NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अपराध
उत्पीड़न
भारत
राजनीति
अब शिवराज सरकार पर उठे सवाल, आख़िर कितनी बार दोहराई जाएगी हाथरस जैसी अमानवीयता?
भोपाल के चर्चित प्‍यारे मियां कांड की पीड़ित एक नाबालिग बच्ची की मौत के बाद पुलिस द्वारा किए अंतिम संस्कार पर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
23 Jan 2021
shiv raj singh

उत्तर प्रदेश पुलिस-प्रशासन की हाथरस मामले में खूब किरकिरी हुई थी। वजह बलात्कार की बर्बर घटना के अलावा पीड़िता का आनन-फानन में किया अंतिम संस्कार था। अब यही ट्रेंड मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में भी देखने को मिला है। खबरों के मुताबिक पुलिस नाबालिग पीड़िता के शव को अस्पताल से सीधे श्मशान घाट ले गई और वहां अंतिम संस्कार कर दिया।

मामले को तूल पकड़ता देख सीएम शिवराज सिंह चौहान ने जांच के लिए एसआईटी गठित की है लेकिन विपक्ष लगातार सरकार से सवाल कर रहा है कि आखिर हाथरस जैसी अमानवीयता कितनी बार दोहरायी जाएगी।

क्या है पूरा मामला?

भोपाल में बहुचर्चित प्‍यारे मियां के खिलाफ रेप की शिकायत दर्ज कराने वाली एक नाबालिग ने 20 जनवरी, बुधवार की रात एक सरकारी अस्‍पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

मीडिया में आई खबरों के मुताबिक पीड़िता को नींद की गोलियां खाने के बाद भोपाल के एक सरकारी अस्‍पताल हमीदिया में बीते सोमवार यानी 18 जनवरी को भर्ती कराया गया था। ये लड़की सरकारी आश्रय गृह में रह रही थी। अब सवाल ये है कि आखिर आश्रय गृह में उसे नींद की गोलियां कैसे मिलीं।

आपको बता दें कि पिछले साल जुलाई में स्थानीय अखबार चलाने वाले 68 साल के प्यारे मियां के खिलाफ पांच नाबालिग लड़कियों के साथ बलात्कार करने के आरोप में मामला दर्ज किया गया था। अब इनमें से दो लड़कियों के नींद की गोलियां खाने की खबर है।

परिजनों का आरोप, ज़हर देकर मारा है!

इस घटना को लेकर मृतक पीड़िता के परिवार ने पुलिस और प्रशासन पर काफी गंभीर आरोप लगाए। नाबालिग की मौत से लेकर उसके अंतिम संस्कार तक पूरे मामले पर उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

परिजनों ने बच्ची को जहर देने का आरोप बालिका गृह के स्टाफ पर लगाया है। इसके साथ ही उन्होंने इस बात पर भी नाराज़गी जाहिर की है कि उनके लाख कहने पर भी पुलिस ने बेटी का शव उन्हें नहीं सौंपा और अस्पताल से सीधे श्मशान घाट ले जाकर अंतिम संस्कार कर दिया।

मृतक पीड़िता के मां और भाई ने मीडिया से कहा कि हमें घटना के बारे में आधी रात को जानकारी दी गई थी, तब तक अस्पताल में उसका इलाज शुरू हो गया था। मौत के बारे में भी हमें जानकारी दी गई। इसमें शेल्टर होम प्रशासन की पूरी लापरवाही है। बाकी लड़कियों की सुरक्षा को लेकर भी हम चिंतित हैं।

न्यूज़18 से बातचीत करते हुए मृतक बच्ची के पिता ने कहा कि हमने पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों को बेटी का शव घर ले जाने के लिए बार-बार कहा था। लेकिन पुलिस का कहना था कि शव घर पर ले जाने से विवाद की स्थिति पैदा हो सकती है। डॉक्टर और पुलिस प्रशासन का व्यवहार हमारे प्रति ठीक नहीं था।

विपक्ष का सवाल

एमपी की घटना पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि हाथरस जैसी अमानवीयता कितनी बार दोहरायी जाएगी। बीजेपी सरकार महिला सुरक्षा में तो फेल है ही, पीड़िताओं और उनके परिवार से मानवीय व्यवहार करने में असमर्थ भी है।

पूर्व सीएम कमलनाथ ने इस घटना बेहद निंदनीय और शर्मनाक बताते हुए ट्वीट किया, “शिवराज सरकार में भांजियां कहीं भी सुरक्षित नहीं? प्रदेश की राजधानी में यौन शोषण की शिकार मासूम बच्चियां बालिका गृह में भी सुरक्षित नहीं? कितनी अमानवीयता, मृत पीड़िता को उसके घर तक नहीं जाने दिया, उससे अपराधियों जैसा व्यवहार? ”

कमलनाथ ने आगे कहा, “उसके परिवार को अंतिम रीति-रिवाजों से भी वंचित किया गया, यह कैसी निष्ठुर व्यवस्था, कहां है जिम्मेदार, प्रदेश को कितना शर्मशार करेंगे? मामला बेहद गंभीर, मामले की सीबीआई जांच हो, बाकी बालिकाओं को भी पूर्ण सुरक्षा प्रदान की जावे और उनके इलाज की भी समुचित व्यवस्था हो।”

गौरतलब है कि प्यारे मियां यौन शोषण मामले में एक नाबालिग बच्ची की मौत के बाद उन बच्चियों के परिजन बेहद डर गए हैं, जो अभी भी शेल्टर होम में रह रही हैं। परिजनों ने अधिकारियों से पूछा है कि अगर केस 20 साल चलेगा तो क्या बच्चियां तब तक शेल्टर होम में ही रहेंगी। परिजन अब भोपाल प्रशासन से अपनी बच्चियों को ले जाने की मिन्नतें कर रहे हैं।

प्यारे पर आख़िर कार्रवाई क्यों नहीं हुई?

बता दें कि प्यारे मियां का मामला खुलने के बाद एसआईटी ने अपनी जांच में पाया कि प्यारे करीब आठ बरस से नाबालिग लड़कियों का शोषण कर रहा था। जिसमें वो अपने साथियों की मदद से गरीब परिवार की लड़कियों को पैसे का लालच देता था, उनके खर्चे यहां तक की शादी कराने की भी ज़िम्मेदारी लेता था, और बदले में रेप करता था।

विपक्ष ने इस मामले को लेकर पहले भी शिवराज सरकार पर सवाल उठाया था कि आखिर अब तक प्यारे मियां पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई। क्या उसे राजनीति से लेकर पुलिस और प्रशासन सबसे संरक्षण प्राप्त था।

इसे पढ़ें: भोपाल: आख़िर सैक्स रैकेट का आरोपी प्यारे मियां अब तक कैसे बचा था!

Madhya Pradesh
Bhopal
Bhopal Rape case
Shiv Raj Chouhan
Hathras Rape case
crimes against women
violence against women
women safety
bhopal police
BJP
Congress
kamalnath

Related Stories

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

मूसेवाला की हत्या को लेकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, कांग्रेस ने इसे ‘राजनीतिक हत्या’ बताया

तेलंगाना एनकाउंटर की गुत्थी तो सुलझ गई लेकिन अब दोषियों पर कार्रवाई कब होगी?

मनासा में "जागे हिन्दू" ने एक जैन हमेशा के लिए सुलाया

‘’तेरा नाम मोहम्मद है’’?... फिर पीट-पीटकर मार डाला!

कॉर्पोरेटी मुनाफ़े के यज्ञ कुंड में आहुति देते 'मनु' के हाथों स्वाहा होते आदिवासी

मध्यप्रदेश: गौकशी के नाम पर आदिवासियों की हत्या का विरोध, पूरी तरह बंद रहा सिवनी

यूपी : महिलाओं के ख़िलाफ़ बढ़ती हिंसा के विरोध में एकजुट हुए महिला संगठन

राम सेना और बजरंग दल को आतंकी संगठन घोषित करने की किसान संगठनों की मांग

रुड़की से ग्राउंड रिपोर्ट : डाडा जलालपुर में अभी भी तनाव, कई मुस्लिम परिवारों ने किया पलायन


बाकी खबरें

  • सत्यम् तिवारी
    वाद-विवाद; विनोद कुमार शुक्ल : "मुझे अब तक मालूम नहीं हुआ था, कि मैं ठगा जा रहा हूँ"
    16 Mar 2022
    लेखक-प्रकाशक की अनबन, किताबों में प्रूफ़ की ग़लतियाँ, प्रकाशकों की मनमानी; ये बातें हिंदी साहित्य के लिए नई नहीं हैं। मगर पिछले 10 दिनों में जो घटनाएं सामने आई हैं
  • pramod samvant
    राज कुमार
    फ़ैक्ट चेकः प्रमोद सावंत के बयान की पड़ताल,क्या कश्मीरी पंडितों पर अत्याचार कांग्रेस ने किये?
    16 Mar 2022
    भाजपा के नेता महत्वपूर्ण तथ्यों को इधर-उधर कर दे रहे हैं। इंटरनेट पर इस समय इस बारे में काफी ग़लत प्रचार मौजूद है। एक तथ्य को लेकर काफी विवाद है कि उस समय यानी 1990 केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी।…
  • election result
    नीलू व्यास
    विधानसभा चुनाव परिणाम: लोकतंत्र को गूंगा-बहरा बनाने की प्रक्रिया
    16 Mar 2022
    जब कोई मतदाता सरकार से प्राप्त होने लाभों के लिए खुद को ‘ऋणी’ महसूस करता है और बेरोजगारी, स्वास्थ्य कुप्रबंधन इत्यादि को लेकर जवाबदेही की मांग करने में विफल रहता है, तो इसे कहीं से भी लोकतंत्र के लिए…
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    फ़ेसबुक पर 23 अज्ञात विज्ञापनदाताओं ने बीजेपी को प्रोत्साहित करने के लिए जमा किये 5 करोड़ रुपये
    16 Mar 2022
    किसी भी राजनीतिक पार्टी को प्रश्रय ना देने और उससे जुड़ी पोस्ट को खुद से प्रोत्सान न देने के अपने नियम का फ़ेसबुक ने धड़ल्ले से उल्लंघन किया है। फ़ेसबुक ने कुछ अज्ञात और अप्रत्यक्ष ढंग
  • Delimitation
    अनीस ज़रगर
    जम्मू-कश्मीर: परिसीमन आयोग ने प्रस्तावों को तैयार किया, 21 मार्च तक ऐतराज़ दर्ज करने का समय
    16 Mar 2022
    आयोग लोगों के साथ बैठकें करने के लिए ​28​​ और ​29​​ मार्च को केंद्र शासित प्रदेश का दौरा करेगा।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License