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राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
मानवाधिकार समूहों और नागरिक समाज के सदस्यों का इज़रायल पर पूर्ण हथियार प्रतिबंध का आह्वान
हस्ताक्षरकर्ताओं ने शस्त्र नियंत्रण संधि के सदस्यों को मानवाधिकारों के उल्लंघन और फ़िलिस्तीनियों के ख़िलाफ़ इज़रायल द्वारा किए गए युद्ध अपराधों में उनकी मिलीभगत की चेतावनी दी।
पीपल्स डिस्पैच
06 Sep 2021
मानवाधिकार समूहों और नागरिक समाज के सदस्यों का इज़रायल पर पूर्ण हथियार प्रतिबंध का आह्वान

100 प्रमुख अंतरराष्ट्रीय नागरिक समाज की हस्तियों के साथ-साथ 100 से अधिक अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों ने एक खुले पत्र में अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से फिलिस्तीनियों के खिलाफ किए जाने वाले इजरायल के कई युद्ध अपराधों और मानवाधिकारों के उल्लंघन का हवाला देते हुए इजरायल पर अंतरराष्ट्रीय, व्यापक हथियार प्रतिबंध लगाने का आह्वान रविवार 5 सितंबर को किया है।

शस्त्र व्यापार संधि (एटीटी) के सदस्यों को संबोधित इस पत्र में मानवाधिकार समूहों ने इसे एटीटी हस्ताक्षरकर्ताओं के कानूनी और नैतिक दायित्व दोनों को दो तरह से प्रतिबंध लगाने, हथियारों के इजरायल को निर्यात करने और इजरायल से आयात करने पर प्रतिबंध लगाने के लिए कहा है और विफल होने पर वे इजरायल के कब्जे के बार-बार युद्ध अपराधों और मानवाधिकारों के उल्लंघन में शामिल होंगे।

इस पत्र पर हस्ताक्षर करने वाले कुछ महत्वपूर्ण संगठनों में अदला जस्टिस प्रोजेक्ट, एडमीर प्रीजनर सपोर्ट एंड ह्यूमन राइट्स एसोसिएशन, अल मेज़ान सेंटर फॉर ह्यूमन राइट्स, यूएस कैंपेन फॉर द एकेडमिक एंड कल्चरल बॉयकॉट ऑफ इज़रायल, द इजरायली कमेटी अगेंस्ट हाउस डिमोलिशन (आईसीएएचडी), ज्यूश वॉयस फॉर पीस, विभिन्न देशों में कई बीडीएस और फिलीस्तीनी पैलेस्टिनिय ऑर्गनाइजेशन शामिल हैं।

अधिकार समूहों ने अपने पत्र में विशेष रूप से फिलिस्तीनियों के खिलाफ इजरायल की हिंसा के कई हालिया मामलों का उल्लेख किया है। इन मामलों में गाजा पर इजरायल के हवाई हमले शामिल हैं जो 11 दिनों तक चले और 67 बच्चों सहित 250 से अधिक फिलिस्तीनियों की मौत हो गई, इसके साथ कब्जे वाले पूर्वी येरुशेलम में अल-अक्सा मस्जिद परिसर में इजरायली सुरक्षा बलों की हिंसक छापेमारी, साथ ही साथ इजरायल के उल्लंघन के विरोध में फिलिस्तीनी प्रदर्शनों का भारी दमन शामिल है। उन्होंने पूर्वी येरुशेलम के आसपास में फिलिस्तीनी लोगों पर चल रहे इजरायल के प्रयासों और हमलों का भी उल्लेख किया, जिसे इजरायल दो या तीन पीढ़ियों से वहां रहने वाले फिलीस्तीनियों को हटाना और नस्लीय सफाया करना चाहता है। इस क्षेत्र में शेख जराह का इलाका शामिल है।

इन संगठनों ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को आगाह किया कि "केवल निंदा के प्रतीकात्मक बयानों से इस पीड़ा का अंत नहीं होगा। इसने एटीटी के सभी पक्षों से कहा है कि " वह इजरायल को पारंपरिक हथियारों, युद्ध सामग्री, आदि के मौजूदा हस्तांतरण या भविष्य के हस्तानांतरण को फौरन प्रतिबंधित करे जब तक कि वह कब्जे वाले फिलिस्तीनी क्षेत्र के अपने अवैध युद्धरत कब्जे को समाप्त नहीं करता है और अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अपने दायित्वों का पूरी तरह से पालन करता है।

Israel
human rights groups
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