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मानवाधिकार समूहों ने ईजिप्ट में मानवाधिकारों के उल्लंघन की निंदा की
हस्ताक्षर करने वाले 63 संगठनों ने एक बयान में यूएनएचआरसी से देश में निगरानी और रिपोर्टिंग तंत्र स्थापित करने का आग्रह किया।
पीपल्स डिस्पैच
02 Jun 2021
मानवाधिकार समूहों ने ईजिप्ट में मानवाधिकारों के उल्लंघन की निंदा की

63 अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार और नागरिक समाज संगठनों ने 1 जून को लिखे एक पत्र में ईजिप्ट की सरकार से "एसोसिएशन की स्वतंत्रता, स्वतंत्र समूहों और शांतिपूर्ण विरोध पर कार्रवाई को तुरंत समाप्त करने" का आह्वान किया। इस पत्र पर हस्ताक्षर करने वाले 63 संगठनों में से कुछ प्रमुख संगठनों में एक्सेस नाउ, फ्रीडम हाउस, डेमोक्रेसी फॉर द अरब वर्ल्ड नाउ (डीएडब्ल्यूएन), काहिरा इंस्टीट्यूट फॉर ह्यूमन राइट्स स्टडीज (सीआईएचआरएस), एमनेस्टी इंटरनेशनल, ह्यूमन राइट्स वॉच और ईजिप्टियन ह्यूमन राइट्स फ़ोरम शामिल हैं।

इस बयान में ईजिप्ट की सरकार से कई महत्वपूर्ण कदम उठाने का आग्रह किया गया है। इनमें "फांसी पर रोक लगाना, मृत्युदंड को समाप्त करना", "इकट्ठा होने, सभा करने और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अपने अधिकारों का शांतिपूर्वक इस्तेमाल करने के लिए पकड़े गए व्यक्ति को तुरंत और बिना शर्त रिहा करना" और मनमाने ढंग से हिरासत में लिए गए अन्य लोगों को रिहा करना जिनमें बिना मुकदमे के लंबे समय से प्रीट्रायल में हिरासत में रखे गए लोग शामिल हैं।

इन संगठनों ने देश में मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और पत्रकारों की मनमानी गिरफ्तारी, हिरासत और न्यायिक उत्पीड़न को लेकर चिंता व्यक्त की।

अपने बयान में मानवाधिकार समूहों ने कहा कि वे यूएन वर्किंग ग्रुप ऑन अर्बिट्रेरी डिटेंशन से समझौते के अंतिम चरण में थे जिसमें पाया गया कि मनमाने ढंग से हिरासत पुराने हैं और देश में किए जा रहे मानवाधिकारों का उल्लंघन व्यवस्थित है।

मानवाधिकार संगठनों ने बार-बार इस मामले पर चिंता व्यक्त की है कि ईजिप्ट के अधिकारी मनमाने ढंग से और गैरकानूनी रूप से 60,000 से अधिक राजनीतिक कैदियों, मानवाधिकार कार्यकर्ताओं, धार्मिक अल्पसंख्यक मानवाधिकार कार्यकर्ताओं, शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों, पत्रकारों, शिक्षाविदों, कलाकारों, वकीलों, विपक्षी नेताओं को हिरासत में ले रहे हैं और 2013 के सैन्य तख्तापलट के जरिए ईजिप्ट के मौजूदा राष्ट्रपति अब्देल फत्ताह अल-सीसी द्वारा सत्ता छीनने के बाद से विरोधियों के रिश्तेदारों को निर्वासन के लिए मजबूर होना पड़ा। अपने पत्र में इन समूहों ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद से ईजिप्ट में मानवाधिकारों की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार होने तक ईजिप्ट में मानव और नागरिक अधिकारों के उल्लंघन और ज्यादतियों पर निगरानी और रिपोर्टिंग के लिए एक तंत्र स्थापित करने का आग्रह किया है।

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