NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
साहित्य-संस्कृति
भारत
राजनीति
सीएए-एनपीआर-एनआरसी के ख़िलाफ़ अखिल भारतीय लेखक-कलाकार सम्मेलन- 'हम देखेंगे’
"यह लेखकों कलाकारों की इस व्यापक भावना का इज़हार है कि यह अवाम के साथ मजबूती के साथ खड़े होने का वक़्त है।"
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
19 Feb 2020
hum dekhenge

सीएए-एनपीआर-एनआरसी के ख़िलाफ़ देशभर में विरोध बढ़ता जा रहा है और साथ ही दमन भी। आज तो कर्नाटक से ख़बर है कि कोप्पल ज़िले में एक सरकारी कार्यक्रम में सीएए विरोधी कविता पढ़ने के मामले में एक कवि और एक पत्रकार को गिरफ़्तार किया गया है। भाजपा के एक पदाधिकारी की शिकायत के बाद यह कार्रवाई की गई है। ऐसे हालात में लेखक-कलाकारों के कई संगठनों ने एकजुट होकर इस पूरी 'परियोजना' का विरोध करने का फ़ैसला किया है। इसके तहत पहली मार्च को दिन में 11 बजे से दिल्ली के जंतर-मंतर पर 'हम देखेंगे’ नाम से अखिल भारतीय लेखक-कलाकार सम्मेलन होगा।

दलित लेखक संघ, जनवादी लेखक संघ, जन संस्कृति मंच, प्रगतिशील लेखक संघ, न्यू सोशलिस्ट इनिशिएटिव, इंडियन कल्चर फोरम, जन संस्कृति, जन नाट्य मंच, विकल्प और दिल्ली विज्ञान मंच के साझे प्रयास के तहत सीएए-एनपीआर-एनआरसी के ख़िलाफ़ देश भर के लेखकों-कलाकारों का यह जुटान होगा।

इन संगठनों की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि कुछ संगठनों द्वारा इसकी पहल की गई,लेकिन यह लेखकों कलाकारों की इस व्यापक भावना का इज़हार है कि यह अवाम के साथ मजबूती के साथ खड़े होने का वक़्त है।

उनके मुताबिक लोकतंत्र पर मंडराता संकट खामख़याली नहीं है।

बयान के मुताबिक "सीएए-एनपीआर-एनआरसी परियोजना हर एक भारतीय की नागरिकता पर संशय खड़ा कर नागरिक को राज्य का मोहताज बना देती है। साथ ही, 'नागरिकता देने' की प्रक्रिया में धर्म के आधार पर भेदभाव को कानूनी जामा पहना कर धर्म को राष्ट्र के प्रति नागरिक की वफ़ादारीकी कसौटी बना देती है।

यह भारत के संविधान, लोकतंत्र और राष्ट्रीय स्वप्न पर एक गम्भीर चोट है।

इसके ख़िलाफ़ देश भर में चल रहे सत्याग्रहों के बावज़ूद सरकार संवाद को दरकिनार कर सम्पूर्ण दमन पर आमादा है।

आज देश का लेखक कलाकार समाज बेचैन है, क्योंकि यह साफ है कि इस वक़्त अगर जनता हार गई तो साहित्य और कलाएं अपने होने का प्रयोजन ही खो देंगी।

यह एक रज़ाकाराना मुहिम हैं। लेखक कलाकार स्वेच्छा से इसमें शरीक हो रहे हैं। आप भी आइए। इसमें हर सजग लेखक कलाकार की सहभागिता जरूरी है।"

इसे भी पढ़ें :सरकारी कार्यक्रम में सीएए विरोधी कविता पढ़ने के मामले में कवि और पत्रकार गिरफ़्तार

 

CAA
NRC
CAA-NRC Protests
poetry of resistance
poet
Writers and Artists against CAA-NPR-NRC

Related Stories

CAA आंदोलनकारियों को फिर निशाना बनाती यूपी सरकार, प्रदर्शनकारी बोले- बिना दोषी साबित हुए अपराधियों सा सुलूक किया जा रहा

देश बड़े छात्र-युवा उभार और राष्ट्रीय आंदोलन की ओर बढ़ रहा है

विचार: पूर्व के आंदोलनों से किस तरह अलग और विशिष्ट है किसान आंदोलन

दिल्ली पुलिस की 2020 दंगों की जांच: बद से बदतर होती भ्रांतियां

सीएए : एक और केंद्रीय अधिसूचना द्वारा संविधान का फिर से उल्लंघन

समान नागरिकता की मांग पर देवांगना कलिता, नताशा नरवाल को गिरफ्तार किया गया: पिंजरा तोड़

ग़ैर मुस्लिम शरणार्थियों को पांच राज्यों में नागरिकता

नताशा नरवाल को अपने पिता के अंतिम संस्कार के लिए मिली ज़मानत

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस: सड़क से कोर्ट तक संघर्ष करती महिलाएं सत्ता को क्या संदेश दे रही हैं?

विरोध-प्रदर्शन और चुनावी रणनीति बिगड़ने के डर से भाजपा ने सीएए को लटकाया?


बाकी खबरें

  • न्यूज़क्लिक स्पोर्ट्स
    भारतीय फ़ुटबॉल टीम बनाम आईएसएल : कोच इगोर स्टीमेक को है नेशनल कैम्प में खिलाड़ियों की मौजूदगी की चिंता
    20 Oct 2021
    हो सकता है कि भारतीय फ़ुटबॉल टीम एएफ़सी एशियन कप क्वालीफ़ायर का मैच अगले साल फ़रवरी में खेलेगी, इसी दौरान इंडियन सुपर लीग भी चल रहे होगी- ऐसे में इगोर स्टीमेक को उम्मीद है कि घरेलू प्रतियोगिता के हितधारक…
  • सबाह गुरमत
    ना शौचालय, ना सुरक्षा: स्वतंत्र क्षेत्र में काम करने वाली महिलाओं से कंपनियों के कोरे वायदे
    20 Oct 2021
    भारत में गिग इकोनॉमी (छोटी अर्थव्यवस्था) में काम करने वाले कामगारों को आने वाली दिक्कतों पर कुछ समय से काम किया जा रहा है, लेकिन महिला कर्मचारियों पर उतना ध्यान नहीं दिया गया है।
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    सुप्रीम कोर्ट में लखीमपुर हत्याकांड की सुनवाई, कोर्ट ने सरकार को लगाई फटकार
    20 Oct 2021
    सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस एनवी रमन्ना ने कहा कि हम कल रात एक बजे तक स्टेटस रिपोर्ट का इंतजार करते रहे लेकिन हमें रिपोर्ट अभी मिली है। उन्होंने अपने पुराने आदेश का जिक्र करते हुए कहा कि हमने पिछली…
  • Chamoli
    वर्षा सिंह
    उत्तराखंड: बारिश ने तोड़े पिछले सारे रिकॉर्ड, जगह-जगह भूस्खलन से मुश्किल हालात, आई 2013 आपदा की याद
    20 Oct 2021
    बारिश-बाढ़-भूस्खलन से घिरे उत्तराखंड में जो हो रहा है, यही जलवायु परिवर्तन है, आपदा के बाद हम सिर्फ प्रतिक्रिया में कदम उठाते हैं। लेकिन हमें शार्ट टर्म, मिडिल टर्म और लॉन्ग टर्म के लिहाज से तैयारी…
  • लखीमपुर कांड: मंत्री पर एक्शन क्यों नहीं मोदी जी ?
    न्यूज़क्लिक प्रोडक्शन
    लखीमपुर कांड: मंत्री पर एक्शन क्यों नहीं मोदी जी ?
    20 Oct 2021
    बोल के इस एपिसोड में वरिष्ठ पत्रकार अभिसार शर्मा कैबिनेट मंत्री अजय मिश्रा की बर्खास्तगी पर प्रधानमंत्री की चुप्पी पर सवाल उठा रहे हैं.
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License