NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
ट्रंप की 'धमकी' के बाद भारत ने मलेरिया दवाइयों के निर्यात से प्रतिबंध हटाया
4 अप्रैल को भारत ने हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वाइन, जो कोरोना वायरस के इलाज में मददगार साबित हो रही है, सहित कई दवाइयों के निर्यात पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया था।
पीपल्स डिस्पैच
07 Apr 2020
भारत ने मलेरिया दवाइयों के निर्यात से प्रतिबंध हटाया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार 6 अप्रैल को भारत को मलेरिया की दवाई हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वाइन से अपना प्रतिबंध हटाने का अल्टिमेटम दिया था।

6 अप्रैल सोमवार को हुई दैनिक प्रेस ब्रीफ़िंग में ट्रंप ने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से 5 अप्रैल को बात की थी। ट्रंप के मुताबिक़ मोदी ने इस मसले को हल करने का आश्वासन दिया था, और कहा था कि अमेरिका तक पर्याप्त दवाइयाँ पहुँचाने की कोशिश करेंगे। हालांकि, ट्रंप ने भारत के ऐसा ना करने पर 'बुरे परिणामों; की बात भी कही थी।

हालांकि ख़ुद ट्रंप प्रशासन पर अपने दीर्घकालिक सहयोगी कनाडा और कुछ लैटिन अमेरिकी देशों सहित अन्य देशों को आवश्यक चिकित्सा आपूर्ति के निर्यात पर ऐसा ही प्रतिबंध लगाने का आरोप लगाया गया है।

हालांकि, चिकित्सा उपकरणों के निर्यात को रोकने की अमेरिका की यह नीति कोई नई नहीं है और यह डोनाल्ड ट्रम्प प्रशासन को बाध्य नहीं करता है। 2009 में एच1एन1 के प्रकोप के दौरान बराक ओबामा के प्रशासन ने इसी तरह की नीति को अपनाया था।

अमेरिका में कोरोना के अब दुनिया में सबसे ज़्यादा 3,60,000 मरीज़ हो गए हैं, जबकि 11,000 की मौत हो चुकी है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका ने दवाइयों का ऑर्डर मार्च में दिया था। भारत ने 4 अप्रैल को  हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वाइन, जो कोरोना वायरस के इलाज में मददगार साबित हो रही है, सहित कई दवाइयों के निर्यात पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया था। भारत इस दवाई का सबसे बड़ा उत्पादक है।

भारत में 6 अप्रैल तक कोरोना संक्रमित लोगों की संख्या 4500 हो गई है जबकि 100 से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।

हालिया रिपोर्ट के मुताबिक़ भारत के विदेश मंत्रालय ने मंगलवार 7 अप्रैल को घोषणा की है कि भारत paracetamol और हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वाइन पड़ोसी देशों और जिन देशों को इसकी ज़रूरत है, उन तक पहुंचाएगा। एमईए प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने एक बयान में कहा कि भारत "यह दवाइयाँ उन देशों तक भी पहुंचाएगा जिन पर इस महामारी का बेहद ख़राब असर हुआ है। हम चाहते हैं कि इस मामले पर कोई राजनीति न की जाए।

साभार :पीपल्स डिस्पैच

Coronavirus
COVID-19
Export of malaria medicines
Donand Trump
Narendra modi

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

तिरछी नज़र: सरकार जी के आठ वर्ष

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

भारत के निर्यात प्रतिबंध को लेकर चल रही राजनीति

गैर-लोकतांत्रिक शिक्षानीति का बढ़ता विरोध: कर्नाटक के बुद्धिजीवियों ने रास्ता दिखाया

आर्थिक रिकवरी के वहम का शिकार है मोदी सरकार

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !


बाकी खबरें

  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में करीब दो महीने बाद एक दिन में कोरोना के सबसे ज़्यादा मामले दर्ज
    07 May 2022
    देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 3,805 नए मामले सामने आए हैं। देश में अब एक्टिव मामलों की संख्या बढ़कर 20 हज़ार से भी ज़्यादा यानी 20 हज़ार 303 हो गयी है।
  • मुकुंद झा
    जेएनयू: अर्जित वेतन के लिए कर्मचारियों की हड़ताल जारी, आंदोलन का साथ देने पर छात्रसंघ की पूर्व अध्यक्ष की एंट्री बैन!
    07 May 2022
    कर्मचारियों को वेतन से वंचित करने के अलावा, जेएनयू प्रशासन 2020 से परिसर में कर्मचारियों की संख्या लगातार कम कर रहा है। इसके परिणामस्वरूप मौजूदा कर्मचारियों पर काम का भारी दबाव है। कर्मचारियों की…
  • असद रिज़वी
    केंद्र का विदेशी कोयला खरीद अभियान यानी जनता पर पड़ेगा महंगी बिजली का भार
    07 May 2022
    कोल इंडिया का कोयल लगभग रुपया 3000 प्रति टन है.अगर विदेशी कोयला जो सबसे कम दर रुपया 17000 प्रति टन को भी आधार मान लिया जाए, तो एक साल में केवल 10 प्रतिशत  विदेशी कोयला खरीदने से 11000 करोड़ से ज्यादा…
  • बी. सिवरामन
    प्रेस स्वतंत्रता पर अंकुश को लेकर पश्चिम में भारत की छवि बिगड़ी
    07 May 2022
    प्रधानमंत्री के लिए यह सरासर दुर्भाग्य की बात थी कि यद्यपि पश्चिमी मीडिया में उनके दौरे के सकारात्मक कवरेज को सुनिश्चित करने के लिए उनके बैकरूम प्रचारक ओवरटाइम काम कर रहे थे, विश्व प्रेस स्वतंत्रता…
  • डॉ. राजू पाण्डेय
    सिख इतिहास की जटिलताओं को नज़रअंदाज़ करता प्रधानमंत्री का भाषण 
    07 May 2022
    प्रधानमंत्री द्वारा 400वें प्रकाश पर्व समारोह के मौके पर दिए भाषण में कुछ अंश ऐसे हैं जिनका दूरगामी महत्व है और बतौर शासक  देश के संचालन हेतु उनकी भावी कार्यप्रणाली एवं चिंतन प्रक्रिया के संकेत भी…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License