NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
भारत
राजनीति
कर्नाटक में इतिहासकार गुहा सहित तमाम प्रदर्शनकारी हिरासत में लिए गए
लेखिका अरुंधति रॉय ने नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में गुरुवार को देश भर में हो रहे प्रदर्शनों के प्रति एकजुटता दिखाते हुए कहा कि यह ऐसा दिन है जब ‘प्यार और एकजुटता का सामना कट्टरता और फासीवाद’ से हो रहा है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
19 Dec 2019
Guha were detained

बेंगलुरु: संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे इतिहासकार रामचन्द्र गुहा समेत बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने गुरुवार को हिरासत में लिया। राज्य के हुबली, कलबुर्गी, हासन, मैसूरु और बेल्लारी सहित राज्य के तमाम हिस्सों में प्रदर्शन हुए। पुलिस ने निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने के आरोप में इन लोगों को गिरफ्तार किया।

यहां टाउन हॉल में संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) के खिलाफ प्रदर्शन करने को लेकर प्रख्यात इतिहासकार रामचन्द्र गुहा सहित अन्य लोगों को पुलिस ने धारा 144 का उल्लंघन करने के आरोप में हिरासत में लिया। अपनी हिरासत पर गुहा ने कहा कि यह ‘बिल्कुल अलोकतांत्रिक है’ कि पुलिस शांतिपूर्ण तरीके से भी प्रदर्शन नहीं करने दे रही है, जबकि यह नागरिकों का मौलिक अधिकार है।

पुलिसकर्मी गुहा को अपने साथ पास में ही खड़े वाहन तक ले कर गए। बायोकॉन की चेयरपर्सन एवं प्रबंध निदेशक किरण मजूमदार शॉ ने पुलिस की कार्रवाई पर आश्चर्य जताया है।

उन्होंने ट्वीट किया है, ‘यह बेहद आश्चर्यजनक है और दिखाता है कि उन्हें मतभेद प्रकट करने की मौलिक आजादी की कोई समझ नहीं है... शांतिपूर्ण प्रदर्शन के साथ ऐसा गलत व्यवहार नहीं करना चाहिए।’

राज्य के विभिन्न हिस्सों में संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन के बीच कर्नाटक के मुख्यमंत्री बी. एस. येदियुरप्पा ने शांति बनाए रखने की गुरुवार को अपील की और नए कानून को लेकर मुसलमानों के डर दूर करने की कोशिश की।

मुख्यमंत्री ने बुधवार को कहा कि उनकी सरकार भाजपा शासित राज्य में सीएए और एनआरसी को ‘‘100 प्रतिशत’’ लागू करेगी। येदियुरप्पा ने कहा, ‘मैं अल्पसंख्यक मुसलमान भाइयों से अनुरोध करता हूं कि इस कानून का आपके ऊपर कोई कुप्रभाव नहीं होगा, आपके हितों की रक्षा करना हमारी जिम्मेदारी है। कृपया सहयोग करें, शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखें।’

यहां संवाददाताओं से बातचीत में उन्होंने कहा, ‘हमने कानून के पक्ष या विपक्ष में कोई प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं दी है, धारा 144 लागू है। किसी को इस संबंध में कोई कार्यक्रम आयोजित नहीं करना चाहिए और सभी को शांति बनाए रखनी चाहिए... पुलिस मामलों की निगरानी कर रही है।’

येदियुरप्पा ने सुबह पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर राज्य की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की।प्रशासन ने बुधवार से ही बेंगलुरु सहित राज्य के विभिन्न हिस्सों में धारा 144 लगाई है। यह 21 दिसंबर तक के लिए प्रभावी है।

वहीं, चेन्नई में अभिनेता एवं मक्कल नीधि मैयम प्रमुख कमल हासन ने गुहा और स्वराज अभियान के प्रमुख योगेन्द्र यादव को हिरासत में लिए जाने की कटु आलोचना की। हासन ने ट्वीट किया है कि वह गुहा और यादव को गिरफ्तार करके सत्याग्रह की आग को भड़काने के लिए सरकार की मुर्खता पर तालियां पीट-पीटकर हंस रहे हैं।

उन्होंने लिखा है, ‘लेकिन मैं उनकी सुरक्षा को लेकर चिंतित हूं। भारत आपके साथ है।’ गुहा को हिरासत में लिए जाने पर कोलकाता में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि केन्द्र सरकार देश के प्रतिष्ठित इतिहासकार से डर गई है।

उन्होंने ट्वीट किया, ‘यह सरकार छात्रों से डरी हुई है। यह सरकार कैब और एनआरसी के मुद्दे पर मीडिया से बातचीत करने और गांधीजी का पोस्टर पकड़ने पर देश के प्रतिष्ठित इतिहासकारों में से एक से डरी हुई है। मैं राम (चन्द्र) गुहा को हिरासत में लेने की आलोचना करती हूं। मैं हिरासत में लिए गए सभी लोगों के साथ एकजुटता प्रदर्शित करती हूं।’

प्यार, एकजुटता का सामना कट्टरता और फासीवाद से: अरुंधति

लेखिका अरुंधति रॉय ने नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में बृहस्पतिवार को देश भर में हो रहे प्रदर्शनों के प्रति एकजुटता दिखाते हुए कहा कि यह ऐसा दिन है जब ‘प्यार और एकजुटता का सामना कट्टरता और फासीवाद’ से हो रहा है। एक बयान में उन्होंने कहा कि इन प्रदर्शनों ने सरकार को ‘बेनकाब’ कर दिया है।

उन्होंने कहा, ‘हम अब भी आगे बढ़ रहे हैं। भारत खड़ा है। यह सरकार बदनाम हो चुकी है और उसकी मंशा उजागर हो गई है। यह ऐसा दिन है जब प्यार और एकजुटता का सामना कट्टरता और फासीवाद से हो रहा है। हर व्यक्ति असंवैधानिक सीएबी और एनआरसी के खिलाफ प्रदर्शन में हिस्सा ले रहा है।’

उन्होंने कहा, ‘हमलोग दलित, मुस्लिम, हिंदू, ईसाई, सिख, आदिवासी, मार्क्सवादी, आंबेडकरवादी, किसान, मजदूर, शिक्षक, लेखक, कवि, चित्रकार और इस देश का भविष्य माने जाने वाले अधिकतर छात्र हैं। इस बार आप हमें नहीं रोक पाएंगे।’

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

CAA
NRC CAA protest
CAA Protest In all over India
Bangalore
Ramachandra Guha were detained
BS Yeddyurappa

Related Stories

CAA आंदोलनकारियों को फिर निशाना बनाती यूपी सरकार, प्रदर्शनकारी बोले- बिना दोषी साबित हुए अपराधियों सा सुलूक किया जा रहा

देश बड़े छात्र-युवा उभार और राष्ट्रीय आंदोलन की ओर बढ़ रहा है

दिल्ली पुलिस की 2020 दंगों की जांच: बद से बदतर होती भ्रांतियां

सीएए : एक और केंद्रीय अधिसूचना द्वारा संविधान का फिर से उल्लंघन

समान नागरिकता की मांग पर देवांगना कलिता, नताशा नरवाल को गिरफ्तार किया गया: पिंजरा तोड़

ग़ैर मुस्लिम शरणार्थियों को पांच राज्यों में नागरिकता

नताशा नरवाल को अपने पिता के अंतिम संस्कार के लिए मिली ज़मानत

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस: सड़क से कोर्ट तक संघर्ष करती महिलाएं सत्ता को क्या संदेश दे रही हैं?

विरोध-प्रदर्शन और चुनावी रणनीति बिगड़ने के डर से भाजपा ने सीएए को लटकाया?

किसानों के प्रदर्शन में मुसलमानों की शिरकत का सवाल कितना वाजिब?


बाकी खबरें

  • अनिल सिन्हा
    उत्तर प्रदेशः हम क्यों नहीं देख पा रहे हैं जनमत के अपहरण को!
    12 Mar 2022
    हालात के समग्र विश्लेषण की जगह सरलीकरण का सहारा लेकर हम उत्तर प्रदेश में 2024 के पूर्वाभ्यास को नहीं समझ सकते हैं।
  • uttarakhand
    एम.ओबैद
    उत्तराखंडः 5 सीटें ऐसी जिन पर 1 हज़ार से कम वोटों से हुई हार-जीत
    12 Mar 2022
    प्रदेश की पांच ऐसी सीटें हैं जहां एक हज़ार से कम वोटों के अंतर से प्रत्याशियों की जीत-हार का फ़ैसला हुआ। आइए जानते हैं कि कौन सी हैं ये सीटें—
  • ITI
    सौरव कुमार
    बेंगलुरु: बर्ख़ास्तगी के विरोध में ITI कर्मचारियों का धरना जारी, 100 दिन पार 
    12 Mar 2022
    एक फैक्ट-फाइंडिंग पैनल के मुतबिक, पहली कोविड-19 लहर के बाद ही आईटीआई ने ठेके पर कार्यरत श्रमिकों को ‘कुशल’ से ‘अकुशल’ की श्रेणी में पदावनत कर दिया था।
  • Caste in UP elections
    अजय कुमार
    CSDS पोस्ट पोल सर्वे: भाजपा का जातिगत गठबंधन समाजवादी पार्टी से ज़्यादा कामयाब
    12 Mar 2022
    सीएसडीएस के उत्तर प्रदेश के सर्वे के मुताबिक भाजपा और भाजपा के सहयोगी दलों ने यादव और मुस्लिमों को छोड़कर प्रदेश की तकरीबन हर जाति से अच्छा खासा वोट हासिल किया है।
  • app based wokers
    संदीप चक्रवर्ती
    पश्चिम बंगाल: डिलीवरी बॉयज का शोषण करती ऐप कंपनियां, सरकारी हस्तक्षेप की ज़रूरत 
    12 Mar 2022
    "हम चाहते हैं कि हमारे वास्तविक नियोक्ता, फ्लिपकार्ट या ई-कार्ट हमें नियुक्ति पत्र दें और हर महीने के लिए हमारा एक निश्चित भुगतान तय किया जाए। सरकार ने जैसा ओला और उबर के मामले में हस्तक्षेप किया,…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License