NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
सोशल मीडिया
भारत
राजनीति
यदि आप नई नीति स्वीकार नहीं करना चाहते, तो वाट्सऐप का इस्तेमाल नहीं करें: अदालत
न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा ने कहा, ‘‘यह एक निजी ऐप है। इसमें शामिल नहीं हों। यह स्वैच्छिक है, इसे स्वीकार नहीं कीजिए। किसी और ऐप का इस्तेमाल कीजिए।’’
भाषा
18 Jan 2021
वाट्सऐप

नयी दिल्ली: दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को कहा कि ‘वाट्सऐप’ की नई निजता नीति स्वीकार करना ‘स्वैच्छिक’’ है और यदि कोई इसकी शर्तों एवं नियमों से सहमत नहीं है, तो वह इसका इस्तेमाल नहीं करने का विकल्प चुन सकता है।

पेशे से वकील एक याचिकाकर्ता ने वाट्सऐप की नई निजता नीति को चुनौती दी थी, जो फरवरी में लागू होने वाली थी, लेकिन अब इसे मई तक के लिए टाल दिया गया है।

न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा ने कहा, ‘‘यह एक निजी ऐप है। इसमें शामिल नहीं हों। यह स्वैच्छिक है, इसे स्वीकार नहीं कीजिए। किसी और ऐप का इस्तेमाल कीजिए।’’

अदालत ने कहा कि यदि मोबाइल ऐप की शर्तें एवं नियम पढ़े जाएं, तो अधिकतर ऐप के बारे में ‘‘आपको यह जानकर हैरानी होगी कि आप किन बातों पर सहमति जता रहे हैं’’।

अदालत ने कहा, ‘‘यहां तक कि ‘गूगल मैप्स’ भी आपके सभी डेटा को एकत्र करता है।’’

उसने कहा कि इस मामले पर विचार-विमर्श की आवश्यकता है, इसलिए सोमवार को समय के अभाव के कारण इस मामले को 25 जनवरी को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाएगा।

केंद्र सरकार ने भी अदालत की इस बात पर सहमति जताई कि इस मामले के विश्लेषण की आवश्यकता है।

वाट्सऐप और फेसबुक की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकीलों कपिल सिब्बल और मुकुल रोहतगी ने अदालत से कहा कि यह याचिका सुनवाई योग्य नहीं है और इसमें उठाए गए कई मुद्दों का कोई आधार ही नहीं है।

उन्होंने कहा कि परिवार के सदस्यों एवं मित्रों के बीच निजी बातचीत कूट रहेगी और उसे वाट्सऐप एकत्र नहीं कर सकता तथा नई नीति में यह स्थिति नहीं बदलेगी।

वकीलों ने कहा कि नीति में बदलाव से वाट्सऐप पर कारोबारी बातचीत ही प्रभावित होगी।

याचिका में कहा गया है कि निजता की नई नीति संविधान के तहत निजता के अधिकारों का हनन करती है।

याचिका में दावा किया गया है कि वाट्सऐप की निजता संबंधी नई नीति उपयोगकर्ता की ऑनलाइन गतिविधियों पर पूरी पहुंच की अनुमति देती है और इसमें सरकार की कोई निगरानी नहीं है।

नई नीति के तहत उपयोगकर्ता या तो इसे स्वीकार करता है या ऐप से बाहर हो जाता है, लेकिन वे अपने डाटा को फेसबुक के स्वामित्व वाले दूसरे मंच या किसी अन्य ऐप के साथ साझा नहीं करने का विकल्प नहीं चुन सकते हैं।

WhatsApp
Whatsapp Privacy
Whatsapp privacy policy 2021
Delhi High court

Related Stories

उच्च न्यायालय ने फेसबुक, व्हाट्सऐप को दिए सीसीआई के नोटिस पर रोक लगाने से किया इंकार

विश्लेषण : मोदी सरकार और सोशल मीडिया कॉरपोरेट्स के बीच ‘जंग’ के मायने

कैसे बना सोशल मीडिया राजनीति का अभिन्न अंग?

नए आईटी कानून: सरकार की नीयत और नीति में फ़र्क़ क्यों लगता है?

भारत में प्राइवेसी लॉ नहीं होने का फ़ायदा उठा रहा है WhatsApp

आलोचनाओं के बीच वाट्सऐप ने नई नीति का क्रियान्वयन तीन महीने के लिए टाला

क्या वाट्सऐप की नई प्राइवेसी पॉलिसी से आपको डरने की ज़रूरत है?

क्या है WhatsApp की विवादित डाटा पॉलिसी?

आख़िर लोग वाट्सऐप क्यों छोड़ रहे हैं?

राहुल गांधी यह आरोप क्यों लगा रहे हैं कि फेसबुक, व्हॉट्सएप पर बीजेपी-आरएसएस का नियंत्रण है?


बाकी खबरें

  • Gujarat Riots
    बादल सरोज
    गुजरात दंगों की बीसवीं बरसी भूलने के ख़तरे अनेक
    05 Mar 2022
    इस चुनिन्दा विस्मृति के पीछे उन घपलों, घोटालों, साजिशों, चालबाजियों, न्याय प्रबंधन की तिकड़मों की याद दिलाने से बचना है जिनके जरिये इन दंगों के असली मुजरिमों को बचाया गया था।
  • US Army Invasion
    रॉजर वॉटर्स
    जंग से फ़ायदा लेने वाले गुंडों के ख़िलाफ़ एकजुट होने की ज़रूरत
    05 Mar 2022
    पश्चिमी मीडिया ने यूक्रेन विवाद को इस तरह से दिखाया है जो हमें बांटने वाले हैं। मगर क्यों न हम उन सब के ख़िलाफ़ एकजुट हो जाएं जो पूरी दुनिया में कहीं भी जंगों को अपने फ़ायदे के लिए इस्तेमाल करते हैं?
  • government schemes
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना के दौरान सरकारी योजनाओं का फायदा नहीं ले पा रहें है जरूरतमंद परिवार - सर्वे
    05 Mar 2022
    कोरोना की तीसरी लहर के दौरान भारत के 5 राज्यों (दिल्ली, झारखंड, छत्तीसगढ, मध्य प्रदेश, ओडिशा) में 488 प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना हेतु पात्र महिलाओं के साथ बातचीत करने के बाद निकले नतीजे।
  • UP Elections
    इविता दास, वी.आर.श्रेया
    यूपी चुनाव: सोनभद्र और चंदौली जिलों में कोविड-19 की अनसुनी कहानियां हुईं उजागर 
    05 Mar 2022
    ये कहानियां उत्तर प्रदेश के सोनभद्र और चंदौली जिलों की हैं जिन्हे ऑल-इंडिया यूनियन ऑफ़ फ़ॉरेस्ट वर्किंग पीपल (AIUFWP) द्वारा आयोजित एक जन सुनवाई में सुनाया गया था। 
  • Modi
    लाल बहादुर सिंह
    यूपी चुनाव : क्या पूर्वांचल की धरती मोदी-योगी के लिए वाटरलू साबित होगी
    05 Mar 2022
    मोदी जी पिछले चुनाव के सारे नुस्खों को दुहराते हुए चुनाव नतीजों को दुहराना चाह रहे हैं, पर तब से गंगा में बहुत पानी बह चुका है और हालात बिल्कुल बदल चुके हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License