NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
आईएमए का उत्तराखंड के मुख्यमंत्री से कांवड़ यात्रा की इजाज़त नहीं देने का आग्रह
एक पत्र में महामारी की तीसरी लहर को लेकर चिकित्सा विशेषज्ञों की चेतावनी की ओर मुख्यमंत्री का ध्यान दिलाते हुए, आईएमए के राज्य सचिव अमित खन्ना ने उनसे कांवड़ा यात्रा के प्रस्ताव को मंजूरी नहीं देने का आग्रह किया।
भाषा
13 Jul 2021
cartoon

देहरादून: भारतीय चिकित्सा संघ (आईएमए) की उत्तराखंड इकाई ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को चिट्ठी लिखकर कोविड-19 की तीसरी लहर की आशंका के मद्देनजर इस साल कांवड़ यात्रा को रद्द करने का आग्रह किया है।

एक पत्र में महामारी की तीसरी लहर को लेकर चिकित्सा विशेषज्ञों की चेतावनी की ओर मुख्यमंत्री का ध्यान दिलाते हुए, आईएमए के राज्य सचिव अमित खन्ना ने उनसे कांवड़ा यात्रा के प्रस्ताव को मंजूरी नहीं देने का आग्रह किया।

एक पखवाड़े चलने वाली यात्रा श्रावण महीने की शुरुआत (करीब 2 जुलाई) से आरंभ होकर और अगस्त के पहले हफ्ते तक चलेगी जिसमें उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली और हिमाचल प्रदेश के करोड़ों कांवड़िए गंगा का पवित्र जल लेने के लिए हरिद्वार में जमा होते हैं।

पिछले साल कोरोना वायरस की पहली लहर की वजह से यात्रा को रद्द कर दिया गया था। खन्ना ने आईएमए की ओर से कहा, “हम आपसे जुलाई-अगस्त, 2021 में प्रस्तावित कांवड़ यात्रा को मंजूरी नहीं देने का अनुरोध करते हैं, क्योंकि कई विशेषज्ञों के अनुसार, देश में कोविड महामारी की तीसरी लहर दस्तक देने के लिए तैयार है।”

उन्होंने मुख्यमंत्री को याद दिलाया कि कैसे लोग पहली लहर के बाद लापरवाह हो गए थे और घातक दूसरी लहर के रूप में इसकी भारी कीमत चुकाई। आईएमए के सचिव ने धामी से इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए राज्य और देश के हित में सकारात्मक निर्णय लेने को कहा।

खन्ना ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने में लापरवाही पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि सरकार को पिछली विफलताओं से सबक सीखते हुए भक्तों को राज्य में प्रवेश की अनुमति नहीं देनी चाहिए।

धामी पहले ही कह चुके हैं कि कांवड़ यात्रा लोगों की धार्मिक भावनाओं से जुड़ी है और लोगों की जान बचाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बीते कुछ दिनों के दौरान दिल्ली में प्रधानमंत्री समेत कई केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात की है।

धामी ने यात्रा के बारे में पूछने पर दिल्ली में रविवार को पत्रकारों से कहा, “भगवान भी नहीं चाहेंगे कि लोग मरें। इस समय प्राथमिकता जीवन बचाना है।”

धामी ने कहा था कि उत्तर प्रदेश, हरियाणा सहित अन्य पड़ोसी राज्यों के साथ परामर्श के बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

आपको बता दें कि इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने सरकार और लोगों के ढिलाई बरतने तथा कोविड-19 प्रोटोकॉल का अनुपालन किये बगैर बड़ी संख्या में लोगों के एकत्र होने को लेकर सोमवार को चिंता प्रकट की। साथ ही, कहा कि ये घटनाएं महामारी की तीसरी लहर का मुख्य कारण बन सकती हैं।

आईएमए ने एक बयान में कहा कि पर्यटकों का आगमन, तीर्थयात्राएं, धार्मिक उत्साह जरूरी हैं लेकिन कुछ और महीने इंतजार किया जा सकता है।

चिकित्सकों के संगठन ने कहा कि वैश्विक साक्ष्य और किसी भी महामारी के इतिहास से यह पता चलता है कि ‘‘तीसरी लहर अवश्यंभावी और आसन्न’’ है।

ओडिशा के पुरी में सालाना रथ यात्रा शुरू होने के दिन और उत्तर प्रदेश तथा उत्तराखंड में कांवड़ यात्रा की अनुमति दिये जाने की वार्ता होने के बीच यह बयान आया।

आईएमए ने सभी राज्यों से लोगों की भीड़भाड़ को रोकने की अपील की है।

cartoon click
cartoon
Uttrakhand
Pushkar Singh Dhami
kanwar yatra
IMA

Related Stories

कार्टून क्लिक: उनकी ‘शाखा’, उनके ‘पौधे’

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चंपावत उपचुनाव में दर्ज की रिकार्ड जीत

गुजरात: भाजपा के हुए हार्दिक पटेल… पाटीदार किसके होंगे?

कार्टून क्लिक: मैंने कोई (ऐसा) काम नहीं किया जिससे...

‘तेलंगाना की जनता बदलाव चाहती है’… हिंसा नहीं

राम मंदिर के बाद, मथुरा-काशी पहुँचा राष्ट्रवादी सिलेबस 

“मित्रों! बच्चों से मेरा बचपन का नाता है, क्योंकि बचपन में मैं भी बच्चा था”

बच्चों को कौन बता रहा है दलित और सवर्ण में अंतर?

कार्टून क्लिक: पर उपदेस कुसल बहुतेरे...

कार्टून क्लिक: चीन हां जी….चीन ना जी


बाकी खबरें

  • gautam navlakha
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    एल्गार परिषद: नवलखा को तलोजा जेल के 'अंडा सेल' में भेजा गया, सहबा हुसैन बोलीं- बिगड़ गई है तबीयत
    25 Oct 2021
    हुसैन ने पूछा- “नवलखा को उनके विचारों के लिए कब तक सताया जाएगा और अधिकारी उनकी विचारधारा को तोड़ने के लिए किस हद तक जाएंगे।''
  • skm
    लाल बहादुर सिंह
    किसान आंदोलन को उसके उन "शुभचिंतकों" से बचाना होगा जो संघ-भाजपा की भाषा बोल रहे हैं 
    25 Oct 2021
    जाहिर है मुद्दा  आधारित आंदोलन में सबका विचार हर प्रश्न पर एक हो, इसके लिए बाध्य नहीं किया जा सकता। लेकिन आंदोलन की unity in action हर हाल में बनी रहे, इसे बेशक सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
  • Sardar Udham
    हर्षवर्धन, अंकुर गोस्वामी
    सरदार उधम: एक अंतरराष्ट्रीय क्रांतिकारी की महागाथा
    25 Oct 2021
    निर्देशक ने निश्चित ही एक ऐतिहासिक किरदार के जीवन के अनछुए पहलुओं को दर्शाने  के लिए गहरा शोध किया है। फिल्म यह भली प्रकार से दिखाती है कि उधम सिंह, सिर्फ बदले की भावना से प्रेरित एक जोशीले नौजवान…
  • congress
    शुभम शर्मा, अजय सहारन
    क्रांतिकारी और कांग्रेस
    25 Oct 2021
    क्रांतिकारियों, कम्युनिस्टों और समाजवादियों ने कांग्रेस पार्टी को अलग दिशा के बजाय संपूर्ण बदलाव और प्रगतिशील दिशाओं के रास्ते पर आगे चलने के लिए हमेशा मजबूर किया है।
  • RASHEED KIDWAI
    शिरीष खरे
    चर्चा में नई किताब 'भारत के प्रधानमंत्री'
    25 Oct 2021
    कश्मीर पर नेहरू की नीति कितनी उचित है या अनुचित, यह समझने के लिए हमें वर्ष 1947 के अगस्त से अक्टूबर के महीनों में जाना होगा। और इसमें हमारी मदद कर सकती है, पत्रकार रशीद किदवई की नई पुस्तक 'भारत के…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License