NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
भारत
राजनीति
हिमाचल: आईजीएमसी वर्कर्स यूनियन का आउटसोर्स व ठेका मज़दूरों की मांगों को लेकर प्रदर्शन  
प्रदर्शन में सीटू प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा,राज्य सचिव रमाकांत मिश्रा,यूनियन अध्यक्ष विरेन्द्र लाल,महासचिव नोख राम, सहित यूनियन के अन्य नेता और कर्मचारी मौजूद रहे।
न्यूजक्लिक रिपोर्ट
26 Aug 2021
हिमाचल: आईजीएमसी वर्कर्स यूनियन का आउटसोर्स व ठेका मज़दूरों की मांगों को लेकर प्रदर्शन  

दिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (आईजीएमसी) कॉन्ट्रैक्ट वर्करज़ यूनियन सम्बन्धित सीटू ने आईजीएमसी के आउटसोर्स व ठेका मजदूरों की मांगों को लेकर आईजीएमसी गेट पर धरना दिया। इस दौरान मजदूरों ने काली पट्टियां बांधकर जोरदार मौन प्रदर्शन किया जिसमें सैंकड़ों मजदूर शामिल हुए। यूनियन ने चेतावनी दी है कि अगर मजदूरों की मांगों का शीघ्र समाधान न किया गया तो यूनियन भविष्य में हड़ताल करने से भी गुरेज़ नहीं करेगी। 

प्रदर्शन में सीटू प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा,राज्य सचिव रमाकांत मिश्रा,यूनियन अध्यक्ष विरेन्द्र लाल,महासचिव नोख राम, सहित यूनियन के अन्य नेता और कर्मचारी मौजूद रहे।

प्रदर्शन के बाद यूनियन का प्रतिनिधिमंडल सीटू प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा की अध्यक्षता में आईजीएमसी के प्रधानाचार्य व मेडिकल सुपरिन्टेन्डेन्ट से मिला व उन्हें बाईस सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। उन्होंने आश्वासन दिया कि मजदूरों की मांगों के समाधान के लिए दस दिन के भीतर बैठक बुला कर इनका समाधान किया जाएगा।

यूनियन अध्यक्ष विरेन्द्र लाल व महासचिव नोख राम ने आईजीएमसी में कार्यरत ठेकेदारों पर श्रम कानूनों के उल्लंघन का आरोप लगाया है। 

उन्होंने कहा है कि कोरोना काल में बेहतरीन सेवाएं देने के बावजूद भी पन्द्रह मजदूरों को बिना कारण गैर कानूनी तरीके से नौकरी से निकाल दिया गया है। मजदूरों को कोरोना काल के प्रति माह एक हज़ार पांच सौ रुपये व हर शिफ्ट का प्रतिदिन दो सौ रुपये का भुगतान नहीं किया गया है। मजदूरों के वेतन में अप्रैल 2021 से प्रदेश सरकार द्वारा प्रतिमाह की गई साढ़े सात सौ रुपये की वेतन बढ़ोतरी को लागू नहीं किया गया है। कोरोना काल में कार्य पर रखे गए वार्ड अटेंडेंट्स,सफाई,ईसीजी व सुरक्षा कर्मियों को वेतन नहीं दिया जा रहा है व उन्हें नौकरी से निकालने की कोशिशें की जा रही हैं।

उन्होंने आईजीएमसी प्रबंधन से मजदूरों को न्यूनतम वेतन, ईपीएफ, ईएसआई, बोनस, छुट्टियों, कोरोना काल के वेतन, दो वर्दी सेट, चेंजिंग रूम व प्रसूति अवकाश, हर वर्ष पच्चीस प्रतिशत वेतन बढ़ोतरी की मांग की है। उन्होंने नौकरी से निकाले गए मजदूरों को तुरन्त बहाल करने की मांग भी की है। इसके अलावा उन्होंने मजदूरों का वेतन पन्द्रह हज़ार रुपये घोषित करने व आउटसोर्स कर्मियों के लिए नीति बनाने की मांग की है। उन्होंने ठेका बदलने पर मजदूरों की सेवाओं को यथावत जारी रखने की मांग की है।

Himachal Pradesh
IGMC workers
IGMC workers union
CITU

Related Stories

मुंडका अग्निकांड: 'दोषी मालिक, अधिकारियों को सजा दो'

मुंडका अग्निकांड: ट्रेड यूनियनों का दिल्ली में प्रदर्शन, CM केजरीवाल से की मुआवज़ा बढ़ाने की मांग

झारखंड-बिहार : महंगाई के ख़िलाफ़ सभी वाम दलों ने शुरू किया अभियान

आशा कार्यकर्ताओं को मिला 'ग्लोबल हेल्थ लीडर्स अवार्ड’  लेकिन उचित वेतन कब मिलेगा?

मुंडका अग्निकांड: सरकारी लापरवाही का आरोप लगाते हुए ट्रेड यूनियनों ने डिप्टी सीएम सिसोदिया के इस्तीफे की मांग उठाई

हिमाचल: प्राइवेट स्कूलों में फ़ीस वृद्धि के विरुद्ध अभिभावकों का ज़ोरदार प्रदर्शन, मिला आश्वासन 

सार्वजनिक संपदा को बचाने के लिए पूर्वांचल में दूसरे दिन भी सड़क पर उतरे श्रमिक और बैंक-बीमा कर्मचारी

झारखंड: केंद्र सरकार की मज़दूर-विरोधी नीतियों और निजीकरण के ख़िलाफ़ मज़दूर-कर्मचारी सड़कों पर उतरे!

दो दिवसीय देशव्यापी हड़ताल को मिला व्यापक जनसमर्थन, मज़दूरों के साथ किसान-छात्र-महिलाओं ने भी किया प्रदर्शन

देशव्यापी हड़ताल का दूसरा दिन, जगह-जगह धरना-प्रदर्शन


बाकी खबरें

  • modi
    अनिल जैन
    खरी-खरी: मोदी बोलते वक्त भूल जाते हैं कि वे प्रधानमंत्री भी हैं!
    22 Feb 2022
    दरअसल प्रधानमंत्री के ये निम्न स्तरीय बयान एक तरह से उनकी बौखलाहट की झलक दिखा रहे हैं। उन्हें एहसास हो गया है कि पांचों राज्यों में जनता उनकी पार्टी को बुरी तरह नकार रही है।
  • Rajasthan
    सोनिया यादव
    राजस्थान: अलग कृषि बजट किसानों के संघर्ष की जीत है या फिर चुनावी हथियार?
    22 Feb 2022
    किसानों पर कर्ज़ का बढ़ता बोझ और उसकी वसूली के लिए बैंकों का नोटिस, जमीनों की नीलामी इस वक्त राज्य में एक बड़ा मुद्दा बना हुआ है। ऐसे में गहलोत सरकार 2023 केे विधानसभा चुनावों को देखते हुए कोई जोखिम…
  • up elections
    रवि शंकर दुबे
    यूपी चुनाव, चौथा चरण: केंद्रीय मंत्री समेत दांव पर कई नेताओं की प्रतिष्ठा
    22 Feb 2022
    उत्तर प्रदेश चुनाव के चौथे चरण में 624 प्रत्याशियों का भाग्य तय होगा, साथ ही भारतीय जनता पार्टी समेत समाजवादी पार्टी की प्रतिष्ठा भी दांव पर है। एक ओर जहां भाजपा अपना पुराना प्रदर्शन दोहराना चाहेगी,…
  • uttar pradesh
    एम.ओबैद
    यूपी चुनाव : योगी काल में नहीं थमा 'इलाज के अभाव में मौत' का सिलसिला
    22 Feb 2022
    पिछले साल इलाहाबाद हाईकोर्ट ने योगी सरकार को फटकार लगाते हुए कहा था कि "वर्तमान में प्रदेश में चिकित्सा सुविधा बेहद नाज़ुक और कमज़ोर है। यह आम दिनों में भी जनता की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त…
  • covid
    टी ललिता
    महामारी के मद्देनजर कामगार वर्ग की ज़रूरतों के अनुरूप शहरों की योजना में बदलाव की आवश्यकता  
    22 Feb 2022
    दूसरे कोविड-19 लहर के दौरान सरकार के कुप्रबंधन ने शहरी नियोजन की खामियों को उजागर करके रख दिया है, जिसने हमेशा ही श्रमिकों की जरूरतों की अनदेखी की है। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License