NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
साहित्य-संस्कृति
भारत
राजनीति
पुलवामा : तुमने मिला दिया आदमख़ोर बारूद, लाल-लाल गुलाबों की खुशबू में...
पुलवामा के निवासी डॉ. निदा नवाज़ कश्मीर की पीड़ा के कवि हैं। उन्होंने पिछले साल 2019 में पुलवामा हमले से आहत होकर 'आदमख़ोर समय में' नाम से यह कविता लिखी थी। यह कविता आज एक बार फिर पढ़े जाने की ज़रूरत है। 
निदा नवाज़
14 Feb 2020
Pulwama Attack
Image courtesy : BusinessStandard

आदमख़ोर समय में

(पुलवामा आत्मघाती आतंकी से संबोधित होकर)

दिन वेलेन्टाइन का था

और माहौल प्यार ओ मुहब्बत का

प्रेमी और प्रेमिकाएं सरशार थीं

एक कोमल सनातन भावना से

पूरे विश्व पर बिखरी थी 

लाल-लाल गुलाबों की खुशबू

विश्व का एक पूरा वर्ग

प्रेम वचन को दोहरा रहा था

 

तुम नफ़रत की घृणा से लिप्त

मानवता का चराग़ बुझाने पर तुले थे

तुम तुले थे कलंकित करने

मुहब्बत की सारी प्रज्वलित इबारतों को 

तुमने मिला दिया आदमख़ोर बारूद

लाल-लाल गुलाबों की खुशबू में

तुमने मिटा दिए सारे प्रेम वचन

 

बेसहारा कर दिया 

लगभग पचास परिवारों को 

बुझा दीं उनकी उम्मीदें

मार डाले उनके सपने

एक धमाके के साथ धकेल दिए 

अंधेरों में पचास ऐसे घर

जो गरीबी से लड़ रहे थे 

बुनियादी ज़रूरतों को जुटाने के लिए

उन्हें कुछ नहीं लेना था

तुम्हारी उस पार की संकीर्ण सियासत से

कुछ नहीं लेना था

तुम्हारी बोई हुई नफ़रतों की फ़सलों से 

उन्हें कुछ नहीं लेना था

इस पार की किसी राजनीति से,

सियासत के किसी षड्यंत्र से

 

एक सुरक्षाकर्मी का भला 

इन बातों से क्या सरोकार होता है

कि हमारे संसद में बैठे 

नेताओं की नीतियां क्या हैं

हमारे नेताओं का कॉरपोरेट से क्या रिश्ता है

और इन दोनों की 

मीडिया हाउसों से कोन सी सांठ गाँठ

 

उसे सरोकार होता है 

तो अपनी ड्यूटी से,अपनी तनख़्वाह से 

जिसको वह गिनता रहता है दिन रात

अपने ख़यालों में,अपने ही आप से बातें करते 

और गिनता रहता है दवाइयां

अपने बूढ़े बीमार माता पिता की 

गिनता रहता है अपने ख्यालों में 

अपने नन्हे बच्चों की किताबें

उनकी वर्दी 

और ट्यूशन फ़ीस जुटाने के तरीके

वह गिनता रहता है अपनी सभी ज़रूरतें

जिनकी संख्या हमेशा ज़्यादा होती है

उसकी तनख़्वाह के आंकड़ों से

 

वह बेचारा कहाँ जानता है 

कि उसके शहीद होने के तुरन्त बाद

नीलाम की जाती है उसकी प्रतिष्ठा

उसका बलिदान,उसकी शहादत

सियासत के फ़ासीवादी गलियारों में

 

उसके शव पर  की जाती है राजनीति

लड़े जाते हैं इलेक्शन

उसके ख़ून की एक-एक बून्द से 

बटोरे जातें हैं वोट,भरी जाती हैं तिजोरियाँ

ड्रामें रचे जाते हैं बिकी मीडिया के डिबेटों में

 

इस आदमख़ोर समय में,आदमख़ोर सियासत में

तुम केवल एक प्यादे थे ओ आत्मघाती आतंकी

उस पार के एक और सियासी षड्यंत्र के

और वे शहीद सुरक्षाकर्मी

इस पार की सियासत के निशाने पर हैं सदैव

कब हमारा महाराजा युद्ध की घोषणा करे

कौन जाने, कौन अनुमान लगाए

 

हमारी यह गन्दी और आदमख़ोर सियासत

किसी ग़रीब को मारती है आत्मघाती आतंकी बनाकर 

तो किसी ग़रीब सुरक्षाकर्मी से बलिदान दिलाकर

और इन सबकी मौत

सियासत और कॉरपोरेट के गलियारों में

इस्तेमाल की जीती है,सेलिब्रेट की जाती है

हर आने वाले इलेक्शन से कुछ समय पहले।

 

(कविता संग्रह "अँधेरे की पाज़ेब-2019" से साभार)

Pulwama
pulwama attack
Indian army
terrorist attack
14th February
valentines day

Related Stories

वसंत, वैलेंटाइन, दिल्ली चुनाव और तुम प्रिये!

हाँ, तुम मुझसे प्रेम करो जैसे मछलियाँ लहरों से करती हैं...


बाकी खबरें

  • श्रुति एमडी
    ‘तमिलनाडु सरकार मंदिर की ज़मीन पर रहने वाले लोगों पर हमले बंद करे’
    05 Apr 2022
    द्रमुक के दक्षिणपंथी हमले का प्रतिरोध करने और स्वयं को हिंदू की दोस्त पार्टी साबित करने की कोशिशों के बीच, मंदिरों की भूमि पर रहने वाले लोगों की आजीविका पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। 
  • भाषा
    श्रीलंका में सत्ता पर राजपक्षे की पकड़ कमज़ोर हुई
    05 Apr 2022
    "सरकारी बजट पर मतदान के दौरान गठबंधन के पास 225 सांसदों में से 157 का समर्थन था, लेकिन अब 50 से 60 सदस्य इससे अलग होने वाले हैं। इसके परिणामस्वरूप सरकार न सिर्फ दो-तिहाई बहुमत खो देगी, बल्कि सामान्य…
  • विजय विनीत
    एमएलसी चुनाव: बनारस में बाहुबली बृजेश सिंह की पत्नी के आगे दीन-हीन क्यों बन गई है भाजपा?
    05 Apr 2022
    पीएम नरेंद्र मोदी का दुर्ग समझे जाने वाले बनारस में भाजपा के एमएलसी प्रत्याशी डॉ. सुदामा पटेल ऐलानिया तौर पर अपनी ही पार्टी के दिग्गज नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं पर आरोप जड़ रहे हैं कि वो…
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: आज दूसरे दिन भी एक हज़ार से कम नए मामले 
    05 Apr 2022
    देश में कोरोना से पीड़ित 98.76 फ़ीसदी यानी 4 करोड़ 24 लाख 96 हज़ार 369 मरीज़ों को ठीक किया जा चुका है। और एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 0.03 फ़ीसदी यानी 12 हज़ार 54 रह गयी है।
  • मुकुल सरल
    नफ़रत की क्रोनोलॉजी: वो धीरे-धीरे हमारी सांसों को बैन कर देंगे
    05 Apr 2022
    नज़रिया: अगर किसी को लगता है कि ये (अ)धर्म संसद, ये अज़ान विवाद, ये हिजाब का मुद्दा ये सब यूं ही आक्समिक हैं, आने-जाने वाले मुद्दे हैं तो वह बहुत बड़ा नादान है। या फिर मूर्ख या फिर धूर्त। यह सब यूं…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License