NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
कोविड-19
अंतरराष्ट्रीय
अर्थव्यवस्था
हाइड्रोजन-इलेक्ट्रिक जेट और उसका पुनर्गठन: 2022 में विमानन उद्योग की ​योजनाएं
कोरोना महामारी के कारण पस्त पड़ा विमानन उद्योग, कोविड के नए अवतार ओमिक्रॉन के प्रकोप के बावजूद, नए साल में अपनी संभावनाओं को लेकर कुछ कुछ आशावादी है। ​2022​ को​ विमानन उद्योग के लिए सीमित संभावनाओं की दृष्टि से देखा का जा रहा है।
एंड्रियास स्पाएथ
05 Jan 2022
Aviation
प्रतीकात्मक तस्वीर

फ्रेस टेक ऑफ या हार्स लैंडिंग? विमानन उद्योग 2022 को लेकर कुछ कुछ आशावादी नज़र आ रहा है। कुछ उद्योगों को उड्डयन की तुलना में महामारी से ज्यादा नुकसान हुआ है। लेकिन जैसे ही इसकी किस्मत पलटने लगी, उसे कोविड-19 के एक नए अवतार ओमिक्रॉन के प्रकोप से जूझना पड़ रहा है। इसकी मारकता को सीमित करने के लिए विमान यात्रा पर लगाए जाने वाले प्रतिबंधो का भी सामना करना पड़ रहा है।

पिछले साल गर्मियों की छुट्टियों के दौरान कुछ हफ्तों के लिए, हवाई यातायात का संचालन महामारी से पहले वाले स्तर पर लौट आया था, जबकि दुर्लभ मामलों में संक्रमण की दर ऊँची बनी हुई थी। दिसंबर के मध्य तक, यूरोपीय आसमान में विमानों के उड़ानों की संख्या 2019 में कम लागत वाली अग्रणी विमान सेवा रयानएयर के साथ लगभग तीन चौथाई स्तर तक पहुंच गई थी। 

विमानन बाजार की अगुवा कम्पनी रायनएयर, एकमात्र ऐसी एयरलाइन थी, जिसकी उड़ान में वर्ष 2019 से 12 फीसदी​ की वृद्धि दर्ज ​हुई थी। जर्मन की लुफ्थांसा और एयर फ्रांस ने ​​21 फीसदी से​ कम उड़ानें भरी थीं। ​ब्रिटिश एयरवेज ने तो अपनी उड़ानों की संख्या में 35 फीसदी की कटौती के साथ और भी खराब प्रदर्शन किया था।

​यही वजह है कि "​हम जनवरी के मध्य से फरवरी तक, विमानों की टिकट बुकिंग में एक तेज गिरावट का रुझान देखते हैं," लुफ्थांसा के सीईओ कार्स्टन स्पोहर ने फ्रैंकफर्टर ऑलगेमाइन सोनटैग्सज़ितुंग अखबार के साथ क्रिसमस के मौके पर दिए गए एक साक्षात्कार में ऐसा कहा। उन्होंने बताया कि इसके "परिणामस्वरूप, शीतकालीन संचालन के दौरान, हमें अपने समूह की सेवाओं में ​33,000​​ उड़ानें रद्द करनी होंगी यानी कुल गतिविधियों में ​​10 फीसदी की कटौती करनी होगी।"

रयानएयर, जिसने पूरी क्षमता के साथ बाजार में एक ज्वार पैदा करने की हिम्मत की थी, उसे बनाए रखना नए प्रतिबंधों के चलते और भी कठिन हो गया है और 10 मिलियन यात्रियों के आने के पूर्वानुमान की बजाए उसे अब केवल 1​6-7​ मिलियन​ यात्री ही मिलेंगे। 

आने वाला समय बेहतर है 

विश्व स्तर पर स्थिति बेहतर नहीं है- खासकर एशिया में। महामारी के प्रकोप के बाद से विदेशी आगंतुकों के लिए चीन काफी हद तक दूर हो गया है। थाईलैंड या सिंगापुर जैसे अन्य बाजार, जो विदेशी यात्रियों के लिए प्रतिबंधों में धीरे-धीरे ढील दे रहे थे, वे भी अब एक कदम पीछे हट गए हैं। न्यूजीलैंड ने ओमिक्रॉन के डर मारे उड्डयन की नई शुरुआत की अपनी योजना को ही स्थगित कर दिया है।

फिर भी, विमानन उद्योग इस साल अपनी संभावनाओं को लेकर सतर्क रूप से आशावादी बना हुआ है। जर्मन की ध्वजवाहक विमान सेवा लुफ्थांसा इस योजना से पहले सरकार से लिए ऋण को चुकाने के बाद मुनाफा कमाने के लिए फिर से धंधे में वापस आना चाहती है।

विमानन उद्योग पत्रिका एयरलाइन बिजनेस की साहसी भविष्यवाणी है: "विश्वास करने के लिए अभी भी ठोस आधार हैं कि ओमिक्रोन का प्रकोप एक बार कम हो जाने पर वर्ष 2022 एयरलाइन उद्योग के लिए विगत वर्ष 2021 के मुकाबले काफी बेहतर हो सकता है।"

हालांकि आयरिश विमान सेवा रयानएयर को महामारी संबंधी प्रतिबंधों के कारण जनवरी के लिए अपनी नियोजित उड़ानों में से एक तिहाई को रद्द करना पड़ा है।

हाइब्रिड हाइड्रोजन-इलेक्ट्रिक एयरक्राफ्ट

महामारी के दौरान विमानन उद्योग ने जिस निरंतरता को एक प्रमुख लक्ष्य मानते हुए उसे अपना समर्थन दिया है- वह उसकी सेवाओं के एजेंडे में उच्च रहेगा। पहला हाइब्रिड हाइड्रोजन-इलेक्ट्रिक विमान इस साल उड़ान भरने वाला है। ​इस उपक्रम में, जर्मनी में निर्मित 19 सीटों वाला एक प्रोटोटाइप विमान डोर्निएर ​228​ भी शामिल है, जिसे ब्रिटिश कंपनी ज़ीरोएविया ने 2050 तक वैश्विक उद्योग के जलवायु तटस्थ बनाने के लक्ष्य के अनुरूप संशोधित-परिवर्धित किया है। 

विमानन उद्योग अपने गो-ग्रीन ड्राइव के हिस्से के रूप में, नए ऊर्जा स्रोतों द्वारा विमान को संचालित करने से पहले टिकाऊ विमानन ईंधन (एसएएफ) पर एक स्टॉपगैप के रूप में अपनी उम्मीदें लगा रहा है। लेकिन एयरलाइंस के लिए यह एसएएफ बेहद महंगा है, जिसके परिणामस्वरूप इसका उत्पादन बहुत कम पैमाने पर किया जा रहा है। सरकारों से एसएएफ उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए आह्वान किया जाता है, जिसमें यह कोटा लगाया जाना भी शामिल है कि पारंपरिक जेट ईंधन केरोसिन में एसएएफ का कितना मिश्रण होना चाहिए। जैसा कि लुफ्थांसा के स्पोहर ने अपने साक्षात्कार में खुलासा किया है, उद्योग को जलवायु सापेक्ष करने की मुहिम एक और तत्काल चुनौती का सामना कर रही है। 

​​"​हमें टेकऑफ़ और लैंडिंग स्लॉट को सुरक्षित रखने के लिए ​18,000​ अतिरिक्त और अनावश्यक उड़ानें भरनी पड़ी है, जो यूरोपीय संघ के निर्धारित जलवायु लक्ष्यों के विपरीत था।"

यूरोपीयन आयोग ने 2021 में इस सख्त नियम को निलंबित कर दिया था, जिसमें कहा गया था कि एक एयरलाइन अपने स्लॉट केवल तभी रख सकती है, जब वह उनमें कम से कम 80 फीसदी का इस्तेमाल करे। वर्तमान में, एक एयरलाइन को अपने दिए गए स्लॉट का 50 फीसदी उपयोग करना चाहिए, जिसे मार्च के अंत से बढ़ाकर 64 फीसदी किए जाने की योजना है, जबकि कम लागत वाली विमानन कंपनियां कम इस्तेमाल किए गए हवाई अड्डों के लिए कई खाली स्लॉट खुशी-खुशी लेना पसंद करेंगी, पर यूरोपीय संघ को एक न्यायसंगत और लचीली आवंटन प्रणाली ढूँढनी होगी, जो एक ही समय में खाली जाने वाली फालतू की उड़ानों की तादाद कम कर देगी।

रूसी प्रतिद्वंद्वी

उड्डयन उद्योग के लिए 2022 में कुछ दिलचस्प मील के पत्थर आने वाले हैं। जुड़वां इंजन वाला ​रूसी एयरलाइनर, इर्कुट एमसी-​21​​, अभी-अभी यात्रियों की सेवा के लिए अधिकारियों द्वारा प्रमाणित किया गया है। भले ही जेट ने अभी तक एयरलाइन बाजार में अपनी क्षमता साबित नहीं की है, लेकिन यह दशकों पुराने बेस्टसेलर एयरबस ए 320 और बोइंग ​737 के साथ ऑर्डर के लिए प्रतिस्पर्धा करेगा।​​

इस वसंत में, हैम्बर्ग-फिनकेनवेडर में अपने कारखाने में निर्मित एयरबस परिवार में एक दिलचस्प संस्करण पहली उड़ान होगी: A321XLR। यह हवाई जहाज अपने अतिरिक्त ईंधन टैंक की बदौलत 8,700​​ किमी (​​5,406​​ मील) की दूरी से ​180​​ से 220 यात्रियों को ढो सकता है। मध्यम दूरी तय करने वाले विमान के संचालन की कम इकाई लागत पर आता है।

कम उड़ान लागत आने का मतलब है कि विमान सेकेंडरी हवाई अड्डों से भी अंतरमहाद्वीपीय मार्गों को नॉनस्टॉप संचालित करने में आर्थिक रूप से व्यवहार्य होगा। उदाहरण के लिए, जर्मनी में नूर्नबर्ग हवाई अड्डे के निदेशक ने हाल ही में संकेत दिया कि उनकी दिलचस्पी नए A321XLR के जरिए यूएस ईस्ट कोस्ट के लिए सीधी उड़ान भरने में है।

बाजार के विखंडन की यह उभरती प्रवृत्ति की यह भी एक बड़ी वजह है। आज ज्यादातर यात्री उड़ान के बीच में बड़े हब के हवाई अड्डों पर रुकने वाले विमानों से यात्रा करने की बजाए सीधे-सीधे अपने गंतव्य तक पहुँचाने वाले विमान में यात्रा करना पसंद करते हैं या उनकी सेवाएं लेने में सक्षम हो गए हैं, जो एयरबस A380s जैसे विमानों के सेवा से हटने के कई कारकों में से एक महत्त्वपूर्ण कारक है। 

लगभग 50 सालों बाद, 2022 की शुरुआत में, प्रसिद्ध बोइंग जंबो जेट विमानबोइंग 747 के यात्री संस्करण का उत्पादन भी मांग की कमी के कारण खत्म हो जाएगा। हालांकि, विमान अपने नाम पर एक अद्वितीय रिकॉर्ड के साथ सेवा क्षेत्र से रिटायर हो जाएगा; यह एकमात्र एयरलाइनर है, जिसका आधी सदी से भी अधिक समय से उत्पादन होता रहा था। 

(आशुतोष पांडे एवं हार्डी ग्रुपनर द्वारा संपादित)

सौजन्य: दाइचे वेले (DW)

जर्मन मूल से अंग्रेजी में अनुवादित इस लेख को पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

Hydrogen-Electric Jets and Restructuring: Aviation Industry's 2022 Plans

Civil Aviation
Aviation Industry
Hydrogen jet
Electric jet
COVID-19
COVID

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,706 नए मामले, 25 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,685 नए मामले दर्ज

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,710 नए मामले, 14 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा

महामारी में लोग झेल रहे थे दर्द, बंपर कमाई करती रहीं- फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां


बाकी खबरें

  • sever
    रवि शंकर दुबे
    यूपी: सफ़ाईकर्मियों की मौत का ज़िम्मेदार कौन? पिछले तीन साल में 54 मौतें
    06 Apr 2022
    आधुनिकता के इस दौर में, सख़्त क़ानून के बावजूद आज भी सीवर सफ़ाई के लिए एक मज़दूर ही सीवर में उतरता है। कई बार इसका ख़ामियाज़ा उसे अपनी मौत से चुकाना पड़ता है।
  • सोनिया यादव
    इतनी औरतों की जान लेने वाला दहेज, नर्सिंग की किताब में फायदेमंद कैसे हो सकता है?
    06 Apr 2022
    हमारे देश में दहेज लेना या देना कानूनन अपराध है, बावजूद इसके दहेज के लिए हिंसा के मामले हमारे देश में कम नहीं हैं। लालच में अंधे लोग कई बार शोषण-उत्पीड़न से आगे बढ़कर लड़की की जान तक ले लेते हैं।
  • पटनाः डीजल-पेट्रोल से चलने वाले ऑटो पर प्रतिबंध के ख़िलाफ़ ऑटो चालकों की हड़ताल
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    पटनाः डीजल-पेट्रोल से चलने वाले ऑटो पर प्रतिबंध के ख़िलाफ़ ऑटो चालकों की हड़ताल
    06 Apr 2022
    डीजल और पेट्रोल से चलने वाले ऑटो पर प्रतिबंध के बाद ऑटो चालकों ने दो दिनों की हड़ताल शुरु कर दी है। वे बिहार सरकार से फिलहाल प्रतिबंध हटाने की मांग कर रहे हैं।
  • medicine
    ऋचा चिंतन
    दवा के दामों में वृद्धि लोगों को बुरी तरह आहत करेगी – दवा मूल्य निर्धारण एवं उत्पादन नीति को पुनर्निर्देशित करने की आवश्यता है
    06 Apr 2022
    आवश्यक दवाओं के अधिकतम मूल्य में 10.8% की वृद्धि आम लोगों पर प्रतिकूल असर डालेगी। कार्यकर्ताओं ने इन बढ़ी हुई कीमतों को वापस लेने और सार्वजनिक क्षेत्र के दवा उद्योग को सुदृढ़ बनाने और एक तर्कसंगत मूल्य…
  • wildfire
    स्टुअर्ट ब्राउन
    आईपीसीसी: 2030 तक दुनिया को उत्सर्जन को कम करना होगा
    06 Apr 2022
    संयुक्त राष्ट्र की नवीनतम जलवायु रिपोर्ट कहती है कि यदि​ ​हम​​ विनाशकारी ग्लोबल वार्मिंग को टालना चाहते हैं, तो हमें स्थायी रूप से कम कार्बन का उत्सर्जन करने वाले ऊर्जा-विकल्पों की तरफ तेजी से बढ़ना…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License