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भारत
राजनीति
किसान आंदोलन का असर: पंजाब नगर निगम में भाजपा का पत्ता साफ़, अकालियों को भी झटका
किसान आंदोलन के परिणाम अब राजनीतिक तौर पर भी सामने आने लगे हैं। पंजाब निकाय चुनाव में कांग्रेस पर जमकर वोटों की बारिश हुई है और पार्टी को चार नगर निगमों में जीत मिली है जबकि तीन अन्य नगर निगमों में आगे हैं।

न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
17 Feb 2021
Panjab

किसान आंदोलन के गढ़ पंजाब में आंदोलन का परिणाम अब राजनीतिक तौर पर भी सामने आने लगा है। पंजाब के निकाय चुनाव में सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी को चार नगर निगमों में जीत मिल चुकी है है जबकि तीन अन्य नगर निगमों में वह आगे है।

आठ नगर निगमों में से सात नगर निगमों एवं 109 नगर परिषद के लिये मतों की गिनती का काम आज सुबह नौ बजे शुरू हुआ।

अधिकारियों ने बताया कि बठिंडा, कपूरथला, होशियारपुर एवं पठानकोट नगर निगमों में कांग्रेस को जीत मिली है जबकि पार्टी बटाला, मोगा एवं अबोहर नगर निगम में आगे चल रही है।

प्रदेश निर्वाचन आयोग ने मंगलवार को मोहाली नगर निगम के दो मतदान केंद्रों पर पुनर्मतदान के निर्देश दिये थे। इसलिये इस पूरे नगर निगम में मतों की गिनती का काम बृहस्पतिवार को किया जायेगा।

उन्होंने आगे कहा कि मतगणना केंद्रों पर सुरक्षा की कड़ी व्यवस्था की गयी है।

अधिकारी ने बताया कि प्रदेश में स्थानीय निकायों के 2302 उम्मीदवारों के निर्वाचन के लिये 14 फरवरी को मतदान कराया गया था जिसमें 70 फीसदी से अधिक मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया।

भारतीय जनता पार्टी एवं शिरोमणि अकाली दल अलग अलग चुनाव लड़ रहे हैं। पिछले साल कृषि कानून के मुद्दे पर शिअद राजग गठबंधन से बाहर हो गया था ।

इन चुनाव में कांग्रेस के अलावा सभी दलों को निराशा हाथ लगी है। किसानों के नाम पर भले ही अकाली दल केंद्र सरकार से अलग हो गई है, लेकिन किसानों ने अभी उसे स्वीकार नहीं किया है। और अकाली को निकाय चुनाव में निराशा ही हाथ लगी है। अकाली अपना गढ़ बठिंडा भी गंवा बैठे और उसे वहां 53 साल बाद हार मिली। यहां भी कांग्रेस ने जीत दर्ज की है। भाजपा को तो यहां बुरी तरह हार का मुंह देखना पड़ा है। आम आदमी पार्टी को भी यहां कुछ खास सफलता नहीं मिली है। हां निर्दलियों ने बेहतर किया है।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

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Shiromani Akali Dal
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