NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
भारत
राजनीति
हिंदूराव के हड़ताली डॉक्टरों और कर्मचारियों को ट्रेड यूनियन का समर्थन, जगह-जगह प्रदर्शन
दिल्ली के संयुक्त ट्रेड यूनियन मंच ने डॉक्टरों और एमसीडी कर्मचारियों के मांगों के समर्थन में दिल्ली सरकार को एक ज्ञापन भी सौंपा है। मज़दूरों ने विभिन्न क्षेत्र में भी डॉक्टरों और कर्मचारियों के समर्थन में सोमवार दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में प्रदर्शन किया।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
27 Oct 2020
हिंदूराव के हड़ताली डॉक्टरों और कर्मचारियों को ट्रेड यूनियन का समर्थन, जगह-जगह प्रदर्शन

दिल्ली: विभिन्न ट्रेड यूनियन संगठनों ने सोमवार को बाड़ा हिन्दू राव अस्पताल के भूख हड़ताली डॉक्टरों व अपनी मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों के साथ प्रदर्शन-स्थल पर जाकर, अपनी एकजुटता जाहिर की। इसमें सीटू ऐक्टू, एचएमएस शामिल रहे। जबकि ऐक्टू से जुड़े मज़दूरों ने विभिन्न क्षेत्र में भी डॉक्टरों और कर्मचारियों के समर्थन में सोमवार दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में प्रदर्शन किया।

ज्ञात हो कि पिछले 4 महीने से दिल्ली नगर निगम के डॉक्टरों, स्वास्थ्य कर्मचारी और शिक्षकों को सैलरी नहीं मिली है। निगम के डॉक्टरों ने शनिवार को मास लीव और जल्द ही अनिश्चित कालीन हड़ताल का ऐलान किया है। गौरतलब है कि सैलरी न मिलने के विरोध में निगम के सबसे बड़े अस्पताल बाड़ा हिन्दू राव के रेसिडेंट डॉक्टर पहले से भूख हड़ताल पर बैठे हैं, जबकि सीनियर डॉक्टर ,नर्सिंग स्टॉफ बाकिकर्मचारी भी वेतन की मांग के साथ लगातार अस्पताल परिसर में प्रदर्शन कर रहे हैं।

‘कोरोना योद्धा’ व ‘फ्रंटलाइन वर्कर’ के नाम पर केंद्र और दिल्ली सरकार के द्वारा जारी भाषणबाज़ी के बीच देश की राजधानी दिल्ली में कर्मचारियों और चिकित्सकों को चार महीने से वेतन तक नहीं दिया जा रहा। दिल्ली के संयुक्त ट्रेड यूनियन मंच ने डॉक्टरों और एमसीडी कर्मचारियों के मांगों के समर्थन में दिल्ली सरकार को एक ज्ञापन भी सौंपा है।

10e2fd46-454f-4592-8a81-def42f6615e0.jpg

ट्रेड यूनियन नेताओ ने कहा सरकार ने ‘कोरोना योद्धा’ को बिना पगार के मजदूर बना दिया है , केंद्र और राज्य सरकार दोनों ज़िम्मेदारी से भाग रहे हैं।

अपने बयान में ऐक्टू ने कहा कि लगातार अपनी जायज़ मांगों को उठाने के बावजूद न तो दिल्ली के मुख्यमंत्री और न ही केंद्र सरकार के अधीन काम करने वाली एमसीडी, वेतन भुगतान जैसी बुनियादी मांग पर कोई सकारात्मक कदम उठा रही है। दिल्ली में कर्मचारियों और मजदूरों के मुद्दे अक्सर केंद्र की मोदी सरकार और दिल्ली की केजरीवाल सरकार के बीच नूरा-कुश्ती का शिकार हो जाते हैं। ये बहुत दुःख की बात है कि महामारी के समय भी कोरोना के खिलाफ लड़ने वाले इन कर्मचारियों और चिकित्सकों को देश की राजधानी में चार माह से वेतन तक नहीं दिया जा रहा।'

प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने साफ़ तौर पर कहा कि ‘फूल बरसाने’ कि राजनीति करने वाले ये भूल गए हैं कि बिना वेतन कोई भी काम नहीं कर सकता। सरकार पहले भी अस्पताल कर्मचारियों को पर्याप्त मात्र में ‘पीपीई किट’ नहीं दे पायी थी जिसके कारण कई कर्मचारी ‘कोविड संक्रमण’ का शिकार हो गए थे, अब हमें वेतन तक नहीं दिया जा रहा।

3165bb36-7b2e-4f45-8668-a36b8711cb70 (1).jpg

जनता के लिए बने अस्पतालों में कर्मचारियों को वेतन न देना आपराधिक कृत्य

आन्दोलनकारी चिकित्सकों और कर्मचारियों को सोमवार ऐक्टू के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष संतोष राय, सीटू के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र गौड़ व हिन्द मजदूर सभा के दिल्ली राज्य अध्यक्ष राजेंदर जी ने संबोधित किया। दिल्ली के ट्रेड यूनियन संगठनों ने पहले भी वेतन भुगतान की मांग को लेकर दिल्ली सरकार को संयुक्त रूप से ज्ञापन सौंपा है।

अपने संबोधन में ऐक्टू दिल्ली के अध्यक्ष संतोष राय ने कहा कि, “आज देश के गृह मंत्री से लेकर दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री तक निजी अस्पतालों में इलाज करवा रहे हैं, ये सरकार द्वारा आम जनता के लिए बने अस्पतालों और संस्थानों की लगातार अनदेखी का प्रमाण है। एमसीडी के कर्मचारी आए दिन वेतन भुगतान, ठेका कर्मचारियों के स्थायीकरण इत्यादि मांगों को लेकर आन्दोलनरत रहते हैं। देश की राजधानी में डॉक्टरों को वेतन का भुगतान नहीं होना – केंद्र और दिल्ली सरकार की नाकामी साफ़ तौर पर दर्शाते हैं। केंद्र और दिल्ली सरकार की आपसी खींचतान के बीच मजदूरों से लेकर शिक्षकों और डॉक्टरों तक के अधिकारों को दबाना नहीं चल सकता। वेतन भुगतान जैसे बुनियादी अधिकार को भी सुनिश्चित नहीं कर पाना आपराधिक कृत्य है। ”

4d04a0de-a65f-4d37-a204-87799136a065.jpg

संतोष राय ने बताया कि दिल्ली के विभिन्न इलाकों में ऐक्टू से जुड़े मजदूर साथियों ने हिन्दू राव के चिकित्सकों और कर्मचारियों की मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया और आगे भी अपनी एकजुटता प्रदर्शित करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि दिल्ली के अन्दर सक्रिय तमाम ट्रेड यूनियन, केंद्र और दिल्ली की सरकारों से ये मांग करते हैं कि चिकित्सकों और कर्मचारियों के बकाया वेतन का अविलम्ब भुगतान हो और अन्य मांगों को भी तुरंत पूरा किया जाए।

Hindu Rao Hospital
Doctors Protest
Health workers
trade unions
CITU
AICCTU
hms
delay in salary

Related Stories

मुंडका अग्निकांड: 'दोषी मालिक, अधिकारियों को सजा दो'

मुंडका अग्निकांड: ट्रेड यूनियनों का दिल्ली में प्रदर्शन, CM केजरीवाल से की मुआवज़ा बढ़ाने की मांग

झारखंड-बिहार : महंगाई के ख़िलाफ़ सभी वाम दलों ने शुरू किया अभियान

आशा कार्यकर्ताओं को मिला 'ग्लोबल हेल्थ लीडर्स अवार्ड’  लेकिन उचित वेतन कब मिलेगा?

मुंडका अग्निकांड के खिलाफ मुख्यमंत्री के समक्ष ऐक्टू का विरोध प्रदर्शन

दक्षिण अफ्रीका में सिबन्ये स्टिलवाटर्स की सोने की खदानों में श्रमिक 70 दिनों से अधिक समय से हड़ताल पर हैं 

मुंडका अग्निकांड: सरकारी लापरवाही का आरोप लगाते हुए ट्रेड यूनियनों ने डिप्टी सीएम सिसोदिया के इस्तीफे की मांग उठाई

जेएनयू: अर्जित वेतन के लिए कर्मचारियों की हड़ताल जारी, आंदोलन का साथ देने पर छात्रसंघ की पूर्व अध्यक्ष की एंट्री बैन!

दिल्ली : नौकरी से निकाले गए कोरोना योद्धाओं ने किया प्रदर्शन, सरकार से कहा अपने बरसाये फूल वापस ले और उनकी नौकरी वापस दे

दिल्ली: लेडी हार्डिंग अस्पताल के बाहर स्वास्थ्य कर्मचारियों का प्रदर्शन जारी, छंटनी के ख़िलाफ़ निकाला कैंडल मार्च


बाकी खबरें

  • Uddhav Thackeray
    सोनिया यादव
    लचर पुलिस व्यवस्था और जजों की कमी के बीच कितना कारगर है 'महाराष्ट्र का शक्ति बिल’?
    24 Dec 2021
    न्याय बहुत देर से हो तो भी न्याय नहीं रहता लेकिन तुरत-फुरत, जल्दबाज़ी में कर दिया जाए तो भी कई सवाल खड़े होते हैं। और सबसे ज़रूरी सवाल यह कि क्या फांसी जैसी सज़ा से वाक़ई पीड़त महिलाओं को इंसाफ़ मिल…
  • jammu and kashmir
    अशोक कुमार पाण्डेय
    जम्मू-कश्मीर : परिसीमन को लोकतंत्र के ख़िलाफ़ हथियार के तौर पर इस्तेमाल कर रही है बीजेपी
    24 Dec 2021
    बीजेपी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर श्रीनगर में हिंदू मुख्यमंत्री बनवाने का जुनून सवार है। इसके लिए केंद्र सरकार कश्मीर घाटी व दूसरी जगह के लोगों को, ख़ुद के द्वारा पहुंचाए जा रहे दर्द को नज़रअंदाज़…
  • modi biden
    मोनिका क्रूज़
    2021 : चीन के ख़िलाफ़ अमेरिका की युद्ध की धमकियों का साल
    24 Dec 2021
    जो बाइडेन प्रशासन लगातार युद्ध की धमकी देने, निराधार आरोपों और चीन के विरुद्ध बहु-देशीय दृष्टिकोण बनाने के संकल्प को पूरा करने के साथ नए शीत युद्ध को गरमाए रखना जारी रखे हुए है।
  • unemployment
    रूबी सरकार
    लोगों का हक़ छीनने वालों पर कार्रवाई करने का दम भरने वाले मुख्यमंत्री ख़ुद ही छीन रहे बेरोज़गारों का हक़!
    24 Dec 2021
    इंटरमीडिएट, ग्रेजुएशन, एमबीए करने के बाद भी मध्यप्रदेश के आईटीआई में शिक्षक सिर्फ 7200 रुपये प्रति महीने में काम करने के लिए मजबूर हैं, राज्य सरकार की ओर से राहत देने की बात भी हवाबाज़ी ही साबित हुई…
  • modi yogi
    लाल बहादुर सिंह
    चुनाव 2022: अब यूपी में केवल 'फ़ाउल प्ले' का सहारा!
    24 Dec 2021
    ध्रुवीकरण और कृपा बाँटने का कार्ड फेल होने के बाद आसन्न पराजय को टालने के लिए, अब सहारा केवल फ़ाउल प्ले का बचा है। ऐन चुनाव के समय बिना किसी बहस के जिस तरह निर्वाचन कार्ड को आधार से जोड़ने का कानून बना…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License