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आंदोलन
भारत
राजनीति
नागरिकता संशोधन अधिनियम के खिलाफ बिहार बंद का मिलाजुला असर
वाम दलों ने एक संयुक्त बयान में आरोप लगाया कि इस कानून से भारत की धर्मनिरपेक्ष लोकतांत्रिक बुनियाद बर्बाद हो जाएगी।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
19 Dec 2019
CAA protest

पटना: नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) और एनआरसी के विरोध में बृहस्पतिवार को वामदलों के देशव्यापी बंद का बिहार में मिलाजुला असर दिखा। इस बंद को कई अन्य छोटे दलों का समर्थन मिला है।

बिहार की राजधानी पटना में वामपंथी छात्र संगठनों एआईएसएफ और आईसा से जुड़े कार्यकर्ता राजेंद्रनगर रेलवे स्टेशन के पास पटरियों पर बैठ गए जिससे सुबह करीब आधा घंटा तक ट्रेनों की आवाजाही बाधित रही। रेलवे सूत्रों ने बताया कि रेलवे सुरक्षा बल द्वारा प्रदर्शनकारियों को खदेड़े जाने पर रेल यातायात बहाल हुआ।

उन्होंने बताया कि सुबह करीब आठ बजे विकासशील इंसान पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुकेश सहनी अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ पटना जंक्शन पहुंचे और रेल यातायात को बाधित करने का प्रयास किया जिन्हें ऐसा करने से आरपीएफ ने रोका।

उन्होंने बताया, ‘सुबह 10 बजे के आसपास पूर्व सांसद पप्पू यादव के दल जन अधिकार पार्टी (जैप) के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने राजेंद्रनगर रेलवे स्टेशन से सटी सड़क पर टायर जलाकर उनमें से कुछ को पटरियों पर फेंक दिया।’

जैप कार्यकर्ताओं ने उक्त सड़क मार्ग से गुजर रही एक एम्बुलेंस को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। स्थानीय पुलिस और आरपीएफ के जवानों ने प्रदर्शनकारियों को वहां से खदेड़ा।

देश के ज्वलंत प्रश्नों को लेकर राजनीतिक कार्यकर्ताओं के खिलाफ की जा रही कार्रवाई के विरोध में जैप के राष्ट्रीय अध्यक्ष पप्पू यादव ने अपने समर्थकों के साथ बंद के दौरान प्रतीकात्मक तौर पर अपने-अपने हाथों में हथकड़ी और पैरों में बेड़ियां पहने पटना के डाकबंगला चौराहे पर प्रदर्शन किया।

जहानाबाद जिला में भाकपा माले के कार्यकर्ताओं ने काको मोड़ पर सड़क पर प्रदर्शन किया जिससे राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 110 और 83 पर यातायात बाधित हुआ। भाकपा माले के कार्यकर्ताओं ने मुजफ्फरपुर के मुशहरी प्रखंड मुख्यालय के समीप भी प्रदर्शन किया जिससे आस-पास तथा पड़ोसी समस्तीपुर जिले में वाहनों का आवागमन बाधित हुआ।

माकपा कार्यकर्ता दरभंगा जिले के लहरियासराय स्टेशन के पास रेल पटरियों पर बैठ गए। पटना के पास गंगा नदी पर बने महात्मा गांधी सेतु पर जैप समर्थक भोजपुरी गानों की धुन पर नृत्य करते देखे गए।

पूर्व मध्य रेल के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी राजेश कुमार ने बताया, ‘विभिन्न संगठनों द्वारा बिहार बंद के मद्देनजर कुछ छिटपुट घटनाओं को छोड़कर पूर्व मध्य रेल में ट्रेनों का परिचालन लगभग सामान्य रहा।’

उन्होंने बताया, ‘बंद के दौरान सोनपुर मंडल के काढ़ागोला रोड स्टेशन पर ट्रेनों का परिचालन सुबह सवा नौ बजे से प्रभावित रहा जिससे ट्रेन संख्या 15623 भगत की कोठी-कामाख्या एक्सप्रेस कुरसेला स्टेशन पर खड़ी रही, जो कुरसेला स्टेशन से खुलकर कटिहार स्टेशन पर सुबह साढ़े 10 बजे पहुंची।’

कोलकाता की सड़कों पर उतरीं नामचीन हस्तियां

नागरिकता कानून और एनआरसी के खिलाफ बृहस्पतिवार को कोलकाता में रैली में विभिन्न क्षेंत्रों की नामचीन हस्तियों, छात्रों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया।

बैनर और तिरंगा थामे विभिन्न विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के छात्र रैली में शामिल होने के लिये शहर के मध्य में स्थित रामलीला मैदान में एकत्रित हुए। फिल्म निर्देशक अपर्णा सेन, अभिनेताओं कौशिक सेन और रिद्धी सेन ने भी विरोध मार्च में हिस्सा लिया और नागरिकता (संशोधन) कानून तथा राष्ट्रीय नागरिक पंजी के खिलाफ नारेबाजी की।

अपर्णा सेन ने कहा, "हम एकजुट हैं। भारत के धर्मनिरपेक्ष ताने-बाने और बहुलवाद को तोड़ने की कोई भी कोशिश कामयाब नहीं होगी। हम खामोश नहीं रह सकते।" उन्होंने बेंगलुरु में नये नागरिकता कानून और एनआरसी के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे इतिहासकार रामचन्द्र गुहा और अन्य लोगों को हिरासत में लिये जाने की निंदा की।

अभिनेता और रंगमंच की हस्ती कौशिक सेन ने कहा, "देखिये, इस रैली में किसी राजनीतिक दल का कोई झंडा नहीं है। यह जनता का विरोध मार्च है।"

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

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CAA protest in Kolkata

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