NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
कोविड-19
भारत
राजनीति
हिमाचल : माकपा ने कहा सरकार की टीका नीति पूर्णतः भेदभावपूर्ण व असंवैधानिक
सरकार की टीकाकरण की नीति पूर्णतः भेदभावपूर्ण व असंवैधानिक है क्योंकि भारत के संविधान की धारा 21 सभी को जीवन व धारा 14 सभी को बराबरी का अधिकार प्रदान करती है। इसलिए देश मे सभी युवा, वृद्ध, बच्चों, गरीब, अमीर व हर वर्ग के लोगों के जीवन की रक्षा करना सरकार का संवैधानिक दायित्व बनता है। 
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
05 Jun 2021
माकपा

देशभर में टीके की कमी की खबरें आ रही हैं। सरकारों के कुप्रबंधन से यह समस्या और जटिल होती जा रही है। देश की राजधानी दिल्ली, महारष्ट्र, उड़ीसा, झारखंड, बिहार, बंगाल,असम सहित दक्षिण के कई राज्यों में टीके की कमी के कारण कई टीका केंद्र बंद किए जा चुके हैं। अब हिमाचल में भी टीके की कमी का मामला सामने आ रहा है। लेकिन इन सभी राज्यों में एक सवाल यह उठ रहा है कि सिर्फ सरकारी सेंटर पर टीके नहीं है लेकिन निजी अस्पतालों में टीके बराबर लग रहे हैं। इसको लेकर देश की न्यायालय सरकारों से गंभीर सवाल पूछ रही हैं, जिसका जवाब कोई भी सरकार पुख़्ता तौर पर नहीं दे पा रही है। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) / माकपा की हिमाचल प्रदेश कमेटी ने सरकार द्वारा देश व प्रदेश में लागू की जा रही लचर व भेदभावपूर्ण टीकाकरण नीति की कड़ी भर्त्सना की और सरकार से मांग की है कि इस कोविड-19 महामारी पर समय पर रोकथाम हेतु 18 वर्ष की आयु से ऊपर सभी का समयबद्ध तरीके से नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र पर मुफ़्त टीकाकरण कर अपने संवैधानिक दायित्व का निर्वहन करे।

शिमला मेयर और माकपा राज्य सचिव मंडल के सदस्य संजय चौहान ने सरकार द्वारा 18 से 44 वर्ष के लिये टीकाकरण की नीति को पूर्णतः भेदभावपूर्ण व असंवैधानिक बताया। उन्होंने अपने बयान में कहा, "हाल ही में सरकार द्वारा युवा वर्ग के लिए जो ऑनलाइन बुकिंग के आधार पर थोड़ी बहुत टीकाकरण की जा रही थी वह भी सरकार के अनुसार अब टीका उपलब्ध न होने के कारण बन्द कर दी गई है और अब देश व प्रदेश में महंगी दरों पर निजी अस्पतालों व अन्य संस्थानों को युवा वर्ग का टीकाकरण करने की इजाजत दे दी है। यह बिल्कुल भेदभावपूर्ण व असंवैधानिक है क्योंकि भारत के संविधान की धारा 21 सभी को जीवन व धारा 14 सभी को बराबरी का अधिकार प्रदान करती है। इसलिए देश मे सभी युवा, वृद्ध, बच्चों, गरीब, अमीर व हर वर्ग के लोगों के जीवन की रक्षा करना सरकार का संवैधानिक दायित्व बनता है।"

चौहान ने आलोचना करते हुए कहा "सरकार की टीकाकरण को लेकर लागू नीति व कार्यप्रणाली इसलिए भी संदेह के घेरे में आती है क्योंकि प्रदेश सरकार के अनुसार उनको टीका ही नहीं मिल रही है इसलिए 18 से 44 आयु वर्ग की टीकरण नहीं किया जा रहा है तो इन निजी अस्पतालों व संस्थानों के पास टीका कहाँ से आ रहा है। सरकार का यह निर्णय स्पष्ट रूप से इन निजी अस्पतालों व संस्थानों को लाभ पहुंचाने का है। इसके कारण कोविड-19 से पैदा हुए संकट से जूझ रहे सभी लोगों, विशेष रूप में गरीब व दूरदराज के लोग टीके से वंचित रह जाएंगे और इनकी जान का खतरा भी बढ़ जाएगा।"

आगे उन्होंने केंद्र सरकार पर भी हमला बोला और कहा "अब सबसे बड़ा प्रश्न यह उठता है कि एक ओर केन्द्र सरकार कह रही है कि देश में टीके की कमी नहीं होने दी जाएगी। जबकि दूसरी ओर आज अधिकांश राज्य सरकारें टीके की कमी बता रही हैं और कह रही हैं कि वो जितने टीके की मांग कर रही है, उन्हें केन्द्र सरकार उतनी टीका उपलब्ध नहीं करवा रही है। और अपने स्तर पर भी कंपनियां उन्हें टीका उपलब्ध नहीं करवा रही हैं। जिससे सरकार को आज 18 से 44 आयु वर्ग को टीका लगाना संभव नहीं हो रहा है।"

हिमाचल माकपा ने कहा "केन्द्र सरकार द्वारा राज्यों को समय और मांग अनुसार टीका उपलब्ध न करवाना भी हमारे देश के संवैधानिक संघीय ढांचे पर चोट है। इसलिए सरकार की टीकाकरण की नीति मनमानी व तर्कहीन है। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने भी सुनवाई के दौरान अपने एक आदेश में केन्द्र सरकार को लताड़ लगाई है। इसलिए इस नीति में सरकार तुरंत बदलाव करे और टीकाकरण को मुफ़्त सार्वभौमिक कर सभी को सरकार उपलब्ध करवाए।"

माकपा ने आगे अपने बयान में कहा आज कोविड-19 महामारी से देश व प्रदेश में लाखों लोग प्रभावित है और अनगिनत मौतें हुई हैं। इन मौतों के लिए जिम्मेदार मुख्यतः सरकार की कोविड-19 से निपटने के लिए की गई लचर नीति व आधी अधूरी तैयारी रही है। सरकार द्वारा उचित रूप में टेस्टिंग न करना व देश में ऑक्सीजन व अन्य मूलभूत स्वास्थ्य सेवाओं की कमी तथा देश में समय रहते टीकाकरण आरम्भ न करने के कारण अधिकांश मौतें हुई हैं।"

चौहान ने कहा आज दुनिया में इस कोविड-19 महामारी पर काबू पाने हेतु टीकाकरण ही एकमात्र चारा है। जब तक 70 प्रतिशत आबादी की टीकाकरण नहीं किया जाता है तब तक इससे होने वाली तबाही पर रोक लगाना संभव नहीं है। यदि सरकार समय रहते अपनी लचर टीकाकरण नीति में गुणात्मक बदलाव नहीं करती और इसको सभी को मुफ्त समय रहते उपलब्ध नहीं करवाती तो देश मे कोविड-19 की और कई वेव आने से कोई नहीं रोक सकता और देश के कई लाखों लोगों को अपनी जान से हाथ गवाने होंगे और इसके लिए केवल मात्र सरकार ही दोषी होगी और इसको इतिहास कभी माफ़ नहीं करेगा।

देश में कोविड-19 रोधी टीकों की अब तक 22.75 करोड़ से अधिक खुराक दी जा चुकी हैं, जिनमें से 33,57,713 खुराक शुक्रवार को दी गई। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह जानकारी दी।

मंत्रालय ने बताया कि 18-44 आयु समूह के 16,23,602 लोगों को शुक्रवार को टीके की पहली खुराक दी गई जबकि इसी समूह के 31,217 लोगों को दूसरी खुराक दी गई।

अब तक 36 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में इस समूह के कुल 2,58,45,901 लोगों ने टीके की पहली खुराक ली है, जबकि 1,18,299 लोगों को टीके की दूसरी खुराक मिली है। इस समूह के लिए टीकाकरण अभियान की शुरुआत एक मई से हुई थी।

देश में अब तक 22,75,67,873 टीके की खुराक दी गई है, जिनमें से 99,44,507 स्वास्थ्यकर्मियों को पहली खुराक जबकि 68,40,415 कर्मियों को दूसरी खुराक दी गई है। इसमें अग्रिम मोर्चे पर काम करने वाले 1,60,45,747 लोगों को टीके की पहली खुराक जबकि 86,34,525 कर्मियों को दूसरी खुराक दी गई है। मंत्रालय ने बताया कि टीकाकरण अभियान के 140 वें दिन (चार जून) को 33,57,713 खुराक दी गई थीं।

Himachal Pradesh
COVID-19
Covid Vaccination
CPIM
Unconstitutional law
Fundamental right
BJP
Modi government
Vaccination policy

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,706 नए मामले, 25 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,685 नए मामले दर्ज

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,710 नए मामले, 14 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा

महामारी में लोग झेल रहे थे दर्द, बंपर कमाई करती रहीं- फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां


बाकी खबरें

  • सत्यम् तिवारी
    वाद-विवाद; विनोद कुमार शुक्ल : "मुझे अब तक मालूम नहीं हुआ था, कि मैं ठगा जा रहा हूँ"
    16 Mar 2022
    लेखक-प्रकाशक की अनबन, किताबों में प्रूफ़ की ग़लतियाँ, प्रकाशकों की मनमानी; ये बातें हिंदी साहित्य के लिए नई नहीं हैं। मगर पिछले 10 दिनों में जो घटनाएं सामने आई हैं
  • pramod samvant
    राज कुमार
    फ़ैक्ट चेकः प्रमोद सावंत के बयान की पड़ताल,क्या कश्मीरी पंडितों पर अत्याचार कांग्रेस ने किये?
    16 Mar 2022
    भाजपा के नेता महत्वपूर्ण तथ्यों को इधर-उधर कर दे रहे हैं। इंटरनेट पर इस समय इस बारे में काफी ग़लत प्रचार मौजूद है। एक तथ्य को लेकर काफी विवाद है कि उस समय यानी 1990 केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी।…
  • election result
    नीलू व्यास
    विधानसभा चुनाव परिणाम: लोकतंत्र को गूंगा-बहरा बनाने की प्रक्रिया
    16 Mar 2022
    जब कोई मतदाता सरकार से प्राप्त होने लाभों के लिए खुद को ‘ऋणी’ महसूस करता है और बेरोजगारी, स्वास्थ्य कुप्रबंधन इत्यादि को लेकर जवाबदेही की मांग करने में विफल रहता है, तो इसे कहीं से भी लोकतंत्र के लिए…
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    फ़ेसबुक पर 23 अज्ञात विज्ञापनदाताओं ने बीजेपी को प्रोत्साहित करने के लिए जमा किये 5 करोड़ रुपये
    16 Mar 2022
    किसी भी राजनीतिक पार्टी को प्रश्रय ना देने और उससे जुड़ी पोस्ट को खुद से प्रोत्सान न देने के अपने नियम का फ़ेसबुक ने धड़ल्ले से उल्लंघन किया है। फ़ेसबुक ने कुछ अज्ञात और अप्रत्यक्ष ढंग
  • Delimitation
    अनीस ज़रगर
    जम्मू-कश्मीर: परिसीमन आयोग ने प्रस्तावों को तैयार किया, 21 मार्च तक ऐतराज़ दर्ज करने का समय
    16 Mar 2022
    आयोग लोगों के साथ बैठकें करने के लिए ​28​​ और ​29​​ मार्च को केंद्र शासित प्रदेश का दौरा करेगा।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License