NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
उद्योगपति-राजनेता और अफसर : ये गठजोड़ क्या कहता है?
पूर्व सीवीसी और सीबीडीटी प्रमुख के वी चौधरी एक स्वतंत्र निदेशक के रूप में भारत की सबसे अमीर कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के बोर्ड में शामिल हुए हैं।
न्यूज़क्लिक प्रोडक्शन
19 Oct 2019

पूर्व सीवीसी और सीबीडीटी प्रमुख के वी चौधरी एक स्वतंत्र निदेशक के रूप में भारत की सबसे अमीर कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के बोर्ड में शामिल हुए हैं। बेहद महत्वपूर्ण और संवेदनशील पदों पर रहने वाले एक बड़े अफसर के इस तरह एक कंपनी में शामिल होने के कई मतलब निकाले जा सकते हैं और कई सवाल खड़े होते हैं। के वी चौधरी इससे पहले भी काफी विवादों में रहे हैं। हालांकि रिलायंस और के वी चौधरी कह सकते हैं कि वे एक स्वतंत्र निदेशक के तौर पर शामिल हुए हैं और इसे तकनीकी तौर पर नौकरी या कंपनी का कर्मचारी नहीं कहा जा सकता। इसी मुद्दे पर न्यूज़क्लिक ने बात की वरिष्ठ आर्थिक पत्रकार परंजॉय गुहा ठाकुरता से।

Reliance
reliance industry
V Chaudhary
Industrialist-politician and officer alliance
mukesh ambani

Related Stories

जारी रहेगी पारंपरिक खुदरा की कीमत पर ई-कॉमर्स की विस्फोटक वृद्धि

आंशिक जीत के बाद एमएसपी और आपराधिक मुकदमों को ख़ारिज करवाने के लिए किसान कर रहे लंबे संघर्ष की तैयारी

एंटीलिया प्रकरण : पुलिस अराजकता का नतीजा!

मारा जा रहा है प्लेटफॉर्म और गिग कर्मियों का हक़ 

उच्च न्यायालय में रिलायंस का हलफ़नामा झूठे दावों से भरा है: किसान समिति

आंदोलन : खरबपतियों के राज के ख़िलाफ़ लड़ रहे हैं किसान

क्या अब बड़े उद्योगपतियों के खुद के बैंक होंगे?

रिलायंस को जिओ स्पेक्ट्रम के लिए भारी बकाये का भुगतान करना होगा: सांसद

भूखे पेट ‘विश्वगुरु’ भारत, शर्म नहीं कर रहे दौलतवाले! 

आख़िर Whatsapp Pay अब तक भारत में क्यों चालू नहीं हो पाया?


बाकी खबरें

  • राज वाल्मीकि
    सीवर में मौतों (हत्याओं) का अंतहीन सिलसिला
    01 Apr 2022
    क्यों कोई नहीं ठहराया जाता इन हत्याओं का जिम्मेदार? दोषियों के खिलाफ दर्ज होना चाहिए आपराधिक मामला, लेकिन...
  • अजय कुमार
    अगर हिंदू अल्पसंख्यक हैं, मतलब मुस्लिमों को मिला अल्पसंख्यक दर्जा तुष्टिकरण की राजनीति नहीं
    01 Apr 2022
    भाजपा कहती थी कि मुस्लिमों को अल्पसंख्यक कहना तुष्टिकरण की राजनीति है लेकिन केंद्र की भाजपा सरकार के सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे ने इस आरोप को खुद ख़ारिज कर दिया।  
  • एजाज़ अशरफ़
    केजरीवाल का पाखंड: अनुच्छेद 370 हटाए जाने का समर्थन किया, अब एमसीडी चुनाव पर हायतौबा मचा रहे हैं
    01 Apr 2022
    जब आम आदमी पार्टी की नेता आतिशी कहती हैं कि लोकतंत्र ख़तरे में है, तब भी इसमें पाखंड की बू आती है।
  • आज का कार्टून
    कार्टून क्लिक: क्या कुछ चर्चा महंगाई और बेरोज़गारी पर भी हो जाए
    01 Apr 2022
    सच तो ये है कि परीक्षा पर चर्चा अध्यापकों का काम होना चाहिए। ख़ैर हमारे प्रधानमंत्री जी ने सबकी भूमिका खुद ही ले रखी है। रक्षा मंत्री की भी, विदेश मंत्री की और राज्यों के चुनाव के दौरान मुख्यमंत्री…
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट/भाषा
    श्रीलंका में भी संकट गहराया, स्टालिन ने श्रीलंकाई तमिलों की मानवीय सहायता के लिए केंद्र की अनुमति मांगी
    01 Apr 2022
    पाकिस्तान के अलावा भारत के एक और पड़ोसी मुल्क श्रीलंका में भारी उथल-पुथल। आर्थिक संकट के ख़िलाफ़ जनता सड़कों पर उतरी। राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे का इस्तीफ़ा मांगा।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License