NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अपराध
भारत
राजनीति
कैसे सुरक्षित रहेंगी बेटियां? : आगरा अनाथालय सील, जांच जारी
शेल्टर होम में तमाम कोशिशों के बावजूद बच्चियों के साथ उत्पीड़न की घटनाओं पर विराम नहीं लग रहा है। ताज़ा मामला आगरा के मद्यानंद अनाथालय से सामने आया है।
सोनिया यादव
07 Oct 2019
Orphanage

शेल्टर होम में तमाम कोशिशों के बावजूद बच्चियों के साथ उत्पीड़न की घटनाओं पर विराम नहीं लग रहा है। ताज़ा मामला आगरा के मद्यानंद अनाथालय से सामने आया है। 3 अक्तूबर को यमुना किनारे बना ये अनाथालय उस समय सुर्खियों में आया जब एक नाबालिग बच्ची ने कथित सामुहिक दुष्कर्म से आहत हो कर यमुना में छलांग लगा कर आत्महत्या करने का प्रयास किया। इस घटना के बाद 4 अक्तूबर को राज्य महिला आयोग ने अनाथालय में छापे-मारी कर कई अनियमितताओं को उजागर किया। जिसके बाद जिला प्रशासन ने 6 अक्तूबर रविवार शाम को इसे सील कर दिया। फिलहाल इस पूरे मामले की जांच राज्य महिला आयोग और जिलाधिकारी के निगरानी में जारी है।

क्या है पूरा मामला?

राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष सुषमा सिंह ने न्यूज़क्लिक से बातचीत में बताया, 3 अक्तूबर को लखनऊ में जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान आगरा के एक अनाथालय का प्रकरण हमारे सामने आया, जिसमें लड़की के साथ सामुहिक दुष्कर्म की बात कही गई। जिसके बाद आयोग का टीम अगले ही दिन उस पीड़िता से मिलने पहुंची और बच्ची से बातचीत में पता लगा की उस अनाथालय में पहले भी ऐसी वारदातें हो चुकी हैं। फिर आयोग ने अनाथालय के निरीक्षण का फैसला किया।

उन्होंने आगे कहा, जब आयोग की टीम इस अनाथालय में पहुंची और ऑफिस के कागजात खंगाले गए तो वहां रहने वाली बच्चियों का कोई विवरण नहीं मिला। बच्चियों के आने-जाने के संबंधित कोई जानकारी मौजूद ही नहीं थी। उन्होंने पंजीकरण का जो कागज हमें उपलब्ध करवाया उसके अनुसार केवल बालक-बालिकाएं ही उस अनाथालय में रह सकते थे लेकिन वहां कई बड़ी उम्र के युवक-युवतियां भी रह रहे थे। इस सवाल पर वहां के प्रबंधकों के पास कोई जवाब नहीं था। कई ऐसे तथ्य सामने आये जो शक के दायरे में थे।
4_0.jpg
बता दें कि आयोग की छापेमारी में अनाथालय की कई अनियमितताओं का खुलासा हुआ है। उपाध्यक्ष सुषमा सिंह के अनुसार वहां कोई महिला स्टाफ नहीं मिला, पूरे परिसर में गंदगी फैली थी। लड़कियों की अलमारी से महंगे मोबाइल फोन और बिल बरामद हुए। एक लड़की के फोन में बेहद आपत्तिजनक चैट भी मिली। तो वहीं टूटी दीवार के पास झाड़ियों में फ्रेश बीयर की कैन भी प्राप्त हुई।

इस प्रकरण में हैरान करने वाली बात ये है कि आनाथालय द्वारा पीड़िता लड़की के मानसिक रूप से असंतुलित होने की बात कही जा रही है। इस पर सुषमा सिंह कहती हैं, 'मैंने लड़की से दो घंटे बात की, मुझे लड़की सामान्य ही लगी। इस संबंध मेंं हमें अभी सिविल अस्पताल के डॉक्टर की लिखित रिपोर्ट का इंतजार है। हालांकि डॉक्टर ने मौखिक तौर पर लड़की के मानलिक संतुलन को बिल्कुल ठीक बताया है। अगर ये सही पाया गया कि लड़की मानसिक रूप से ठीक है, तो इस मामले में हम किसी को नहीं छोड़ेंगे। कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अभी बच्ची की कई जांच करवाई जा रही हैं। आने वाली 10 तारीख को हम इस संबंध में संवाददाता सम्मेलन करेंगे। सभी रिपोर्टों पर आयोग की नज़र है। जिससे मामले में कोई गड़बड़ी ना हो सके'।

सुषमा सिंह ने इस संबंध में डीपीओ पर लापरवाई का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा, ये आनाथालय 119 साल पुराना है, जिसे लेकर हमारे समक्ष कई चुनौतियां भी आईं हैं, लेकिन हम अपने कदम पीछे नहीं लेंगे। हमारे कहने के बावजूद लड़की को मेडिकल जांच के समय से पहले ही गायब कर दिया गया। जब आयोग ने डीएम से शिकायत की तब जाकर कहीं लड़की को वापस लाया गया।'

इस प्रकरण के बाद जिलाधिकारीे एनजी रवि कुमार ने डीपीआरओ लवकुश भार्गव को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

इस संबंध में बाल कल्याणकारी संस्था महफूज से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ता नरेश पारस ने मीडिया को बताया कि ये शेल्टर होम किशोर न्याय अधिनियम (जेजे एक्ट) में रजिस्टर्ड नहीं है। कई बार शिकायत करने के बाद भी प्रशासन इसे सिर्फ नोटिस ही भेजता रहा लेकिन कभी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अब जब मामला उजागर हुआ तो प्रशासन ने होम को सील कर दिया है। अभी भी जेजे एक्ट में बिना रजिस्ट्रेशन कराए कई शेल्टर होम और संचालित हो रहे हैं।

गौरतलब है कि आगरा में कई अनाथालय ऐसे हैं जो जुवेलाइन जस्टिस एक्ट 2015 के अंतर्गत पंजीकृत नहीं हैं। इस पर राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष का कहना है कि आयोग द्वारा सभी अनाथालयों से लेटर मंगवाया जा रहा है। 10 अक्तूबर को होने वाले संवादाता सम्मेलन में इस बात का ऐलान कर दिया जाएगा कि उत्तर प्रदेश में अब कोई भी अनाथालय बिना जेजे एक्ट में पंजीकरण के नहीं चलेगा। एक महीने के अंदर सभी को इस एक्ट के तहत पंजीकरण करवाना अनिवार्य है। अगर कोई लड़कियों का हित नहीं कर सकता तो हम अहित भी नहीं होने देंगे।
5_1.jpg
बच्चों के अधिकारों की रक्षा के क्षेत्र में कार्यरत संस्था क्राई के प्रमोद बताते हैं कि हमारा मुख्य उद्देश्य सरकार के समक्ष ऐसे अनाथालयों को उजागर करना है, जो जेजे एक्ट के तहत पंजीकृत नही हैं और निश्चित ही उत्तर प्रदेश के आंकड़े निराश करन वाले हैं।

आपको बता दें कि इससे पहले बिहार के मुजफ़्फ़रपुर शेल्टर होम का भयानक सच सबके सामने आया था, जिससे पूरा देश हिल गया था। इसके बाद उत्तर प्रदेश में देवरिया समेत कई शेल्टर होम में उत्पीड़न के मामले सामने आए।

ये किसी से छुपा नहीं है कि उत्तर प्रदेश में अनाथालयों की हालत खस्ता है। 2018 में जारी महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की रिपोर्ट के आकंड़ों के मुताबिक उत्तर प्रदेश में केवल 34.7 प्रतिशत ही बाल देखभाल संस्थान जेजे एक्ट के अंतर्गत पंजीकृत हैं। वहीं मात्र 39.41 प्रतिशत बाल गृहों में ही बच्चों के दाखिले के विवरण की जानकारी मौजूद है।

Orphanage sealed
agra
crimes against women
rapes in shelter home
shelter home

Related Stories

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

तेलंगाना एनकाउंटर की गुत्थी तो सुलझ गई लेकिन अब दोषियों पर कार्रवाई कब होगी?

यूपी : महिलाओं के ख़िलाफ़ बढ़ती हिंसा के विरोध में एकजुट हुए महिला संगठन

बिहार: आख़िर कब बंद होगा औरतों की अस्मिता की क़ीमत लगाने का सिलसिला?

बिहार: 8 साल की मासूम के साथ बलात्कार और हत्या, फिर उठे ‘सुशासन’ पर सवाल

मध्य प्रदेश : मर्दों के झुंड ने खुलेआम आदिवासी लड़कियों के साथ की बदतमीज़ी, क़ानून व्यवस्था पर फिर उठे सवाल

बिहार: मुज़फ़्फ़रपुर कांड से लेकर गायघाट शेल्टर होम तक दिखती सिस्टम की 'लापरवाही'

यूपी: बुलंदशहर मामले में फिर पुलिस पर उठे सवाल, मामला दबाने का लगा आरोप!

दिल्ली गैंगरेप: निर्भया कांड के 9 साल बाद भी नहीं बदली राजधानी में महिला सुरक्षा की तस्वीर

असम: बलात्कार आरोपी पद्म पुरस्कार विजेता की प्रतिष्ठा किसी के सम्मान से ऊपर नहीं


बाकी खबरें

  • Yoweri Museveni
    सिलजा फ़्रोलिच
    अफ़्रीका : तानाशाह सोशल मीडिया का इस्तेमाल अपनी सत्ता बनाए रखने के लिए कर रहे हैं
    11 Jan 2022
    युगांडा के राष्ट्रपति योवेरी मुसेवेनी पर फर्जी सोशल मीडिया एकाउंट्स के ज़रिये अपनी सत्ता को मज़बूत करने का आरोप है। लेकिन वे अफ़्रीका में अकेले नहीं हैं। क्या महाद्वीप में सोशल मीडिया लोकतंत्र के लिए…
  • Elizabeth Holmes
    प्रबीर पुरकायस्थ
    एलिज़ाबेथ होम्स फ़ैसला: अमरीका में ग्राहकों से ठगी जायज़, पर निवेशकों से झूठ नहीं चलेगा
    11 Jan 2022
    अमरीका का जाना-परखा न्याय यही कहता है, कि उपभोक्ता ठग होते हैं और उनको ठगने में कोई गुनाह नहीं है। लेकिन निवेशकर्ताओं के साथ ऐसा सलूक नहीं किया जा सकता है, वे बड़े धनपति जो हैं। 
  • covid
    दित्सा भट्टाचार्य
    भारत की कोविड-19 मौतें आधिकारिक आंकड़ों से 6-7 गुना अधिक हैं: विश्लेषण
    11 Jan 2022
    नए अध्ययन के मुताबिक भारत में 2020 में अपेक्षित मृत्यु दर से कम की तुलना में 2021 में उच्च कोविड मृत्यु दर इस विषय में और अधिक शोध की मांग करता है।
  • Anand
    सत्यम श्रीवास्तव
    मध्य प्रदेश आनंद विभाग: कर्मकांड और प्रचार से दूर 'आनंद' की हक़ीक़त
    11 Jan 2022
    हिंदुस्तान में यह पहली बार हुआ था कि किसी एक राज्य (मध्य प्रदेश) में अपने नागरिकों की खुशहाली को मापने और खुशहाली का प्रचार-प्रसार करने के लिए सांस्थानिक स्तर पर पहल की। लेकिन सरकार द्वारा किए गए काम…
  •  Kashmir’s apple industry
    न्यूज़क्लिक टीम
    कश्मीर के सेब व्यापारी अपने भविष्य के लिए चिंतित, सरकार की तरफ़ से नहीं मिल रही मदद
    11 Jan 2022
    क़रीब 8,000 करोड़ के कश्मीर के सेब उद्योग को इलाक़े की अर्थव्यवस्था की बैकबोन माना जाता है, जिससे 30 लाख से ज़्यादा लोग जुड़े हुए हैं। मौजूदा समय में, #कश्मीरघाटी में 2,400 करोड़ तक की लागत के सेब का बाज़ार…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License