NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
हरियाणा में भी अविश्वास प्रस्ताव, किसानों ने भी की मोर्चाबंदी, सत्ता पक्ष के विधायकों को ज्ञापन सौंपे
खट्टर सरकार के ख़िलाफ़ विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव के लिए समर्थन जुटाने के लिए भारतीय किसान यूनियन- हरियाणा के आह्वान पर किसानों ने मंगलवार को  अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में विधायकों को ज्ञापन सौंपें।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
09 Mar 2021
हरियाणा में भी अविश्वास प्रस्ताव, किसानों ने भी की मोर्चाबंदी, सत्ता पक्ष के विधायकों को ज्ञापन सौंपे

उत्तराखंड में तो अपने ही विधायकों के असंतोष और विरोध के चलते भारतीय जनता पार्टी को अपनी ही सरकार में फेरबदल करते हुए अपने मुख्यमंत्री से इस्तीफ़ा लेना पड़ा है। जी हां, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा है। इसके उलट हरियाणा में विपक्ष और किसान भाजपा की खट्टर सरकार की घेराबंदी कर रहे हैं। जी हां, हरियाणा में भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार के ख़िलाफ़ विपक्ष 10 मार्च यानी बुधवार को अविश्वास प्रस्ताव ला रहा है। अविश्वास प्रस्ताव किसानों के हक़ में और तीन नये कृषि कानूनों के विरोध में है।

किसान भी यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि सत्तारूढ़ बीजेपी और जेजेपी व अन्य विधायक भी उनके साथ आकर खट्टर सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के समर्थन में मतदान करें। 90 सदस्यीय हरियाणा विधानसभा में बीजेपी की 40 सीटें और जननायक जनता पार्टी यानी जेजेपी की 10 सीटें हैं और सरकार को पांच स्वतंत्र विधायकों का समर्थन हासिल है।

अविश्वास प्रस्ताव के लिए समर्थन जुटाने के लिए भारतीय किसान यूनियन- हरियाणा के नेता गुरनाम सिंह चाडूनी के आह्वान पर किसानों ने मंगलवार को  अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में विधायकों के घरों के बाहर विरोध प्रदर्शन करते हुए उन्हें ज्ञापन सौंपे।

इस ज्ञापन में विधायकों से कहा गया है कि “10 मार्च 2021 को आप सरकार के ख़िलाफ़ अविश्वास प्रस्ताव पर बहस में सरकार के ख़िलाफ़ वोट करें। यही एकमात्र तरीका है जिसमें जन-विरोधी सरकारें एक महत्वपूर्ण सबक सीखेंगी। यदि आप सरकार के समर्थन में मतदान करते हैं, तो इस निर्वाचन क्षेत्र में जनता आपको सबक सिखाने के लिए मजबूर होगी।”

किसानों की इस मोर्चाबंदी से सत्तारूढ़ बीजेपी में खलबली है और उसने अपने विधायकों को लेकर व्हिप जारी कर दिया है। व्हिप जारी होने के बाद अविश्वास प्रस्ताव के दौरान पार्टी के विधायक पार्टी के खिलाफ वोटिंग नहीं कर सकेंगे। साथ ही सभी विधायकों को हर हाल में सदन में मौजूद रहना होगा। अगर वे ऐसा नहीं करते तो उनकी सदस्यता निरस्त हो सकती है।

अब इसी से आप अंदाज़ा लगा सकते हैं कि सदन में अपने बहुमत को लेकर खुद को आशवस्त दिखा रही बीजेपी भीतर से किस कदर हिली हुई है।

Haryana
manohar laal khattar
Dushyant Chautala
BJP
farmers protest

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

गुजरात: भाजपा के हुए हार्दिक पटेल… पाटीदार किसके होंगे?


बाकी खबरें

  • भाषा
    मोहाली में पुलिस मुख्यालय पर ग्रेनेड हमला
    10 May 2022
    मोहाली पुलिस ने एक बयान में कहा, ''शाम 7.45 बजे सेक्टर 77, एसएएस नगर में पंजाब पुलिस खुफिया मुख्यालय परिसर में एक मामूली विस्फोट की सूचना मिली। किसी नुकसान की सूचना नहीं है। वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल…
  • पीपल्स डिस्पैच
    अनिश्चितता के इस दौर में रौशनी दिखाता श्रमिकों का संघर्ष  
    10 May 2022
    पोटेरे अल पोपोलो के राष्ट्रीय प्रवक्ताओं ने 6 से 8 मई तक इटली के रोम में आयोजित वर्ल्ड फ़ेडरेशन ऑफ़ ट्रेड यूनियन्स की 18वीं कांग्रेस को संबोधित किया।
  • शाओनी दास
    ग़ैरक़ानूनी गतिविधियां (रोकथाम) क़ानून और न्याय की एक लंबी लड़ाई
    10 May 2022
    ग़ैरक़ानूनी गतिविधियां (रोकथाम) क़ानून, 1967 [यूएपीए] को 14 सितंबर, 2020 को हुए दिल्ली दंगों में कथित साज़िशकर्ताओं के ख़िलाफ़ इस्तेमाल गया है।
  • अजय कुमार
    क्या दुनिया डॉलर की ग़ुलाम है?
    10 May 2022
    मौजूदा वक़्त की हालत यह है कि वित्तीय बाजार की पूरी दुनिया पर डॉलर का दबदबा है। लंदन, न्यूयॉर्क से वित्तीय बाजार नियंत्रित हो रहा है लेकिन दुनिया के उत्पादन श्रृंखला पर अमेरिका का दबदबा नहीं है।
  • राज वाल्मीकि
    मेरे लेखन का उद्देश्य मूलरूप से दलित और स्त्री विमर्श है: सुशीला टाकभौरे
    10 May 2022
    सुशीला टाकभौरे ने कविता, कहानी, उपन्यास, नाटक आदि कई विधाओं में लेखन किया है। कई कहानियां, कविता और उपन्यास, आत्मकथा विभिन्न राज्यों के पाठ्यक्रम में लगी हुई हैं। आपको कई पुरस्कारों से सम्मानित किया…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License