NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अपराध
भारत
हैदराबाद : वेटनरी डॉक्टर की हत्या से हर कोई दहला, निर्भया कांड याद आया
शुरुआती जांच के बाद पुलिस को संदेह है कि हत्या से पहले युवती से दुष्कर्म हुआ होगा। तेलंगाना की साइबराबाद पुलिस ने इस मामले में चार संदिग्धों को हिरासत में लिया है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
29 Nov 2019
rape and murder
फोटो सोशल मीडिया से साभार

बुधवार की रात जब हम अपने घरों में बेफिक्र होकर सो रहे थे तो कुछ ऐसा भी घट रहा था, जिसका ख्याल आने पर हर बार हमें एक समाज के तौर शर्मिंदगी महसूस होगी। घटना यह है कि हैदराबाद के बाहरी इलाके में टू-व्हीलर का टायर पंक्चर होने के बाद एक टोल प्लाजा के पास इंतजार कर रही 27 साल की वेटनरी डॉक्टर ( पशु चिकित्सक) की बुधवार रात नृशंस हत्या कर दी गई। डॉक्टर का जला हुआ शव गुरुवार सुबह मिला।

सोशल मीडिया पर चल रही जले हुए शव की तस्वीर इतनी भयानक है कि देखने पर सिहरन पैदा होती है। उसे कैसे जलाया गया होगा, ऐसा ख्याल आते ही रूह कांप उठती है।

शुरुआती जांच के बाद पुलिस को संदेह है कि हत्या से पहले युवती से दुष्कर्म हुआ होगा। तेलंगाना की साइबराबाद पुलिस ने इस मामले में चार संदिग्धों को हिरासत में लिया है। ख़बरों के मुताबिक वेटनरी डॉक्टर शादनगर में रहती थीं और यहां से करीब 30 किलोमीटर दूर शम्शाबाद में एक वेटनरी हॉस्पिटल में काम करती थी। वह हर दिन हैदराबाद-बेंगलुरु नेशनल हाईवे स्थित टोंडुपल्ली टोल प्लाजा पर अपना टू-व्हीलर रखकर और वहां से कैब लेकर अस्पताल तक जाती थी।

बुधवार को भी डॉक्टर वेटनरी हॉस्पिटल से टोल प्लाजा पर लौटीं और वहां से एक और क्लीनिक पर जाने के लिए रवाना हो गईं। रात 9 बजकर 22 मिनट पर डॉक्टर ने अपनी बहन को फोन पर बताया कि उसके टू-व्हीलर का एक टायर पंक्चर है। एक व्यक्ति ने उसे मदद की पेशकश की है। कुछ देर बाद उसने दोबारा फोन कर बताया कि मदद की पेशकश करने वाला व्यक्ति कह रहा है कि आसपास की सभी दुकानें बंद हैं और पंक्चर ठीक करवाने के लिए गाड़ी को कहीं और ले जाना होगा।

परिवार के लोगों ने पुलिस को दिए बयान में कहा कि जब डॉक्टर ने अपनी बहन को फोन किया, तब वह डरी हुई थी। बहन ने उससे कहा कि वह टू-व्हीलर वहीं छोड़े और कैब बुक कर घर लौटे। लेकिन डॉक्टर ने कहा कि हाईवे पर स्थित टोल प्लाजा के किनारे इंतजार करने में उसे अजीब महसूस हो रहा है। डॉक्टर ने बाद में अपनी बहन से यह भी कहा कि आसपास अजनबी लोग हैं, जो उसे घूर रहे हैं और उसे डर लग रहा है। पास में ही एक लॉरी खड़ी है, जहां कुछ लोग मौजूद हैं। डॉक्टर ने अपनी बहन से कहा कि वह उससे फोन पर बात करती रहे। बाद में रात 9 बजकर 44 मिनट पर डॉक्टर का फोन स्विच ऑफ हो गया। परिवार ने पुलिस से गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करा दी।

वेटनरी डॉक्टर हैदराबाद-बेंगलुरु हाईवे पर स्थित जिस टोल प्लाजा पर आखिरी बार देखी गई थी, वहां से करीब 30 किमी दूर एक किसान ने गुरुवार सुबह उनका जला हुआ शव देखा। उसने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने गुमशुदगी की रिपोर्ट के आधार पर डॉक्टर के परिवार के लोगों को घटनास्थल पर बुलाया। अधजले स्कार्फ और गोल्ड पेंडेंट से डॉक्टर के शव की पहचान हुई। पुलिस को आसपास से शराब की बोतलें भी मिलीं।

शम्शाबाद के डीसीपी प्रकाश रेड्डी के मुताबिक, ‘‘वेटनरी डॉक्टर को कैरोसिन डालकर जलाया गया। जांच के लिए पुलिस ने 10 टीमें बनाई हैं।'' हैदराबाद के कमिश्नर वीसी सज्जानर ने बताया कि चार संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है।

राष्ट्रीय महिला आयोग ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए तुरंत कार्रवाई की बात कही है। आयोग ने प्रेस रिलीज जारी कर कहा कि यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि इस तरह का घिनौना अपराध हुआ है। और वह भी उस शहर में जहाँ देश के हर कोने से औरतें काम करने को आती है। यह सिस्टम औरतों को एक सुरक्षित माहौल देने में नाकामयाब रहा है। इस घटना का प्रभाव उनपर कैसे पड़ेगा जो औरतें बाहर निकलकर काम करना चाहती हैं।

राष्ट्रीय महिला अधिकार का बयान इस मामले में कुछ बिंदुओं की तरफ ध्यान दिलाने की कोशिश करता है। यह घटना एक टोल प्लाजा के नजदीक घटी।  सामान्यतः ऐसे इलाके में बहुत सारी गाड़ियों की भरमार रहती है। और ऐसी जगहों पर कैमरे भी लगे रहते हैं। ऐसे में 24 घंटे बीत जाने के बाद भी अब तक गुनहगारों को न पकड़ पाना, पूरी तरह कानून व्यवस्था की नाकामयाबी की तरफ इशारा करता है।

इस पूरी वस्तुस्थिति को पढ़ने के बाद भी अंतिम सवाल तो यही है कि क्या मर्द कभी उस डर को समझ पाएंगे जो ऐसी घटनाएं औरतो के मन में घर बनाकर चली जाती है। क्या एक समाज ऐसी घटनाओं के लिए कभी सामूहिक तौर से शर्मिंदा होते हुए औरतो से माफ़ी मांगते हुए अपने भीतर कुछ सुधारने की कोशिश करेगा।  

फिलहाल इसका जवाब 'न' है। सन् 2012 में एक ही वारदात देश की राजधानी दिल्ली में सामने आई थी। तब एक 23 साल की फिजियोथैरेपिस्ट जिसे निर्भया नाम दिया गया, के साथ एक चलती बस में ऐसी ही अमानवियता की गई। उससे पहले और उसके बाद भी देशभर में न जाने कितनी लड़कियों, बच्चियों, महिलाओं को इस अपराध से गुजरना पड़ा। लेकिन न हमारे समाज पर कोई फर्क पड़ रहा है, न कानून-व्यवस्था का दावा करने वाली सरकारों पर और महिलाओं के विरुद्ध हिंसा, उनका उत्पीड़न-शोषण बदस्तूर जारी है।  

Hyderabad
Rape and Murder
sexual violence
crimes against women
exploitation of women
murder case

Related Stories

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

तेलंगाना एनकाउंटर की गुत्थी तो सुलझ गई लेकिन अब दोषियों पर कार्रवाई कब होगी?

मनासा में "जागे हिन्दू" ने एक जैन हमेशा के लिए सुलाया

‘’तेरा नाम मोहम्मद है’’?... फिर पीट-पीटकर मार डाला!

यूपी : महिलाओं के ख़िलाफ़ बढ़ती हिंसा के विरोध में एकजुट हुए महिला संगठन

चंदौली: कोतवाल पर युवती का क़त्ल कर सुसाइड केस बनाने का आरोप

बिहार: आख़िर कब बंद होगा औरतों की अस्मिता की क़ीमत लगाने का सिलसिला?

बिहार: 8 साल की मासूम के साथ बलात्कार और हत्या, फिर उठे ‘सुशासन’ पर सवाल

यूपी: अयोध्या में चरमराई क़ानून व्यवस्था, कहीं मासूम से बलात्कार तो कहीं युवक की पीट-पीट कर हत्या

मध्य प्रदेश : मर्दों के झुंड ने खुलेआम आदिवासी लड़कियों के साथ की बदतमीज़ी, क़ानून व्यवस्था पर फिर उठे सवाल


बाकी खबरें

  • make in india
    बी. सिवरामन
    मोदी का मेक-इन-इंडिया बहुराष्ट्रीय कंपनियों द्वारा श्रमिकों के शोषण का दूसरा नाम
    07 Jan 2022
    बहुराष्ट्रीय कंपनियों के गिग कार्यकर्ता नई पीढ़ी के श्रमिक कहे जा सकते  हैं, लेकिन वे सीधे संघर्ष में उतरने के मामले में ऑटो व अन्य उच्च तकनीक वाले एमएनसी श्रमिकों से अब टक्कर लेने लगे हैं। 
  • municipal elections
    फर्राह साकिब
    बिहारः नगर निकाय चुनावों में अब राजनीतिक पार्टियां भी होंगी शामिल!
    07 Jan 2022
    ये नई व्यवस्था प्रक्रिया के लगभग अंतिम चरण में है। बिहार सरकार इस प्रस्ताव को विधि विभाग से मंज़ूरी मिलने के पश्चात राज्य मंत्रिपरिषद में लाने की तैयारी में है। सरकार की कैबिनेट की स्वीकृति के बाद इस…
  • Tigray
    एम. के. भद्रकुमार
    नवउपनिवेशवाद को हॉर्न ऑफ़ अफ्रीका की याद सता रही है 
    07 Jan 2022
    हिंद महासागर को स्वेज नहर से जोड़ने वाले रणनीतिक तौर पर बेहद महत्वपूर्ण लाल सागर पर अपने नियंत्रण को स्थापित करने की अमेरिकी रणनीति की पृष्ठभूमि में चीन के विदेश मंत्री वांग यी की अफ्रीकी यात्रा काफी…
  • Supreme Court
    अजय कुमार
    EWS कोटे की ₹8 लाख की सीमा पर सुप्रीम कोर्ट को किस तरह के तर्कों का सामना करना पड़ा?
    07 Jan 2022
    आर्थिक तौर पर कमजोर वर्ग को आरक्षण देने के लिए ₹8 लाख की सीमा केवल इस साल की परीक्षा के लिए लागू होगी। मार्च 2022 के तीसरे हफ्ते में आर्थिक तौर पर कमजोर सीमा के लिए निर्धारित क्राइटेरिया की वैधता पर…
  • bulli bai aap
    सना सुल्तान
    विचार: शाहीन बाग़ से डरकर रचा गया सुल्लीडील... बुल्लीडील
    07 Jan 2022
    "इन साज़िशों से मुस्लिम औरतें ख़ासतौर से हम जैसी नौजवान लड़कियां ख़ौफ़ज़दा नहीं हुईं हैं, बल्कि हमारी आवाज़ और बुलंद हुई है।"
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License