NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
वैश्विक लोकतंत्र सूचकांक में 10 पायदान लुढ़का भारत,चुनाव प्रक्रिया और बहुलतवाद मुख्य वजह
लोकतंत्र सूचकांक की वैश्विक रैंकिंग में 10 स्थान गिरकर अभी 51वें पायदान पर है।  लोकतांत्रिक सूची में यह गिरावट देश में नागरिक स्वतंत्रता में कमी के कारण आई है। यह सूचकांक पांच श्रेणियों पर आधारित है- चुनाव प्रक्रिया और बहुलतावाद, सरकार का कामकाज, राजनीतिक भागीदारी, राजनीतिक संस्कृति और नागरिक स्वतंत्रता।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
23 Jan 2020
Democracy index

दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र यानी भारत लोकतंत्र सूचकांक की वैश्विक सूची में 10 पायदान नीचे गिर गया है। इसका मुख्य कारण नागरिक स्वतंत्रता में कमी को बताया गया है।  भारत में अप्रैल-मई 2019 में लोकसभा चुनाव हुआ था। लेकिन भारत अब वैश्विक सूची में 51वें स्थान पर आ गया है। इसको लेकर कांग्रेस ने बीजेपी सरकार पर हमला बोला है और लोकतांत्रिक मूल्यों को नष्ट करने का आरोप लगाया है।

द इकोनॉमिस्ट इंटेलीजेंस यूनिट (ईआईयू) द्वारा 2019 के लिए लोकतंत्र सूचकांक की वैश्विक सूची में भारत 10 स्थान लुढ़क कर 51वें स्थान पर आ गया है।

विवादित नागरिकता संशोधन कानून (सीएए), जम्मू कश्मीर की स्थिति और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) पर चिंता व्यक्त करते हुए द इकोनॉमिस्ट ने कहा, ‘इस गिरावट की मुख्य वजह देश में ‘नागरिक स्वतंत्रता का क्षरण’ है’.

सूची के मुताबिक भारत का कुल अंक 2018 में 7.23 था जो अब घटकर 6.90 रह गया है। यह वैश्विक सूची 165 स्वतंत्र देशों और दो क्षेत्रों में लोकतंत्र की मौजूदा स्थिति का एक खाका पेश करती है।

द इकोनॉमिस्ट ने अपनी रिपोर्ट में जम्मू कश्मीर की स्थिति के बारे में उल्लख किया है जहां पर राज्य का विशेष दर्जा खत्म करने के बाद तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों समेत कई प्रमुख विपक्षी नेताओं को पांच महीने से भी ज्यादा समय से हिरासत में रखा गया है।

रिपोर्ट में भारत के बारे में कहा गया कि यह लोकतंत्र सूचकांक की वैश्विक रैंकिंग में 10 स्थान गिरकर अभी 51वें पायदान पर है।  लोकतांत्रिक सूची में यह गिरावट देश में नागरिक स्वतंत्रता में कमी के कारण आई है। यह सूचकांक पांच श्रेणियों पर आधारित है- चुनाव प्रक्रिया और बहुलतावाद, सरकार का कामकाज, राजनीतिक भागीदारी, राजनीतिक संस्कृति और नागरिक स्वतंत्रता।

इनके कुल अंकों के आधार पर देशों को चार प्रकार के शासन में वर्गीकृत किया जाता है- ‘पूर्ण लोकतंत्र’ (8 से ज्यादा अंक हासिल करने वाले), त्रुटिपूर्ण लोकतंत्र (6 से ज्यादा लेकिन 8 या 8 से कम अंक वाले), संकर शासन या हाइब्रिड गवर्नमेंट (4 से ज्यादा लेकिन 6 या 6 से कम अंक हासिल करने वाले) और सत्तावादी शासन (4 या उससे कम अंक वाले). भारत को ‘त्रुटिपूर्ण लोकतंत्र’ में शामिल किया गया है.

इस बीच चीन 2019 में गिरकर 2.26 अंकों के साथ अब 153वें पायदान पर है। यह वैश्विक रैंकिंग में निचले पायदान के करीब है। उभरती हुई दूसरी अर्थव्यवस्थाओं में ब्राजील 6.86 अंक के साथ 52वें पायदान पर है, रुस 3.11 अंक के साथ सूची में 134वें स्थान पर है।

इस बीच पाकिस्तान कुल 4.25 अंकों के साथ सूची में 108वें स्थान पर है, श्रीलंका 6.27 अंकों के साथ 69वें और बांग्लादेश 5.88 अंकों के साथ 80वें स्थान पर है. नार्वे इस सूची में शीर्ष पर है, जबकि उत्तर कोरिया 167वें स्थान के साथ सबसे नीचे है।  

(समाचार एजेंसी भाषा इनपुट के साथ)

Aisi Taisi Democracy
Global Democracy Index
Indian democracy
modi sarkar
Narendra modi
BJP

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

तिरछी नज़र: सरकार जी के आठ वर्ष

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

भारत के निर्यात प्रतिबंध को लेकर चल रही राजनीति


बाकी खबरें

  • privatization
    अजय कुमार
    प्राइवेटाइजेशन की नीति से भारत को फ़ायदा या नुक़सान? चीन ने कैसे पछाड़ा अमेरिका को!
    26 Sep 2021
    फॉर्चून मैगजीन ने दुनिया की 500 सबसे बड़ी कॉर्पोरेट कंपनियों की लिस्ट दी है। इस लिस्ट के मुताबिक चीन की बड़ी कंपनियों ने अमेरिका की कई कंपनियों को अधिग्रहित कर लिया है। 500 कंपनियों की इस लिस्ट में …
  • Kamla Bhasin
    न्यूज़क्लिक डेस्क
    हवाओं सी बन रही हैं लड़कियां… उन्हें मंज़ूर नहीं बेवजह रोका जाना
    26 Sep 2021
    इतवार की कविता: अंतर्राष्ट्रीय बेटी दिवस...कमला भसीन और उमड़ती लड़कियां।
  • Hafte ki Baat
    न्यूज़क्लिक टीम
    जनगणना-विवाद, बेहाल असम और पीएम मोदी का यूएस दौरा
    25 Sep 2021
    हफ़्ते की तीन बड़ी खबरों की व्याख्या सहित चर्चा: 1. सन् 2011 से पहले कांग्रेस की अगुवाई वाली यूपीए सरकार ने संसद और संसद के बाहर वादा किया था कि 2011 की जनगणना में SC/ST की तरह OBC की भी गणना कराई…
  • germany election polls
    उपेंद्र स्वामी
    दुनियाभर की: संसदीय चुनावों में वामपंथी धड़े की जीत की संभावना से जर्मनी के धनकुबेर परेशान
    25 Sep 2021
    जर्मनी के ये चुनाव महत्वपूर्ण हैं क्योंकि 16 साल बाद चांसलर एंजेला मर्केल अपने पद से हट रही हैं।
  • CAA
    असद रिज़वी
    CAA विरोधी आंंदोलन: कोर्ट का योगी सरकार को झटका, प्रदर्शनकारियों की ज़मानत रद्द करने से किया इंकार
    25 Sep 2021
    यूपी सरकार ने ज़िला अदालत में अर्ज़ी देकर कहा था कि तीन प्रदर्शनकारियों (कांग्रेस नेता सदफ़ जाफ़र, रंगकर्मी दीपक मिश्रा “कबीर” और अधिवक्ता मोहम्मद शोएब ) द्वारा ज़मानत की शर्तों का उल्लंघन किया गया…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License