NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
इनेलो के विधायक अभय सिंह चौटाला ने कृषि कानूनों को लेकर हरियाणा विधानसभा से  दिया इस्तीफा
चौटाला ने केन्द्र के तीन नये कृषि कानूनों का समर्थन करने के लिए प्रस्ताव लाने संबंधी राज्य की भाजपा सरकार के कदम का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘मैंने फैसला किया कि मैं इन कानूनों के पक्ष में प्रस्ताव लाने वालों के साथ विधानसभा में नहीं बैठ सकता।’’
भाषा
28 Jan 2021
Abhay Singh Chautala

चंडीगढ़:  इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के नेता अभय सिंह चौटाला ने केंद्र के नये कृषि कानूनों को लेकर हरियाणा विधानसभा की सदस्यता से बुधवार को इस्तीफा दे दिया।

चौटाला ने केन्द्र के तीन नये कृषि कानूनों का समर्थन करने के लिए प्रस्ताव लाने संबंधी राज्य की भाजपा सरकार के कदम का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘मैंने फैसला किया कि मैं इन कानूनों के पक्ष में प्रस्ताव लाने वालों के साथ विधानसभा में नहीं बैठ सकता।’’

अभय 90 सदस्यीय राज्य विधानसभा में अपनी पार्टी के एकमात्र विधायक थे और वह एलेनाबाद सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे थे। वह पार्टी के अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला के छोटे बेटे हैं।

अभय अपना इस्तीफा सौंपने के लिए हरे रंग के अपने ट्रैक्टर से अपने समर्थकों के साथ राज्य विधानसभा परिसर पहुंचे थे।

विधानसभा अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता ने कहा कि उन्होंने अभय चौटाला (57) का इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है।

गुप्ता ने कहा, ‘‘अभय चौटाला व्यक्तिगत रूप से मेरे पास आये और अपना इस्तीफा सौंप दिया और मैंने तत्काल प्रभाव से उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है।’’

विधानसभा अध्यक्ष ने यहां संवाददाताओं से कहा कि अभय ने इस बात का जिक्र किया है कि उन्होंने किसानों की मांगें पूरी नहीं होने को लेकर इस्तीफा दिया है।

गुप्ता ने कहा कि अपने इस्तीफे पत्र में, चौटाला ने इस महीने की शुरुआत में अध्यक्ष को भेजे गए उन दो पत्रों का जिक्र किया है जिनमें कहा गया था कि यदि केंद्र नए कृषि कानूनों को रद्द करने की किसानों की मांग को स्वीकार करने में विफल रहा, तो उनके पत्रों को राज्य विधानसभा से उनके इस्तीफे के रूप में माना जाए।

विधानसभा अध्यक्ष ने चौटाला के पिछले पत्रों को उनके इस्तीफे के रूप में स्वीकार नहीं किया था क्योंकि सशर्त पत्रों को इस तरह से नहीं माना जा सकता है।

चौटाला के इस्तीफे के बाद 90 सदस्यीय हरियाणा विधानसभा में अब भाजपा के 40 विधायक हैं, उसकी सहयोगी जननायक जनता पार्टी (जजपा) के 10, मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस के सदस्यों की संख्या 31 है और हरियाणा लोकहित पार्टी का एक विधायक है।

सात सदस्य निर्दलीय है, जिनमें से पांच सत्तारूढ़ गठबंधन का समर्थन कर रहे हैं।

चौटाला ने बाद में पत्रकारों से कहा कि उनकी पार्टी पूर्व उपप्रधानमंत्री देवीलाल की नीतियों को आगे बढ़ाने में विश्वास करती है, जिन्हें किसानों का मसीहा माना जाता था।

उन्होंने कहा कि न केवल पंजाब और हरियाणा के किसान इन कृषि कानूनों का विरोध कर रहे है बल्कि देशभर के किसान इन कानूनों का विरोध कर रहे है।

उन्होंने कहा, ‘‘मैं देश के प्रधानमंत्री को बताना चाहता हूं कि केंद्र ने गलत निर्णय लिया और उसी के कारण किसान सर्दियों के महीनों में सड़कों पर इन कानूनों का विरोध कर रहे हैं।’’

चौटाला ने कहा, ‘‘अगर केंद्र इन कानूनों को 18 महीने से लेकर दो साल तक के लिए स्थगित रखने को तैयार है, तो इसका मतलब है कि इनमें कुछ खामियां हैं। इसलिए, केंद्र को इन कानूनों को रद्द करना चाहिए और कृषि ऋण माफी तथा स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को लागू करने संबंधी वादों को पूरा को करना चाहिए।’’

उन्होंने कहा कि वह जल्द ही पूरे राज्य का दौरा करेंगे और लोगों को इन ‘‘किसान विरोधी’’ कानूनों के बारे में बतायेंगे।

जजपा नेता और राज्य के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला पर निशाना साधते हुए इनेलो नेता ने कहा कि वह विशेष रूप से उन निर्वाचन क्षेत्रों का दौरा करेंगे जहां ‘‘कुछ लोगों’’ ने दावा किया था कि वे किसानों के साथ खड़े होंगे और अगर जरूरत पड़ी तो इस्तीफा दे देंगे।

अभय चौटाला ने कहा कि चौधरी देवीलाल की विचारधारा का पालन करने का दावा करने वालों को किसानों के साथ खड़ा होना चाहिए।

उन्होंने कहा, ‘‘अब ऐसे लोगों को आगे आकर इस्तीफा देना चाहिए। अगर वे चाहते हैं कि किसानों को न्याय मिले, तो ऐसे लोगों, खासकर जिनके कमरे में देवीलाल की तस्वीरें हैं और उनकी विचारधारा का पालन करने का दावा करते हैं, को इस्तीफा दे देना चाहिए।’’

इस बीच, उन्होंने किसानों की ट्रैक्टर परेड के दौरान मंगलवार को दिल्ली में हुई घटनाओं के लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराया।

उन्होंने कहा, ‘‘उत्तर प्रदेश के कुछ असामाजिक तत्वों ने अफवाह फैला दी जिसके बाद कुछ युवा किसानों ने लाल किले की ओर रुख किया।’’

Abhay Singh Chautala
Indian National Lok Dal
Farm bills 2020
kisan andolan

Related Stories

विशेष: कौन लौटाएगा अब्दुल सुब्हान के आठ साल, कौन लौटाएगा वो पहली सी ज़िंदगी

किसानों और सत्ता-प्रतिष्ठान के बीच जंग जारी है

केवल विरोध करना ही काफ़ी नहीं, हमें निर्माण भी करना होगा: कोर्बिन

लखीमपुर खीरी हत्याकांड: आशीष मिश्रा के साथियों की ज़मानत ख़ारिज, मंत्री टेनी के आचरण पर कोर्ट की तीखी टिप्पणी

किसान-आंदोलन के पुनर्जीवन की तैयारियां तेज़

MSP पर लड़ने के सिवा किसानों के पास रास्ता ही क्या है?

किसान आंदोलन: मुस्तैदी से करनी होगी अपनी 'जीत' की रक्षा

सावधान: यूं ही नहीं जारी की है अनिल घनवट ने 'कृषि सुधार' के लिए 'सुप्रीम कमेटी' की रिपोर्ट 

मोदी सरकार की वादाख़िलाफ़ी पर आंदोलन को नए सिरे से धार देने में जुटे पूर्वांचल के किसान

ग़ौरतलब: किसानों को आंदोलन और परिवर्तनकामी राजनीति दोनों को ही साधना होगा


बाकी खबरें

  • Modi
    राज कुमार
    ‘दमदार’ नेता लोकतंत्र कमजोर करते हैं!
    07 Mar 2022
    हम यहां लोकतंत्र की स्थिति को दमदार नेता के संदर्भ में समझ रहे हैं। सवाल ये उठता है कि क्या दमदार नेता के शासनकाल में देश और लोकतंत्र भी दमदार हुआ है? इसे समझने के लिए हमें वी-डेम संस्थान की लोकतंत्र…
  • covid
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में क़रीब 22 महीने बाद 5 हज़ार से कम नए मामले सामने आए 
    07 Mar 2022
    देश में 24 घंटों में कोरोना के 4,362 नए मामले सामने आए हैं। देश में अब एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 54 हज़ार 118 हो गयी है।
  • Modi
    सुबोध वर्मा
    ज़्यादातर राज्यों में एक कार्यकाल के बाद गिरता है बीजेपी का वोट शेयर
    07 Mar 2022
    हालांकि 'डबल इंजन' वाली सरकारों को फ़ायदेमंद बताकर प्रचारित किया जाता है, मगर आंकड़े कुछ और ही बताते हैं।
  • New pension scheme
    न्यूज़क्लिक टीम
    New Pension Scheme पर गुस्सा फूटा, महंगाई मारक, मोदी मैजिक नहीं चला
    06 Mar 2022
    ग्राउंड रिपोर्ट में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने घोसी विधानसभा में अलग-अलग राजनीतिक दलों के समर्थकों से बात की। New Pension Scheme पर नाराजगी फूटी, बासफोर समाज में वंचना की मार, भाजपा को मोदी का भरोसा।
  • communalism
    न्यूज़क्लिक टीम
    गोधरा, भाजपा और देश में बढ़ती सांप्रदायिकता
    06 Mar 2022
    कुछ ऐसी घटनाएं होती है जो न केवल समाज बल्कि पूरे देश की दिशा बदल देते हैं। उनमें से एक है गोधरा त्रासदी। इतिहास के पन्ने के इस अंक में नीलांजन बात कर रहे हैं उसी घटना की और कैसे गोधरा त्रासदी ने देश…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License