स्थित जे जे अस्पताल भेजे जाने का आग्रह किया था।

पीठ ने हालांकि, कहा था कि वह राव की नई मेडिकल रिपोर्ट देखेगी।

राव जून 2018 में गिरफ्तार किए जाने के बाद से ही कभी अस्पताल में तो कभी अस्पताल से बाहर रहे हैं। वह नवी मुंबई स्थित तलोजा जेल में बंद हैं।

Varvar Rao
mumbai high court
Maharastra

Related Stories

कभी सिख गुरुओं के लिए औज़ार बनाने वाला सिकलीगर समाज आज अपराधियों का जीवन जीने को मजबूर है

महाराष्ट्र: फडणवीस के खिलाफ याचिकाएं दाखिल करने वाले वकील के आवास पर ईडी का छापा

ख़बरों के आगे पीछे: यूक्रेन में फँसे छात्रों से लेकर, तमिलनाडु में हुए विपक्ष के जमावड़े तक..

गढ़चिरौलीः यह लहू किसका है

महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम के कर्मचारियों की हड़ताल जारी, मंत्री ने यूनियन से बात की

उद्धव ठाकरे को थप्पड़ मारने वाली टिप्पणी पर केंद्रीय मंत्री नारायण राणे गिरफ्तार

महाराष्ट्र में भूस्खलन और बाढ़ में मरने वालों की संख्या बढ़कर 149 हुई

महाराष्ट्र : रायगढ़ जिले में भूस्खलन के कारण 30 लोगों की मौत

केंद्र के कृषि कानूनों के जवाब में महाराष्ट्र सरकार ने तीन विधेयक पेश किए

दाल आयात नीति से किसानों की छाती पर मूंग दल रही सरकार!


बाकी खबरें

  • EVM
    रवि शंकर दुबे
    यूपी चुनाव: इस बार किसकी सरकार?
    09 Mar 2022
    उत्तर प्रदेश में सात चरणों के मतदान संपन्न होने के बाद अब नतीजों का इंतज़ार है, देखना दिलचस्प होगा कि ईवीएम से क्या रिजल्ट निकलता है।
  • moderna
    ऋचा चिंतन
    पेटेंट्स, मुनाफे और हिस्सेदारी की लड़ाई – मोडेरना की महामारी की कहानी
    09 Mar 2022
    दक्षिण अफ्रीका में पेटेंट्स के लिए मोडेरना की अर्जी लगाने की पहल उसके इस प्रतिज्ञा का सम्मान करने के इरादे पर सवालिया निशान खड़े कर देती है कि महामारी के दौरान उसके द्वारा पेटेंट्स को लागू नहीं किया…
  • nirbhaya fund
    भारत डोगरा
    निर्भया फंड: प्राथमिकता में चूक या स्मृति में विचलन?
    09 Mar 2022
    महिलाओं की सुरक्षा के लिए संसाधनों की तत्काल आवश्यकता है, लेकिन धूमधाम से लॉंच किए गए निर्भया फंड का उपयोग कम ही किया गया है। क्या सरकार महिलाओं की फिक्र करना भूल गई या बस उनकी उपेक्षा कर दी?
  • डेविड हट
    यूक्रेन विवाद : आख़िर दक्षिणपूर्व एशिया की ख़ामोश प्रतिक्रिया की वजह क्या है?
    09 Mar 2022
    रूस की संयुक्त राष्ट्र में निंदा करने के अलावा, दक्षिणपूर्वी एशियाई देशों में से ज़्यादातर ने यूक्रेन पर रूस के हमले पर बहुत ही कमज़ोर और सतही प्रतिक्रिया दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसा दूसरों…
  • evm
    विजय विनीत
    यूपी चुनाव: नतीजों के पहले EVM को लेकर बनारस में बवाल, लोगों को 'लोकतंत्र के अपहरण' का डर
    09 Mar 2022
    उत्तर प्रदेश में ईवीएम के रख-रखाव, प्रबंधन और चुनाव आयोग के अफसरों को लेकर कई गंभीर सवाल उठे हैं। उंगली गोदी मीडिया पर भी उठी है। बनारस में मोदी के रोड शो में जमकर भीड़ दिखाई गई, जबकि ज्यादा भीड़ सपा…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License