NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
स्वास्थ्य
भारत
राजनीति
बच्चों में बढ़ता कुपोषण और मोटापा चिंताजनक!
ताज़ा राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (एनएफएचएस) में देश में मोटापा और कुपोषण से ग्रस्त पांच साल से कम उम्र के बच्चों की संख्या में ज़बरदस्त इज़ाफ़ा होने की बात सामने आई है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
15 Dec 2020
बच्चों में बढ़ता कुपोषण और मोटापा चिंताजनक!
प्रतीकात्मक तस्वीर I फोटो साभार: पूरी दुनिया

केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण मंत्रालय ने शनिवार (12 दिसंबर) को राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NHFS-5) की पांचवी रिपोर्ट का पहला भाग जारी कर दिया है। इस रिपोर्ट के मुताबिक देश में मोटापा और कुपोषण से ग्रस्त पांच साल से कम उम्र के बच्चों की संख्या में जबरदस्त इजाफा होने की बात सामने आई है।

ये ताजा आंकड़े महाराष्ट्र, बिहार और पश्चिम बंगाल सहित 17 राज्यों और जम्मू कश्मीर सहित पांच केंद्र शासित प्रदेशों का है। सर्वे के दूसरे चरण में उत्तर प्रदेश, पंजाब और मध्य प्रदेश जैसे अन्य राज्यों को कवर किया जाएगा। दरअसल, कोरोना की वजह से इसमें देरी हो गई थी, इन राज्यों के नतीजे मई 2021 तक उपलब्ध होने की उम्मीद है।

मोटापे से ग्रसित बच्चों की संख्या में इज़ाफ़ा

देश के 22 राज्यों में किए गए सर्वेक्षण में से 20 राज्यों के बच्चों में यह वृद्धि देखने को मिली है। विशेषज्ञ इसके लिए कम पोषण वाले भोजन की आदत और शारीरिक गतिविधियों में कमी को जिम्मेदार ठहराते हैं।

एनएफएचएस-5 के मुताबिक, पिछली बार वर्ष 2015 और 2016 के बीच किए गए सर्वेक्षण की तुलना में महाराष्ट्र, गुजरात, मिजोरम, त्रिपुरा, लक्षद्वीप, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख समेत कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मोटापे से ग्रसित पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों की संख्या में भारी वृद्धि दर्ज की गई है।

इसके मुताबिक, केवल गोवा, दादरा एवं नागर हवेली और दमन एवं दीव में ऐसे बच्चों की संख्या में कमी देखी गई है। लद्दाख में पांच वर्ष से कम उम्र के करीब 13.4 फीसदी बच्चे मोटापे से ग्रसित पाए गए जो 22 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में किए गए सर्वेक्षण में इस मामले में सबसे पहले पायदान पर रहा। पिछले सर्वेक्षण की तुलना में केवल बच्चों में ही नहीं इस ताजा सर्वेक्षण में मोटापे से ग्रस्त वयस्कों की संख्या में भी इजाफा हुआ है।

सर्वेक्षण के आंकड़ों के मुताबिक, 16 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों की महिलाओं के बीच मोटापे की शिकायत में वृद्धि दर्ज की गई जबकि 19 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के पुरुषों में इस समस्या में इजाफा हुआ है। केरल और अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह में सबसे अधिक करीब 38 फीसदी महिलाएं मोटापे से ग्रसित पाई गईं।

जन स्वास्थ्य पोषण विशेषज्ञ शीला वीर ने कहा कि भोजन की अच्छी आदतों के बारे में जागरूकता की कमी है। उन्होंने कहा कि उच्च वसा एवं उच्च शर्करा की मात्रा वाले भोजन आसानी से उपलब्ध है इसलिए इनका सेवन भी बढ़ता जा रहा है।

बच्चों में कुपोषण का स्तर बढ़ा

एनएफएचएस के आंकड़ों से पता चलता है कि कई राज्यों में पांच साल तक की उम्र के बच्चों में कुपोषण के मापदंडों में या तो मामूली सुधार हुआ है या फिर यह और बदतर हुआ है। ये मापदंड बच्चों की उम्र के अनुरूप लंबाई नहीं बढ़ना, लंबाई के अनुरूप कम वजन, कम वजन और बाल मृत्यु दर है।

इससे पहले 2015-16 में आई रिपोर्ट में बच्चों में कुपोषण घटा था, लेकिन इस बार की रिपोर्ट में मामले बढ़ गये हैं। रिपोर्ट के अनुसार 13 राज्यों में अपनी उम्र में सामान्य से कम लंबाई वाले बच्चों की संख्या बढ़ी है। वहीं लंबाई के हिसाब से कम वजन वाले बच्चों की संख्या 12 राज्यों में बढ़ी है।

बच्चों की उम्र के अनुरूप कम वजन कुपोषण को दर्शाता है। भारत में हमेशा से ही बच्चों की लंबाई के अनुरूप उनका वजन कम रहा है लेकिन इसका स्तर कम करने के बजाए तेलंगाना, केरल, बिहार और असम जैसे कई राज्यों में यह बढ़ा है। वहीं, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल में यह स्थिर बना हुआ है।

जब भी कम वजनी बच्चों के अनुपात का सवाल उठता है तो गुजरात, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना, असम और केरल जैसे कई बड़े राज्यों में बढ़ोतरी देखने को मिली है। लेकिन सबसे बड़ा उलटफेर चाइल्ड स्टटिंग यानी बच्चों की उम्र के अनुरूप लंबाई नहीं बढ़ने में देखने को मिला है, जो कुपोषण को दर्शाता है और उन बच्चों के प्रतिशत का उल्लेख करता है, जिनकी उम्र के अनुरूप उनकी लंबाई कम है। तेलंगाना, गुजरात, केरल, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल में चाइल्ड स्टंटिंग का स्तर बढ़ा है।

चिंताजनक हैं आंकड़े

ये आंकड़े कोरोना महामारी के पहले इकट्ठा किए गए थे। गौरतलब है कि COVID-19 का प्रकोप और प्रसार को रोकने के लिए लगाए गए लॉकडाउन में लाखों लोग फंसे और भूखे रह गए। इसके अलावा बड़ी संख्या में लोगों को अपनी नौकरियां गंवानी पड़ी है। ऐसे में भुखमरी और कुपोषण में इजाफा होगा।

संयुक्त राष्ट्र की एजेंसियों समेत दूसरी तमाम संस्थाओं का भी ये कहना है कि इस महामारी ने भूख, गरीबी, कुपोषण जैसी असमनताओं को और तेजी से बढ़ा दिया है। निसंदेह बच्चे इसका सबसे आसान शिकार होंगे। ऐसे में हालात के और बुरे होने का अंदेशा है।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

National Family Health Survey
NFHS
malnutrition in children
Union Ministry of Health and Family Welfare
NHFS-5
COVID-19
poverty
Hunger Crisis

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,706 नए मामले, 25 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,685 नए मामले दर्ज

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,710 नए मामले, 14 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा

कोरोना अपडेट: देश में आज फिर कोरोना के मामलों में क़रीब 27 फीसदी की बढ़ोतरी


बाकी खबरें

  • poverty
    अरुण कुमार त्रिपाठी
    जनादेश-2022: रोटी बनाम स्वाधीनता या रोटी और स्वाधीनता
    11 Mar 2022
    राष्ट्रवाद और विकास के आख्यान के माध्यम से भारतीय जनता पार्टी और उसके नेताओं ने रोटी और स्वाधीनता के विमर्श को रोटी बनाम स्वाधीनता बना दिया है।
  • farmer
    सुरेश गरीमेल्ला
    सरकारी इंकार से पैदा हुआ है उर्वरक संकट 
    11 Mar 2022
    मौजूदा संकट की जड़ें पिछले दो दशकों के दौरान अपनाई गई गलत नीतियों में हैं, जिन्होंने सरकारी कंपनियों के नेतृत्व में उर्वरकों के घरेलू उत्पादन पर ध्यान नहीं दिया और आयात व निजी क्षेत्र द्वारा उत्पादन…
  • सोनिया यादव
    पंजाब : कांग्रेस की हार और ‘आप’ की जीत के मायने
    11 Mar 2022
    कांग्रेस को जो नुक़सान हुआ, उसका लगभग सीधा लाभ 'आप' को मिला। मौजूदा वक़्त में पंजाब के लोगों में नाराज़गी थी और इस कारण लोगों ने बदलाव को ही विकल्प मानते हुए आम आदमी पार्टी पर भरोसा किया है।
  • विजय विनीत
    यूपी चुनाव : पूर्वांचल में हर दांव रहा नाकाम, न गठबंधन-न गोलबंदी आया काम !
    11 Mar 2022
    उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल में विपक्ष के पास मुद्दों की भरमार रहने के बावजूद समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव मोदी-योगी का जादू बेअसर नहीं कर सके। बार-बार टिकटों की अदला-बदली और लचर रणनीति ने स
  • LOOSERES
    रवि शंकर दुबे
    यूपी चुनाव: कई दिग्गजों को देखना पड़ा हार का मुंह, डिप्टी सीएम तक नहीं बचा सके अपनी सीट
    11 Mar 2022
    उत्तर प्रदेश में एक बार फिर भाजपा की वापसी हो गई है, हालांकि इस प्रचंड जीत के बावजूद कई दिग्गज नेता अपनी सीट नहीं बचा पाए हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License