NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
मानवाधिकार समूहों ने ईजिप्ट में मानवाधिकारों के उल्लंघन की निंदा की
हस्ताक्षर करने वाले 63 संगठनों ने एक बयान में यूएनएचआरसी से देश में निगरानी और रिपोर्टिंग तंत्र स्थापित करने का आग्रह किया।
पीपल्स डिस्पैच
02 Jun 2021
मानवाधिकार समूहों ने ईजिप्ट में मानवाधिकारों के उल्लंघन की निंदा की

63 अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार और नागरिक समाज संगठनों ने 1 जून को लिखे एक पत्र में ईजिप्ट की सरकार से "एसोसिएशन की स्वतंत्रता, स्वतंत्र समूहों और शांतिपूर्ण विरोध पर कार्रवाई को तुरंत समाप्त करने" का आह्वान किया। इस पत्र पर हस्ताक्षर करने वाले 63 संगठनों में से कुछ प्रमुख संगठनों में एक्सेस नाउ, फ्रीडम हाउस, डेमोक्रेसी फॉर द अरब वर्ल्ड नाउ (डीएडब्ल्यूएन), काहिरा इंस्टीट्यूट फॉर ह्यूमन राइट्स स्टडीज (सीआईएचआरएस), एमनेस्टी इंटरनेशनल, ह्यूमन राइट्स वॉच और ईजिप्टियन ह्यूमन राइट्स फ़ोरम शामिल हैं।

इस बयान में ईजिप्ट की सरकार से कई महत्वपूर्ण कदम उठाने का आग्रह किया गया है। इनमें "फांसी पर रोक लगाना, मृत्युदंड को समाप्त करना", "इकट्ठा होने, सभा करने और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अपने अधिकारों का शांतिपूर्वक इस्तेमाल करने के लिए पकड़े गए व्यक्ति को तुरंत और बिना शर्त रिहा करना" और मनमाने ढंग से हिरासत में लिए गए अन्य लोगों को रिहा करना जिनमें बिना मुकदमे के लंबे समय से प्रीट्रायल में हिरासत में रखे गए लोग शामिल हैं।

इन संगठनों ने देश में मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और पत्रकारों की मनमानी गिरफ्तारी, हिरासत और न्यायिक उत्पीड़न को लेकर चिंता व्यक्त की।

अपने बयान में मानवाधिकार समूहों ने कहा कि वे यूएन वर्किंग ग्रुप ऑन अर्बिट्रेरी डिटेंशन से समझौते के अंतिम चरण में थे जिसमें पाया गया कि मनमाने ढंग से हिरासत पुराने हैं और देश में किए जा रहे मानवाधिकारों का उल्लंघन व्यवस्थित है।

मानवाधिकार संगठनों ने बार-बार इस मामले पर चिंता व्यक्त की है कि ईजिप्ट के अधिकारी मनमाने ढंग से और गैरकानूनी रूप से 60,000 से अधिक राजनीतिक कैदियों, मानवाधिकार कार्यकर्ताओं, धार्मिक अल्पसंख्यक मानवाधिकार कार्यकर्ताओं, शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों, पत्रकारों, शिक्षाविदों, कलाकारों, वकीलों, विपक्षी नेताओं को हिरासत में ले रहे हैं और 2013 के सैन्य तख्तापलट के जरिए ईजिप्ट के मौजूदा राष्ट्रपति अब्देल फत्ताह अल-सीसी द्वारा सत्ता छीनने के बाद से विरोधियों के रिश्तेदारों को निर्वासन के लिए मजबूर होना पड़ा। अपने पत्र में इन समूहों ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद से ईजिप्ट में मानवाधिकारों की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार होने तक ईजिप्ट में मानव और नागरिक अधिकारों के उल्लंघन और ज्यादतियों पर निगरानी और रिपोर्टिंग के लिए एक तंत्र स्थापित करने का आग्रह किया है।

Human Rights
human rights in egypt
advocacy groups in egypt

Related Stories

तेलंगाना एनकाउंटर की गुत्थी तो सुलझ गई लेकिन अब दोषियों पर कार्रवाई कब होगी?

जलवायु परिवर्तन : हम मुनाफ़े के लिए ज़िंदगी कुर्बान कर रहे हैं

एनआईए स्टेन स्वामी की प्रतिष्ठा या लोगों के दिलों में उनकी जगह को धूमिल नहीं कर सकती

जलविद्युत बांध जलवायु संकट का हल नहीं होने के 10 कारण 

चिली की नई संविधान सभा में मज़दूरों और मज़दूरों के हक़ों को प्राथमिकता..

पुतिन को ‘दुष्ट' ठहराने के पश्चिमी दुराग्रह से किसी का भला नहीं होगा

यूक्रेन युद्ध से रूस-चीन के संबंधों में मिली नई दिशा

मणिपुर चुनाव: भाजपा के धनबल-भ्रष्ट दावों की काट है जनता का घोषणापत्र

कैसे सैन्य शासन के विरोध ने म्यांमार को 2021 के तख़्तापलट के बाद से बदल दिया है

कैसे चीन पश्चिम के लिए ओलंपिक दैत्य बना


बाकी खबरें

  • किसान आंदोलन
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    किसान आंदोलन: करनाल हिंसा के विरोध में देश भर में आंदोलन, 5 सितंबर की महापंचायत की तैयारी ज़ोरों पर
    02 Sep 2021
    करनाल की घटनाओं के बचाव हेतु सामने आई हरियाणा की भाजपा-जजपा सरकार की चौतरफा निंदा हो रही है। वहीं पंजाब और हरियाणा के मुख्यमंत्रियों के बीच सार्वजनिक विवाद सामने आया। इस बीच शांतिपूर्ण…
  • जब जज ही निशाने पर हों, तो फिर आरटीआई एक्टिविस्ट, व्हिसलब्लोअर की क्या बिसात
    सर्वेश माथुर
    जब जज ही निशाने पर हों, तो फिर आरटीआई एक्टिविस्ट, व्हिसलब्लोअर की क्या बिसात
    02 Sep 2021
    भ्रष्टाचार को जड़ से ख़त्म करने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर एक समन्वित कार्रवाई की ज़रूरत है, जो कि सड़ रही व्यवस्था की मुख्य वजह है।
  • उनके तालिबान तालिबान, हमारे वाले संत?
    बादल सरोज
    उनके तालिबान तालिबान, हमारे वाले संत?
    02 Sep 2021
    "उनके तालिबान तालिबान हमारे तालिबान संत" का दोहरापन कही नहीं ले जाएगा। भेड़िये सिर्फ भेड़िये होते हैं और लाखों वर्ष का विवरण और हजारों वर्ष की सभ्यता गवाह है कि भेड़ियों ने कभी गांव नहीं बसाये।
  • रिपब्लिक भारत ने ‘तालिबान का क्रूर चेहरा’ दिखाते हुए BSP नेता हाजी याक़ूब क़ुरैशी की फ़ोटो दिखायी
    प्रियंका झा
    रिपब्लिक भारत ने ‘तालिबान का क्रूर चेहरा’ दिखाते हुए BSP नेता हाजी याक़ूब क़ुरैशी की फ़ोटो दिखायी
    02 Sep 2021
    रिपब्लिक भारत के एक शो का एक स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा है. लोग कह रहे हैं कि चैनल ने तालिबान के संस्थापक मुल्ला उमर के बेटे मुल्ला याक़ूब के नाम के साथ यूपी से बसपा के नेता हाजी…
  • 5 सितंबर की महापंचायत से पहले बोले किसान नेता- मुज़फ़्फ़रनगर में दंगों की राजनीति को दफ़न कर देंगे
    रवि कौशल
    5 सितंबर की महापंचायत से पहले बोले किसान नेता- मुज़फ़्फ़रनगर में दंगों की राजनीति को दफ़न कर देंगे
    02 Sep 2021
    एसकेएम के नेताओं को आशा है कि उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में चलाए गए सघन अभियान के बाद महापंचायतों में बहुत भीड़ उमड़ेगी।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License