NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
भारत
राजनीति
हिमाचल: होटल मज़दूर लाल झण्डा यूनियन ने होटल ईस्टबोर्न की संपत्ति कुर्क कर के मज़दूरों को पैसा देने की मांग की
ईपीएफ कमिश्नर ने 24 मई को होटल ईस्टबोर्न प्रबंधन द्वारा मजदूरों के 77 लाख रुपये ईपीएफ खाते में जमा न करने को लेकर उपायुक्त शिमला,नगर निगम आयुक्त,तहसीलदार व ख़लीनी के पटवारी को होटल की सम्पत्ति कुर्क करके उक्त राशि ईपीएफ खाते में जमा करने के आदेश जारी किए थे।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
10 Jun 2021
हिमाचल: होटल मज़दूर लाल झण्डा यूनियन ने होटल ईस्टबोर्न की संपत्ति कुर्क कर के मज़दूरों को पैसा देने की मांग की
फ़ोटो साभार: सोशल मीडिया

हिमाचल होटल मजदूर लाल झण्डा यूनियन सम्बंधित सीटू के बैनर तले ख़लीनी स्थित होटल ईस्टबोर्न के मज़दूरों का पैसा जमा न करने को लेकर ई.पी.एफ़. से हुए अचल सम्पत्ति कुर्की आदेश के बारे एक प्रतिनिधिमंडल अतिरिक्त उपायुक्त से मिला व कार्रवाई की मांग की। यूनियन प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त से मिलने पहुंचा परन्तु उपायुक्त की गैर मौजूदगी में अतिरिक्त उपायुक्त से मिला व मांग-पत्र सौंपा। गौरतलब है कि ईपीएफ कमिश्नर ने 24 मई को होटल ईस्टबोर्न प्रबंधन द्वारा मजदूरों के 77 लाख रुपये ईपीएफ खाते में जमा न करने को लेकर उपायुक्त शिमला,नगर निगम आयुक्त,तहसीलदार व ख़लीनी के पटवारी को होटल की सम्पत्ति कुर्क करके उक्त राशि ईपीएफ खाते में जमा करने के आदेश जारी किए थे।

आपको बता दें कि होटल ईस्टबोर्न प्रबंधन ने 135 मजदूरों को जनवरी 2020 से अप्रैल 2021 तक के वेतन का भुगतान नहीं किया है जो कि वेतन भुगतान अधिनियम 1936 का सीधा उल्लंघन है। इस से मजदूरों को अपने परिवार का पालन-पोषण करना मुश्किल हो गया है। पिछले सोलह महीने से मजदूर बिना वेतन के गुजर-बसर कर रहे हैं परन्तु श्रम विभाग खामोश है। श्रम विभाग एक वर्ष पूर्व हुए अपने ही समझौते को लागू नहीं करवा पा रहा है व मूक दर्शक बना हुआ है। प्रबंधन ने मजदूरों का ईपीएफ और ईएसआई का पैसा मार्च 2014 से मजदूरों से काटा है परन्तु इसे ईपीएफ व ईएसआई विभाग में जमा नहीं किया है। यह ईपीएफ अधिनियम 1952 व ईएसआई अधिनियम 1948 का उल्लंघन है। इस तरह प्रबंधन मजदूरों के लाखों रुपये की राशि को हड़प गया है। इसी मामले में ईपीएफ कमिश्नर ने 24 मई को होटल ईस्टबोर्न प्रबंधन द्वारा मजदूरों के 77 लाख रुपये जमा कराने को कहा इसके लिए प्रशासन से कहा है कि वो उनकी संपत्ति कुर्क कर ले और मज़दूरों को उनका पैसा दे।  

बुधवार को जो प्रतिनिधि मंडल अतिरिक्त उपायुक्त से मिला उसमें सीटू प्रदेशाध्यक्ष विजेन्द्र मेहरा,जिला सचिव बाबू राम, होटल यूनियन अध्यक्ष बालकराम, उपाध्यक्ष किशोरी ढटवालिया, ईस्टबोर्न ईकाई  महासचिव कपिल नेगी उपाध्यक्ष विद्यादत,रजनीश कमलेश शर्मा,कमलेश ठाकुर, श्याम शर्मा, हेमन्त ठाकुर, रामप्रकाश इत्यादि मौजूद रहे।

होटल  यूनियन अध्यक्ष बालक राम व सीटू जिला सचिव बाबू राम ने कहा है कि पिछले सोलह महीने से मजदूर बिना वेतन के गुजर-बसर कर रहे हैं परन्तु श्रम विभाग खामोश है। श्रम विभाग एक  वर्ष पूर्व हुए अपने ही समझौते को लागू नहीं करवा पा रहा है व मूक दर्शक बना हुआ है। प्रबंधन ने मजदूरों का पिछले सोलह महीने का वेतन न देकर मजदूरों के लाखों रुपये के वेतन को भी प्रबंधन ने नहीं दिया है। इस सब पर श्रम विभाग की खामोशी समझ से परे है।

हिमाचल होटल मजदूर लाल झण्डा यूनियन ने  सरकार से मांग की  है कि होटल ईस्टबोर्न प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लायी जाए ताकि मजदूरों को न्याय मिल सके।

Himachal Pradesh
Hotel Mazdoor Lal Jhanda Union
CITU
workers protest

Related Stories

मुंडका अग्निकांड: 'दोषी मालिक, अधिकारियों को सजा दो'

मुंडका अग्निकांड: ट्रेड यूनियनों का दिल्ली में प्रदर्शन, CM केजरीवाल से की मुआवज़ा बढ़ाने की मांग

झारखंड-बिहार : महंगाई के ख़िलाफ़ सभी वाम दलों ने शुरू किया अभियान

आशा कार्यकर्ताओं को मिला 'ग्लोबल हेल्थ लीडर्स अवार्ड’  लेकिन उचित वेतन कब मिलेगा?

मुद्दा: आख़िर कब तक मरते रहेंगे सीवरों में हम सफ़ाई कर्मचारी?

मुंडका अग्निकांड: सरकारी लापरवाही का आरोप लगाते हुए ट्रेड यूनियनों ने डिप्टी सीएम सिसोदिया के इस्तीफे की मांग उठाई

#Stop Killing Us : सफ़ाई कर्मचारी आंदोलन का मैला प्रथा के ख़िलाफ़ अभियान

हिमाचल: प्राइवेट स्कूलों में फ़ीस वृद्धि के विरुद्ध अभिभावकों का ज़ोरदार प्रदर्शन, मिला आश्वासन 

सार्वजनिक संपदा को बचाने के लिए पूर्वांचल में दूसरे दिन भी सड़क पर उतरे श्रमिक और बैंक-बीमा कर्मचारी

झारखंड: केंद्र सरकार की मज़दूर-विरोधी नीतियों और निजीकरण के ख़िलाफ़ मज़दूर-कर्मचारी सड़कों पर उतरे!


बाकी खबरें

  • Ayodhya
    रवि शंकर दुबे
    अयोध्या : 10 हज़ार से ज़्यादा मंदिर, मगर एक भी ढंग का अस्पताल नहीं
    24 Jan 2022
    दरअसल अयोध्या को जिस तरह से दुनिया के सामने पेश किया जा रहा है वो सच नहीं है। यहां लोगों के पास ख़ुश होने के लिए मंदिर के अलावा कोई दूसरा ज़रिया नहीं है। अस्पताल से लेकर स्कूल तक सबकी हालत ख़राब है।
  • BHU
    विजय विनीत
    EXCLUSIVE: ‘भूत-विद्या’ के बाद अब ‘हिंदू-स्टडीज़’ कोर्स, फिर सवालों के घेरे में आया बीएचयू
    24 Jan 2022
    किसी भी राष्ट्र को आगे ले जाने के लिए धर्म की नहीं, विज्ञान और संविधान की जरूरत पड़ती है। बेहतर होता बीएचयू में आधुनिक पद्धति के नए पाठ्यक्रम शुरू किए जाते। हमारा पड़ोसी देश चीन बिजली की मुश्किलों से…
  • cartoon
    आज का कार्टून
    कार्टून क्लिक: एक वीरता पुरस्कार तो ग़रीब जनता का भी बनता है
    24 Jan 2022
    बेरोज़गारी, महंगाई और कोविड आदि की मार सहने के बाद भी भारत की आम जनता ज़िंदा है और मुस्कुरा कर पांच राज्यों में फिर मतदान की लाइन में लगने जा रही है, तो एक वीरता पुरस्कार तो उसका भी बनता है...बनता है…
  • genocide
    पार्थ एस घोष
    घर वापसी से नरसंहार तक भारत का सफ़र
    24 Jan 2022
    भारत में अब मुस्लिम विरोधी उन्माद चरम पर है। 2014 में नरेंद्र मोदी के सत्ता में आने के बाद से इसमें लगातार वृद्धि हुई है।
  • bulli bai
    डॉ. राजू पाण्डेय
    नफ़रत का डिजिटलीकरण
    24 Jan 2022
    सुल्ली डील्स, बुल्ली बाई, क्लबहाउस और अब ट्रैड्स के ज़रिये अल्पसंख्यक समुदाय के ख़िलाफ़ नफ़रत फैलाने का काम लगातार सोशल मीडिया पर हो रहा है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License