NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
घटना-दुर्घटना
भारत
राजनीति
हिमाचल प्रदेश: टनल हादसा, चार मज़दूरों की मौत का ज़िम्मेदार कौन?
मज़दूर नेताओ का कहना है इस तरह की घटनाएं सुरक्षा के आभाव में हो रही हैं और कंपनियां और उसके ठेकेदार अपने मुनाफ़े के लिए कामगारों की बलि चढाते रहते हैं और प्रशासन भी आँखें मूंदे रहता है।  
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
24 May 2021
हिमाचल प्रदेश: टनल हादसा, चार मज़दूरों की मौत का ज़िम्मेदार कौन?
Image courtesy : The Tribune India

हिमाचल प्रदेश में एकबार फिर टनल निर्माण दौरन में काम करने वाले चार मज़दूरों की जान चली गई है। यह हिमाचल के जिला कुल्लू की गड़सा घाटी स्थित मनिहार नामक जगह के पास पंचानाला में बन रही एनएचपीसी चरण-दो की डायवर्जन टनल धंसने से से हुआ। इस हादसे में एक कामगार घायल भी हो गया था, जबकि एक अन्य को सुरक्षित बचा लिया गया। इस घटना के बाद प्रशासन हरकत में आया और उसने तत्काल घटनास्थल का दौर किया परन्तु सवाल यही उठता है की वहां सुरक्षा के पुख़्ता इंतेज़ाम क्यों नहीं थे क्योंकि इससे पहले भी कई मज़दूरों की दर्दनाक मौत हो चुकी है। लेकिन हर बार सरकार जाँच का दावा करती है लेकिन कुछ होता नहीं दिखता है।  

मज़दूर नेताओ का कहना है इस तरह की घटनाएं सुरक्षा के आभाव में हो रही हैं और कंपनियां और उसके ठेकेदार अपने मुनाफ़े के लिए कामगारों की बलि चढाते रहते हैं और प्रशासन भी आँखें मूंदे रहता है।  

स्थानीय अखबारों के मुताबिक घटना के बाद इसके रेस्क्यू का काम लगभग करीब डेढ़ से दो घंटे चला जिसके बाद मलबे में दबे चार लोगों के शव निकाले गए। एनएचपीसी की इस टनल का काम एक ठेकेदार कर रहा है। जानकारी के अनुसार 21 मई शुक्रवार शाम करीब छह बजे के आसपास एनएचपीसी चरण-दो की 32 किलोमीटर लंबी मुख्य टनल के साथ बन रही डायवर्जन टनल (सब टनल) में काम चल रहा था। छह लोग शिफ्ट में काम कर रहे थे। इस दौरान अचानक टनल धंसने से यहां काम कर रहे छह कामगार मलबे में दब गए।

हादसे में घायल 20 वर्षीय रामचंद्र नेपाल के रहने वाले हैं। जिन्हें उपचार के लिए कुल्लू अस्पताल ले जाया गया था। जहाँ उनका इलाज़ चल रहा है।  पुलिस अधीक्षक कुल्लू गौरव सिंह ने मीडिया को दी जानकारी के मुताबिक़ पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मृतकों की पहचान 28 वर्षीय अमर निवासी पालगी गड़सा (कुल्लू), 28 वर्षीय कुलदीप कुमार निवासी बल्दवाबोहल (सिरमौर), 36 वर्षीय बबलू (36) निवासी नेपाल और 42 वर्षीय नवीन निवासी दार्जिलिंग के तौर पर हुई है।  

मज़दूर संगठन सीटू राज्य कमेटी हिमाचल प्रदेश ने कुल्लू के पंचानाला में एनएचपीसी की टनल धंसने से चार कामगारों की मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया है। राज्य कमेटी ने गैर जिम्मेवारी पूर्वक तरीके से कार्य करने वाले हादसे के लिए जिम्मेदार अधिकारियों व ठेकेदार पर हत्या का मुकदमा दर्ज़ करने की मांग की है। राज्य कमेटी ने मृतकों के परिवार को पच्चीस लाख रुपये प्रति मजदूर देने की मांग की है। राज्य कमेटी ने मृतक मजदूरों के हर परिवार से एक व्यक्ति को एनएचपीसी में रोज़गार देने की मांग की है।

एनएचपीसी लिमिटेड केंद्रीय विद्युत मंत्रालय के स्वामित्व वाला भारत सरकार का जलविद्युत बोर्ड (hydropower board ) है।

एनएचपीसी की इस परियोजना में करीब 32 किलोमीटर लंबी मुख्य टनल में अभी तक दर्जनों मजदूरों की मौत हो चुकी है। कई बार हुए हादसों में टनल निर्माण में लगे मजदूर जान गंवा चुके हैं। पारली पंचायत के प्रधान राज मल्होत्रा ने अमर उजाला को बताया कि कुछ साल पूर्व शिलागढ़ के आसपास बादल फटने से दर्जनों कामगारों की मौत हुई थी।  

सीटू प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा ने कहा है कि टनल धंसने से मारे गए चार मजदूरों की मौत के लिए जिम्मेवार अधिकारियों व ठेकेदार पर हत्या का मुकदमा दर्ज होना चाहिए। यह बेहद दुख की बात है कि वर्तमान में आधुनिक तकनीक होने के बावजूद हिमाचल प्रदेश की निर्माणाधीन बिजली परियोजनाओं में मजदूरों को अपनी जान गंवानी पड़ रही है।

विजेंद्र ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि इस घटनाक्रम की उच्च स्तरीय जांच की जाए व दोषियों को कड़ी सजा दी जाए ताकि भविष्य में ऐसे घटनाक्रमों की पुनरावृत्ति न हो। उन्होंने सरकार से मजदूरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग की है। उन्होंने हैरानी व्यक्त की है कि एनएचपीसी जैसी बड़ी कम्पनियों के तत्वधान में हो रहे निर्माण कार्यों में भी ऐसे दर्दनाक हादसे हो रहे हैं।

उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि "यह सब मुनाफाखोरी को बढ़ाने के लिए मजदूरों की सुरक्षा के साथ सीधा खिलवाड़ है। ठेकेदार अपनी मुनाफाखोरी बढ़ाने के लिए निर्धारित मानकों के साथ निर्माण कार्यों को अमलीजामा नहीं पहनाते हैं। विभाग के अधिकारी भी ठेकेदारों से मिलीभगत करके मजदूरों की सुरक्षा की ओर कोई ध्यान नहीं देते हैं। इस तरह मजदूरों का शोषण भारी पैमाने पर जारी है। जब इस तरह के हादसे होते हैं तो सरकार,प्रशासन,अधिकारी व ठेकेदार मिलकर ऐसे मामलों को रफा दफा करके पूरे मामले को ही दबा देते हैं। मजदूरों के परिवारों को कभी भी न्याय नहीं मिल पाता है।"

Himachal Pradesh
Tunnel accident
Kullu
Garsa valle
NHPC
CITU
workers union

Related Stories

मुंडका अग्निकांड: 'दोषी मालिक, अधिकारियों को सजा दो'

मुंडका अग्निकांड: ट्रेड यूनियनों का दिल्ली में प्रदर्शन, CM केजरीवाल से की मुआवज़ा बढ़ाने की मांग

मुंडका अग्निकांड: लापता लोगों के परिजन अनिश्चतता से व्याकुल, अपनों की तलाश में भटक रहे हैं दर-बदर

रोहतक : मारुति सुज़ुकी के केंद्र में लगी आग, दो कर्मियों की मौत

हिमाचल प्रदेश: फैक्ट्री में ब्लास्ट से 6 महिला मज़दूरों की मौत, दोषियों पर हत्या का मुक़दमा दर्ज करने की मांग

हिमाचल प्रदेश के किन्नौर में भूस्खलन स्थल से छह और शव बरामद, मृतक संख्या बढ़कर 23 हुई

हिमाचल के चम्बा में बस खाई में गिरी, 9 की मौत, मुख्यमंत्री ने दिए जांच के आदेश

हिमाचल : सात सैनिकों की मौत के बाद सीएम कह रहे हैं इमारत अवैध थी

दिल्ली: एक और फैक्ट्री में आग, फिर तीन मज़दूरों की मौत 

कुल्लू: बसों की जर्जर हालत से परेशान निवासी


बाकी खबरें

  • china
    रिचर्ड डी. वोल्फ़
    चीन ने अमेरिका से ही सीखा अमेरिकी पूंजीवाद को मात देना
    22 Nov 2021
    चीन में औसत वास्तविक मजदूरी भी हाल के वर्षों में तेजी से बढ़ी है, जो देश की अपनी आर्थिक प्रणाली की एक और सफलता का संकेतक है। इसके विपरीत, अमेरिकी वास्तविक मजदूरी हाल ही में स्थिर हुई है। संयुक्त…
  • kisan andolan
    असद रिज़वी
    लखनऊ में किसान महापंचायत: किसानों को पीएम की बातों पर भरोसा नहीं, एमएसपी की गारंटी की मांग
    22 Nov 2021
    संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर हुई “किसान महापंचयत” में जमा किसानों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा तीन विवादास्पद कृषि क़ानूनों को वापस लेने की घोषणा पर विश्वास की कमी दिखी। किसानों का कहना…
  • farmers movement
    सुबोध वर्मा
    यूपी: कृषि कानूनों को रद्दी की टोकरी में फेंक देने से यह मामला शांत नहीं होगा 
    22 Nov 2021
    ऐसी एक नहीं, बल्कि ढेर सारी वजहें हैं जिसके चलते लोग, खासकर किसान, योगी-मोदी की ‘डबल इंजन’ वाली सरकार से ख़फ़ा हैं।
  • Abhisar
    न्यूज़क्लिक टीम
    ज़ी न्यूज़ के संपादक को UAE ने अपने देश में आने से रोका
    22 Nov 2021
    बोल' के इस एपिसोड में वरिष्ठ पत्रकार अभिसार शर्मा, देश के मेनस्ट्रीम मीडिया और सरकार का अमूमन बचाव करने वाले जी न्यूज़ के संपादक 'सुधीर चौधरी' की चर्चा कर रहे हैंI ज़ी न्यूज़ के संपादक 'सुधीर चौधरी'…
  • modi
    अनिल जैन
    प्रधानमंत्री ने अपनी किस 'तपस्या’ में कमी रह जाने की बात कही?
    22 Nov 2021
    प्रधानमंत्री कहते हैं कि यह समय किसी को भी दोष देने का नहीं है, लेकिन सवाल यह है कि यह समय नहीं है दोष देने का तो फिर सरकार के दोषों पर कब चर्चा होनी चाहिए और क्यों नहीं होनी चाहिए?
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License