NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
अंतरराष्ट्रीय
भारतीय वामपंथियों ने क्यूबा के क्रांतिकारी फिदेल कास्त्रो की 5वीं पुण्यतिथि पर उनके जीवन को याद किया
अमेरिका के 11 राष्ट्रपतियों का सामना करने वाले फिदेल कास्त्रो दुनिया भर में अमेरिकी साम्राज्यवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई के प्रतीक थे।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
17 Nov 2021
भारतीय वामपंथियों ने क्यूबा के क्रांतिकारी फिदेल कास्त्रो की 5वीं पुण्यतिथि पर उनके जीवन को याद किया

नई दिल्ली: अमेरिकी साम्राज्यवाद के खिलाफ क्यूबा के कम्युनिस्ट क्रांतिकारी फिदेल कास्त्रो की लड़ाई और एक न्यायसंगत दुनिया के लिए उनके संघर्ष को याद करते हुए उनकी 5वीं पुण्यतिथि के मौके पर वाम दलों ने मंगलवार को यहां एक मेमोरियल मीटिंग का आयोजन किया। उनका निधन 25 नवंबर 2016 को 90 वर्ष की आयु में हो गया था।

इस बैठक को संबोधित करने वाले अधिकांश वक्ता फिदेल कास्त्रो से मिल चुके थें। इनमें सीपीआई (एम) के सीताराम येचुरी, सीपीआई के डी राजा, जामिया में स्पेनिश पढ़ाने वाली सोनिया गुप्ता और दिल्ली स्थित क्यूबा के दूतावास के जुआन कार्लोस शामिल हैं। इन वक्ताओं ने क्यूबा के क्रांतिकारी की याद को साझा किया और राजनीतिक उथल-पुथल के मौजूदा माहौल में क्यूबा के साथ एकजुटता के साथ खड़े होने के महत्व पर प्रकाश डाला जब अमेरिकी साम्राज्यवादी शक्तियां उस देश की समाजवादी भावना पर लगातार हमला करने की कोशिश कर रही हैं।

इस बैठक का आयोजन नेशनल कमिटी फॉर सॉलिडरिटी विथ क्यूबा और ऑल इंडिया पीस एंड सॉलिडरिटी ऑर्गनाइजेशन (एआईपीएसओ) द्वारा किया गया था।

इस बैठक को संबोधित करते हुए भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव डी राजा ने कहा, "अमेरिकी साम्राज्यवादी शक्तियों द्वारा क्यूबा पर लगातार हमला किया गया है। कल भी, क्यूबा के लोगों की भावना और दृढ़ संकल्प के चलते उन्होंने क्यूबा में एक राष्ट्रव्यापी विरोध शुरू करने की कोशिश की और बुरी तरह विफल रहे।"

उन्होंने उस समय के घटनाओं को साझा किया जब उन्होंने फिदेल को देखा था, उन्हें सुना था और उनके भाषण की असाधारण शक्ति के बारे में बात की थी और कैसे फिदेल के भाषणों ने उन्हें उनकी युवावस्था में और दुनिया भर के युवाओं को प्रेरित किया था।

क्यूबा के दूतावास के जुआन कार्लोस ने दोनों देशों के बीच हमेशा मौजूद रहने वाले एकजुटता के बारे में चर्चा की और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के नेता हरकिशन सिंह सुरजीत क्यूबा में उस विशेष अवधि के दौरान राशन की एक खेप के साथ क्यूबा गए थे। भारतीय वामपंथियों ने बड़े आर्थिक संकट के दौरान क्यूबा की मदद के लिए राशन एकत्र किया था।

कार्लोस ने लोगों के लिए फिदेल के महत्व के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि क्यूबाई कभी नहीं कहते कि फिदेल की मृत्यु हो गई, "केवल यह कि वह शारीरिक रूप से गायब हो गए। क्यूबाई लोगों का मानना है कि फिदेल अभी भी उनके बीच आत्मा के रूप में मौजूद हैं।"

अधिकांश वक्ताओं ने भारत में वर्तमान सरकार और क्यूबा में फिदेल के नेतृत्व में शासन के बीच स्पष्ट अंतर को भी उजागर किया।

एआइपीएसओ के अरुण कुमार ने कहा, "हमारे लिए यह याद रखना महत्वपूर्ण है कि यदि एक छोटा देश क्यूबा अमेरिकी साम्राज्यवादी शक्तियों के खिलाफ अपनी लड़ाई को इतने लंबे समय तक जारी रख सकता है तो हम उन लोगों के खिलाफ भी अपनी आवाज उठा सकते हैं जो हमारे देश में सत्ता में हैं।"

सीपीआई (एम) के महासचिव सीताराम येचुरी ने सभा को संबोधित करते हुए व्यक्तिगत घटनाएं साझा की। उन्होंने कला के प्रति फिदेल के प्रेम के बारे में और उनके कौशल के बारे में चर्चा की जिसे उन्होंने तब देखा था जब उन्होंने दिवंगत माकपा नेता ज्योति बसु के साथ फिदेल से मुलाकात की थी।

एक सांस्कृतिक संगठन दस्तक जिसमें दिल्ली भर के छात्र शामिल थे उन्होंने इस बैठक के बाद गीत प्रस्तुत किए और फिदेल कास्त्रो पर एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म दिखाई गई।

 

Fidel Castro
cuba
USA
left
India
CPIM
CPI
Life
Anniversary
Struggle
Fights

Related Stories

भारत में धार्मिक असहिष्णुता और पूजा-स्थलों पर हमले को लेकर अमेरिकी रिपोर्ट में फिर उठे सवाल

भारत में तंबाकू से जुड़ी बीमारियों से हर साल 1.3 मिलियन लोगों की मौत

त्रिपुरा: सीपीआई(एम) उपचुनाव की तैयारियों में लगी, भाजपा को विश्वास सीएम बदलने से नहीं होगा नुकसान

हिंद-प्रशांत क्षेत्र में आईपीईएफ़ पर दूसरे देशों को साथ लाना कठिन कार्य होगा

आशा कार्यकर्ताओं को मिला 'ग्लोबल हेल्थ लीडर्स अवार्ड’  लेकिन उचित वेतन कब मिलेगा?

UN में भारत: देश में 30 करोड़ लोग आजीविका के लिए जंगलों पर निर्भर, सरकार उनके अधिकारों की रक्षा को प्रतिबद्ध

वर्ष 2030 तक हार्ट अटैक से सबसे ज़्यादा मौत भारत में होगी

लू का कहर: विशेषज्ञों ने कहा झुलसाती गर्मी से निबटने की योजनाओं पर अमल करे सरकार

श्रृंगार गौरी के दर्शन-पूजन मामले को सुनियोजित रूप से ज्ञानवापी मस्जिद-मंदिर के विवाद में बदला गयाः सीपीएम

वित्त मंत्री जी आप बिल्कुल गलत हैं! महंगाई की मार ग़रीबों पर पड़ती है, अमीरों पर नहीं


बाकी खबरें

  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    केरल: RSS और PFI की दुश्मनी के चलते पिछले 6 महीने में 5 लोगों ने गंवाई जान
    23 Apr 2022
    केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने हत्याओं और राज्य में सामाजिक सौहार्द्र को खराब करने की कोशिशों की निंदा की है। उन्होंने जनता से उन ताकतों को "अलग-थलग करने की अपील की है, जिन्होंने सांप्रदायिक…
  • राजेंद्र शर्मा
    फ़ैज़, कबीर, मीरा, मुक्तिबोध, फ़िराक़ को कोर्स-निकाला!
    23 Apr 2022
    कटाक्ष: इन विरोधियों को तो मोदी राज बुलडोज़र चलाए, तो आपत्ति है। कोर्स से कवियों को हटाए तब भी आपत्ति। तेल का दाम बढ़ाए, तब भी आपत्ति। पुराने भारत के उद्योगों को बेच-बेचकर खाए तो भी आपत्ति है…
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    लापरवाही की खुराकः बिहार में अलग-अलग जगह पर सैकड़ों बच्चे हुए बीमार
    23 Apr 2022
    बच्चों को दवा की खुराक देने में लापरवाही के चलते बीमार होने की खबरें बिहार के भागलपुर समेत अन्य जगहों से आई हैं जिसमें मुंगेर, बेगूसराय और सीवन शामिल हैं।
  • डेविड वोरहोल्ट
    विंबलडन: रूसी खिलाड़ियों पर प्रतिबंध ग़लत व्यक्तियों को युद्ध की सज़ा देने जैसा है! 
    23 Apr 2022
    विंबलडन ने घोषणा की है कि रूस और बेलारूस के खिलाड़ियों को इस साल खेल से बाहर रखा जाएगा। 
  • डॉ. राजू पाण्डेय
    प्रशांत किशोर को लेकर मच रहा शोर और उसकी हक़ीक़त
    23 Apr 2022
    एक ऐसे वक्त जबकि देश संवैधानिक मूल्यों, बहुलवाद और अपने सेकुलर चरित्र की रक्षा के लिए जूझ रहा है तब कांग्रेस पार्टी को अपनी विरासत का स्मरण करते हुए देश की मूल तासीर को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License