NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
मानवाधिकार समूहों और नागरिक समाज के सदस्यों का इज़रायल पर पूर्ण हथियार प्रतिबंध का आह्वान
हस्ताक्षरकर्ताओं ने शस्त्र नियंत्रण संधि के सदस्यों को मानवाधिकारों के उल्लंघन और फ़िलिस्तीनियों के ख़िलाफ़ इज़रायल द्वारा किए गए युद्ध अपराधों में उनकी मिलीभगत की चेतावनी दी।
पीपल्स डिस्पैच
06 Sep 2021
मानवाधिकार समूहों और नागरिक समाज के सदस्यों का इज़रायल पर पूर्ण हथियार प्रतिबंध का आह्वान

100 प्रमुख अंतरराष्ट्रीय नागरिक समाज की हस्तियों के साथ-साथ 100 से अधिक अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों ने एक खुले पत्र में अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से फिलिस्तीनियों के खिलाफ किए जाने वाले इजरायल के कई युद्ध अपराधों और मानवाधिकारों के उल्लंघन का हवाला देते हुए इजरायल पर अंतरराष्ट्रीय, व्यापक हथियार प्रतिबंध लगाने का आह्वान रविवार 5 सितंबर को किया है।

शस्त्र व्यापार संधि (एटीटी) के सदस्यों को संबोधित इस पत्र में मानवाधिकार समूहों ने इसे एटीटी हस्ताक्षरकर्ताओं के कानूनी और नैतिक दायित्व दोनों को दो तरह से प्रतिबंध लगाने, हथियारों के इजरायल को निर्यात करने और इजरायल से आयात करने पर प्रतिबंध लगाने के लिए कहा है और विफल होने पर वे इजरायल के कब्जे के बार-बार युद्ध अपराधों और मानवाधिकारों के उल्लंघन में शामिल होंगे।

इस पत्र पर हस्ताक्षर करने वाले कुछ महत्वपूर्ण संगठनों में अदला जस्टिस प्रोजेक्ट, एडमीर प्रीजनर सपोर्ट एंड ह्यूमन राइट्स एसोसिएशन, अल मेज़ान सेंटर फॉर ह्यूमन राइट्स, यूएस कैंपेन फॉर द एकेडमिक एंड कल्चरल बॉयकॉट ऑफ इज़रायल, द इजरायली कमेटी अगेंस्ट हाउस डिमोलिशन (आईसीएएचडी), ज्यूश वॉयस फॉर पीस, विभिन्न देशों में कई बीडीएस और फिलीस्तीनी पैलेस्टिनिय ऑर्गनाइजेशन शामिल हैं।

अधिकार समूहों ने अपने पत्र में विशेष रूप से फिलिस्तीनियों के खिलाफ इजरायल की हिंसा के कई हालिया मामलों का उल्लेख किया है। इन मामलों में गाजा पर इजरायल के हवाई हमले शामिल हैं जो 11 दिनों तक चले और 67 बच्चों सहित 250 से अधिक फिलिस्तीनियों की मौत हो गई, इसके साथ कब्जे वाले पूर्वी येरुशेलम में अल-अक्सा मस्जिद परिसर में इजरायली सुरक्षा बलों की हिंसक छापेमारी, साथ ही साथ इजरायल के उल्लंघन के विरोध में फिलिस्तीनी प्रदर्शनों का भारी दमन शामिल है। उन्होंने पूर्वी येरुशेलम के आसपास में फिलिस्तीनी लोगों पर चल रहे इजरायल के प्रयासों और हमलों का भी उल्लेख किया, जिसे इजरायल दो या तीन पीढ़ियों से वहां रहने वाले फिलीस्तीनियों को हटाना और नस्लीय सफाया करना चाहता है। इस क्षेत्र में शेख जराह का इलाका शामिल है।

इन संगठनों ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को आगाह किया कि "केवल निंदा के प्रतीकात्मक बयानों से इस पीड़ा का अंत नहीं होगा। इसने एटीटी के सभी पक्षों से कहा है कि " वह इजरायल को पारंपरिक हथियारों, युद्ध सामग्री, आदि के मौजूदा हस्तांतरण या भविष्य के हस्तानांतरण को फौरन प्रतिबंधित करे जब तक कि वह कब्जे वाले फिलिस्तीनी क्षेत्र के अपने अवैध युद्धरत कब्जे को समाप्त नहीं करता है और अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अपने दायित्वों का पूरी तरह से पालन करता है।

Israel
human rights groups
civil society
ICAHD

Related Stories

जन-संगठनों और नागरिक समाज का उभरता प्रतिरोध लोकतन्त्र के लिये शुभ है

न नकबा कभी ख़त्म हुआ, न फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध

अल-जज़ीरा की वरिष्ठ पत्रकार शिरीन अबु अकलेह की क़ब्ज़े वाले फ़िलिस्तीन में इज़रायली सुरक्षाबलों ने हत्या की

अमेरिका ने रूस के ख़िलाफ़ इज़राइल को किया तैनात

इज़रायली सुरक्षाबलों ने अल-अक़्सा परिसर में प्रार्थना कर रहे लोगों पर किया हमला, 150 से ज़्यादा घायल

लैंड डे पर फ़िलिस्तीनियों ने रिफ़्यूजियों के वापसी के अधिकार के संघर्ष को तेज़ किया

अमेरिका ने ईरान पर फिर लगाम लगाई

ईरान नाभिकीय सौदे में दोबारा प्राण फूंकना मुमकिन तो है पर यह आसान नहीं होगा

शता ओदेह की गिरफ़्तारी फ़िलिस्तीनी नागरिक समाज पर इस्राइली हमले का प्रतीक बन गया है

141 दिनों की भूख हड़ताल के बाद हिशाम अबू हव्वाश की रिहाई के लिए इज़रायली अधिकारी तैयार


बाकी खबरें

  • बी. सिवरामन
    खाद्य मुद्रास्फीति संकट को और बढ़ाएगा रूस-यूक्रेन युद्ध
    04 Apr 2022
    सिर्फ़ भारत में ही नहीं, खाद्य मुद्रास्फीति अब वैश्विक मुद्दा है। यह बीजिंग रिव्यू के ताजा अंक की कवर स्टोरी है। संयोग से वह कुछ दिन पहले न्यूयॉर्क टाइम्स की भी एक प्रमुख कहानी बन गई।
  • राजेंद्र शर्मा
    कटाक्ष: सांप्रदायिकता का विकास क्या विकास नहीं है!
    04 Apr 2022
    वो नेहरू-गांधियों वाला पुराना इंडिया था, जिसमें सांप्रदायिकता को तरक्की का और खासतौर पर आधुनिक उद्योग-धंधों की तरक्की का, दुश्मन माना जाता था। पर अब और नहीं। नये इंडिया में ऐसे अंधविश्वास नहीं चलते।
  • विजय विनीत
    ग्राउंड रिपोर्ट: किसानों के सामने ही ख़ाक हो गई उनकी मेहनत, उनकी फसलें, प्रशासन से नहीं मिल पाई पर्याप्त मदद
    04 Apr 2022
    "हमारी ज़िंदगी ही खेती है। जब खेती बर्बाद होती है तो हमारी समूची ज़िंदगी तबाह हो जाती है। सिर्फ़ एक ज़िंदगी नहीं, समूचा परिवार तबाह हो जाता है। पक चुकी गेहूं की फसल की मडाई की तैयारी चल रही थी। आग लगी…
  • भाषा
    इमरान खान के ख़िलाफ़ अविश्वास प्रस्ताव खारिज किए जाने पर सुनवाई करेगा उच्चतम न्यायालय
    04 Apr 2022
    पाकिस्तान के राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने देश के प्रधानमंत्री इमरान खान की सिफारिश पर नेशनल असेंबली (एनए) को भंग कर दिया है। इससे कुछ ही देर पहले नेशनल असेंबली के उपाध्यक्ष कासिम सूरी ने प्रधानमंत्री के…
  • शिरीष खरे
    कोविड-19 टीकाकरण : एक साल बाद भी भ्रांतियां और भय क्यों?
    04 Apr 2022
    महाराष्ट्र के पिलखाना जैसे गांवों में टीकाकरण के तहत 'हर-घर दस्तक' के बावजूद गिने-चुने लोगों ने ही कोविड का टीका लगवाया। सवाल है कि कोविड रोधी टीकाकरण अभियान के एक साल बाद भी यह स्थिति क्यों?
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License