NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
किसान आंदोलन का असर: पंजाब नगर निगम में भाजपा का पत्ता साफ़, अकालियों को भी झटका
किसान आंदोलन के परिणाम अब राजनीतिक तौर पर भी सामने आने लगे हैं। पंजाब निकाय चुनाव में कांग्रेस पर जमकर वोटों की बारिश हुई है और पार्टी को चार नगर निगमों में जीत मिली है जबकि तीन अन्य नगर निगमों में आगे हैं।

न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
17 Feb 2021
Panjab

किसान आंदोलन के गढ़ पंजाब में आंदोलन का परिणाम अब राजनीतिक तौर पर भी सामने आने लगा है। पंजाब के निकाय चुनाव में सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी को चार नगर निगमों में जीत मिल चुकी है है जबकि तीन अन्य नगर निगमों में वह आगे है।

आठ नगर निगमों में से सात नगर निगमों एवं 109 नगर परिषद के लिये मतों की गिनती का काम आज सुबह नौ बजे शुरू हुआ।

अधिकारियों ने बताया कि बठिंडा, कपूरथला, होशियारपुर एवं पठानकोट नगर निगमों में कांग्रेस को जीत मिली है जबकि पार्टी बटाला, मोगा एवं अबोहर नगर निगम में आगे चल रही है।

प्रदेश निर्वाचन आयोग ने मंगलवार को मोहाली नगर निगम के दो मतदान केंद्रों पर पुनर्मतदान के निर्देश दिये थे। इसलिये इस पूरे नगर निगम में मतों की गिनती का काम बृहस्पतिवार को किया जायेगा।

उन्होंने आगे कहा कि मतगणना केंद्रों पर सुरक्षा की कड़ी व्यवस्था की गयी है।

अधिकारी ने बताया कि प्रदेश में स्थानीय निकायों के 2302 उम्मीदवारों के निर्वाचन के लिये 14 फरवरी को मतदान कराया गया था जिसमें 70 फीसदी से अधिक मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया।

भारतीय जनता पार्टी एवं शिरोमणि अकाली दल अलग अलग चुनाव लड़ रहे हैं। पिछले साल कृषि कानून के मुद्दे पर शिअद राजग गठबंधन से बाहर हो गया था ।

इन चुनाव में कांग्रेस के अलावा सभी दलों को निराशा हाथ लगी है। किसानों के नाम पर भले ही अकाली दल केंद्र सरकार से अलग हो गई है, लेकिन किसानों ने अभी उसे स्वीकार नहीं किया है। और अकाली को निकाय चुनाव में निराशा ही हाथ लगी है। अकाली अपना गढ़ बठिंडा भी गंवा बैठे और उसे वहां 53 साल बाद हार मिली। यहां भी कांग्रेस ने जीत दर्ज की है। भाजपा को तो यहां बुरी तरह हार का मुंह देखना पड़ा है। आम आदमी पार्टी को भी यहां कुछ खास सफलता नहीं मिली है। हां निर्दलियों ने बेहतर किया है।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

panjab
Local Body Polls
BJP
AAP
Shiromani Akali Dal
Congress

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

मुंडका अग्निकांड: 'दोषी मालिक, अधिकारियों को सजा दो'

मुंडका अग्निकांड: ट्रेड यूनियनों का दिल्ली में प्रदर्शन, CM केजरीवाल से की मुआवज़ा बढ़ाने की मांग


बाकी खबरें

  • Refugees
    ट्राईकोंटिनेंटल : सामाजिक शोध संस्थान
    अगर सभी शरणार्थी एक देश में रह रहे होते, तो वह देश दुनिया का 17वाँ सबसे बड़ा देश होता
    22 Oct 2021
    अकेले संयुक्त राष्ट्र की गणना के हिसाब से, इस समय लगभग 8.3 करोड़ लोग विस्थापित हैं, और यदि ये सभी विस्थापित एक ही स्थान पर रहें तो वे आपस में मिलकर दुनिया का 17वाँ सबसे अधिक आबादी वाला देश बन जाएँगे।
  • ARYAN
    तमन्ना पंकज
    आर्यन ख़ान मामला: बेबुनियाद साज़िश वाले एंगल और ज़बरदस्त मीडिया ट्रायल के ख़तरनाक चलन की नवीनतम मिसाल
    22 Oct 2021
    यह अभियोजन है या उत्पीड़न?
  • Prime Minister's Kisan Samman Nidhi
    सरोजिनी बिष्ट
    प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से वंचित हैं आज भी बड़ी तादाद में किसान
    22 Oct 2021
    पिछले दिनों उत्तर प्रदेश से एक ऐसी खबर आई जिसने इस योजना के तहत होने वाली बड़ी धांधली को उजागर किया। हजारों ऐसे किसान चिन्हित हुए जो किसान होने के साथ-साथ या तो सरकारी नौकरी भी कर रहे थे या जिनका…
  • kisan andolan
    लाल बहादुर सिंह
    बाहरी साज़िशों और अंदरूनी चुनौतियों से जूझता किसान आंदोलन अपनी शोकांतिका (obituary) लिखने वालों को फिर निराश करेगा
    22 Oct 2021
    किसान आंदोलन के लिए यह एक कठिन दौर है। किसान नेतृत्व चिंतित, लेकिन सजग है, सूझबूझ और साहस के साथ सटीक स्टैंड लेते हुए कदम बढ़ा रहा है और मोदी-शाह के चक्रव्यूह को तोड़ कर आगे बढ़ने के लिए कृतसंकल्प है।
  • Bangladesh peace rally
    सत्यम श्रीवास्तव
    बांग्लादेश में सांप्रदायिक हिंसा और आश्वस्त करती सरकार की ज़िम्मेदार पहल
    22 Oct 2021
    हाल में जिस तरह से सांप्रदायिक हिंसा पर वहाँ की सरकार ज़िम्मेदारी से काम करते दिखलाई दे रही है उससे लगता है कि वह इस शांति और सद्भाव को बचाने की ईमानदार कोशिश कर रही है। ...अगर इस एक मामले में देखें…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License