NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
आईसीसी अभियोजक को डुटेर्टे के ख़िलाफ़ मानवता-विरोध के सबूत मिले
आईसीसी अभियोजक की रिपोर्ट में इस तथ्य का "उचित आधार" पाया गया कि फिलीपींस सरकार ने ड्रग्स को लेकर अपनी लड़ाई में मानवता के ख़िलाफ़ अपराध किया था।
पीपल्स डिस्पैच
16 Dec 2020
आईसीसी अभियोजक

अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (आईसीसी) के अभियोजक कार्यालय ने "तथ्य का उचित आधार" पाया है जिसमें फिलीपींस सरकार द्वारा मानवता के खिलाफ अपराध किए गए हैं। यह निष्कर्ष सोमवार 14 दिसंबर को आईसीसी के मुख्य अभियोजक फतोउ बेन्सोडा के कार्यालय द्वारा जारी वार्षिक रिपोर्ट का हिस्सा है और मंगलवार को इसकी घोषणा की गई।

इस रिपोर्ट में पाया गया कि रोड्रिगो डुटेर्टे की सरकार ने जुलाई 2016 और मार्च 2019 के बीच हत्या, यातना और पीड़ितों को गंभीर शारीरिक चोट और मानसिक नुकसान पहुंचाने जैसे अपराध किए हैं। इस रिपोर्ट में फिलीपींस के मानवाधिकार समूहों और जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं द्वारा लगाए गए आरोपों पर ध्यान केंद्रित किया गया है कि डुटेर्टे सरकार और इसके अधिकारियों ने संदिग्ध ड्रग उपयोगकर्ताओं की एक्स्ट्रा-जूडिशियल किलिंग को प्रोत्साहित किया और इसे मंजूरी दी।

बेन्सोडा ने कहा कि मानवता के खिलाफ अपराधों के आरोपों के तहत डुटर्टे और इनके अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा चलाने या न चलाने का फैसला अगले साल की शुरुआत में किया जाएगा। बेन्सोडा की घोषणा पर प्रतिक्रिया देते हुए डुटेर्टे प्रशासन ने इस रिपोर्ट के निष्कर्षों को काल्पनिक बताया है और जोर देकर कहा कि आईसीसी का फिलीपींस पर कोई अधिकार क्षेत्र नहीं है।

बेन्सोडा द्वारा 2018 में ड्रग वार की प्रारंभिक जांच शुरू करने के बाद फिलीपींस ने मार्च 2019 में अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायालय और रोम स्टैच्यूट से अपनी वापसी की घोषणा की थी। मुख्य अभियोजक ने कहा कि भले ही फ़िलिपींस रोम स्टेच्यूट का हिस्सा अब नहीं है लेकिन अदालत के पास अभी भी 2011 और 2019 के बीच देश में हुए अपराधों की जांच करने का अधिकार क्षेत्र है। इस अवधि में बिना समय सीमा के वह हस्ताक्षरकर्ता था।

राष्ट्रपति के खिलाफ पूर्ण अभियोजन शुरू करने से अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध लग सकता है, क्योंकि उनके पास न्यायिक प्रतिरक्षा नहीं होगी। रोड्रिगो डुटेर्टे जून 2016 में सत्ता में आए और इसके तुरंत बाद हिंसक एंटी-ड्रग्स अभियान शुरू किया जिससे 5,000 से 20,000 के बीच लोग मारे गए (सरकार, नागरिक समाज समूहों और विपक्षी नेताओं के अलग-अलग अनुमानों के आधार पर)।

international criminal court
Philippines government
Duterte
Rodrigo Duterte

Related Stories

मोदी अकेले नहीं :  सभी ‘दक्षिण-पंथी सत्तावादी’ कोविड-19 से निपटने में बुरी तरह विफल साबित हुए

इज़रायल ने कहा, फ़िलिस्तीन में युद्ध अपराधों में आईसीसी जांच में सहयोग नहीं करेगा

9 राजनीतिक कार्यकर्ताओं की हत्या करने वाली पुलिस छापेमारी के मुद्दे पर डुटेर्टे सरकार के ख़िलाफ़ रोष

निहत्थे माँ व बेटे की हत्या को लेकर फ़िलीपींस में भड़का गुस्सा, जांच शुरू

अंतर्राष्ट्रीय क्रिमिनल कोर्ट ने अपने अधिकारियों पर अमेरिका द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों को वॉर क्राइम के पीड़ितों पर हमला बताया

मनीला : नए एंटी-टेरर लॉ और महामारी के दौरान अव्यवस्था के ख़िलाफ़ जनता का प्रदर्शन

अफ़गानिस्तान में युद्ध अपराधों की जांच को लेकर आईसीसी पर अमेरिका का प्रतिबंध

राहत में देरी के ख़िलाफ़ प्रदर्शन के बीच वामपंथियों को दुतेर्ते की धमकी

दुनिया भर में सैन्यीकरण और राज्य दमन का मुकाबला करने वाले निर्भीक विद्रोही स्वर उभर रहे हैं

इज़राइल के खिलाफ युद्ध अपराध के मामले में प्रारंभिक जांच में महत्वपूर्ण प्रगति: आईसीसी


बाकी खबरें

  • abhisar
    न्यूज़क्लिक टीम
    पैसा और डर : पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हर कीमत पर जीत चाहती है बीजेपी!
    09 Feb 2022
    अभिसार शर्मा आज बात कर रहे हैं उत्तर प्रदेश में पहले चरण के चुनाव की। क्या जयंत को मिल रहे भारी समर्थन से बीजेपी की मुश्किल बढ़ेंगी? साथ ही चर्चा कर रहे हैं कर्नाटक में चल रहे हिजाब विवाद की, क्या…
  • Urmilesh
    न्यूज़क्लिक टीम
    यूपी चुनाव में भाजपा विपक्ष से नहीं, हारेगी तो सिर्फ जनता से!
    09 Feb 2022
    क्या किसान आंदोलनकारी बने रहकर सत्ताधारी दल के विरूद्ध मतदान भी करेंगे या जाति, खाप या संप्रदाय में विभाजित हो जायेंगे? इस महत्वपूर्ण चरण के मतदान से पहले #AajKiBaat के नये एपिसोड में वरिष्ठ पत्रकार…
  • uttarakhand
    न्यूज़क्लिक टीम
    उत्तराखंड चुनाव : मज़दूर किसी भी मुख्य राजनीतिक दल के एजेंडे में नहीं
    09 Feb 2022
    उत्तराखंड में चुनावी शोर है। आगामी 14 फरवरी को पूरे राज्य में एक ही चरण में मतदान होना है। हर दल अपने-अपने विकास के दावे कर रहा है। लेकिन इन सबके बीच मेहनतकश वर्ग कहीं पीछे छूटता दिख रहा है। उसकी…
  • WEST UP LEADERS
    रवि शंकर दुबे
    यूपी चुनाव का पहला चरण: 11 ज़िले, 58 सीटें, पूरी तरह बदला-बदला है माहौल
    09 Feb 2022
    उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों की शुरुआत 11 जिलों की 58 सीटों पर मतदान से होगी, दिलचस्प बात ये है कि पिछली बार से इस बार माहौल बिल्कुल अलग है, भाजपा और सपा-रालोद गठबंधन के बीच कड़ी टक्कर देखी जा सकती…
  • hijab
    सोनिया यादव
    कर्नाटक हिजाब विवाद : हाईकोर्ट ने बड़ी बेंच को भेजा केस, सियासत हुई और तेज़
    09 Feb 2022
    कर्नाटक में जारी हिजाब विवाद पर हाईकोर्ट का अब तक फ़ैसला नहीं आ सका है। बुधवार, 9 फरवरी को लगातार दूसरे दिन मामले की सुनवाई हुई, जिसके बाद इसकी गंभीरता को देखते हुए इसे बड़ी बेंच को रेफर कर दिया गया।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License