NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
अर्थव्यवस्था
इंफ्रास्ट्रक्चर उद्योगों में 5.2 फीसदी की गिरावट
सितंबर में आठ में से सात मुख्य उद्योगों ने उत्पादन में गिरावट देखा। कोयला उत्पादन में 20.5 फीसदी, कच्चे तेल में 5.4 फीसदी और प्राकृतिक गैस में 4.9 फीसदी तक की कमी आई। रिफाइनरी उत्पादों (-6.7 फीसदी), सीमेंट (-2.1 फीसदी), स्टील (-0.3 फीसदी), और बिजली (-3.7 फीसदी) के उत्पादन में भी गिरावट आई है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
01 Nov 2019
Infrastructure industries down
Image courtesy: Moneycontrol

देश के प्रमुख आठ कोर सेक्टर इंफ्रास्ट्रक्चर उद्योगों में सितंबर महीने में 5.2 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। ये आंकड़ें आर्थिक मंदी की गंभीरता के संकेत हैं।

सितंबर में आठ में से सात मुख्य उद्योगों ने उत्पादन में गिरावट देखा। कोयला उत्पादन में 20.5 फीसदी, कच्चे तेल में 5.4 फीसदी और प्राकृतिक गैस में 4.9 फीसदी तक की कमी आई। रिफाइनरी उत्पादों (-6.7 फीसदी), सीमेंट (-2.1 फीसदी), स्टील (-0.3 फीसदी), और बिजली (-3.7 फीसदी) के उत्पादन में भी गिरावट आई है। सितंबर में एकमात्र उर्वरक उद्योग में ग्रोथ देखा गया जिसके उत्पादन में 5.4 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।

गुरुवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, सितंबर 2018 में आठ प्रमुख क्षेत्रों में 4.3 फीसदी का विस्तार हुआ था। अप्रैल-सितंबर की अवधि के दौरान, कोर उद्योगों की वृद्धि घटकर 1.3 फीसदी तक आ गई, जबकि एक साल पहले की अवधि में ये 5.5 फीसदी पर थी। इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च ने कहा, ‘यह स्पष्ट रूप से चल रही औद्योगिक मंदी की गंभीरता को ओर इशारा करता है।'

क्रेडिट रेटिंग एजेंसी आईआरए को उम्मीद है कि इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन इंडेक्स (आईआईपी) सितंबर में 2.5-3.5 फीसदी की गिरावट रिपोर्ट करेगा उन्होंने कहा, ‘साल दर साल विशेष रूप से, कोयले, कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस के उत्पादन में गिरावट सितंबर में आईआईपी के खनन सूचकांक के प्रदर्शन पर बढोतरी की संभावना को दर्शाता है.’

मालूम हो कि इस साल की पहली तिमाही में आर्थिक वृद्धि घटकर पिछले छह साल के सबसे निचले स्तर पांच फीसदी पर आने के बाद आरबीआई ने चालू वित्त वर्ष के लिए अपने सकल घरेलू उत्पाद के विकास के अनुमान को घटाकर 6.1 फीसदी कर दिया, जो कि पिछले तिमाही के 6.9 फीसदी पर था। कुछ आर्थिक विषेशज्ञों का कहना है कि विकास दर इससे भी कम हो सकती है। शायद  2 से 3 फीसदी तक।

जहां तक ऑटोसेक्टर की बात है तो बजाज ऑटो की कुल बिक्री अक्टूबर में 9 प्रतिशत गिरी।  कंपनी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी कि बजाज ऑटो लिमिटेड की अक्टूबर महीने में कुल बिक्री 9 प्रतिशत गिरकर 4,63,208 इकाई रही।एक साल पहले के इसी महीने में कंपनी ने 5,06,699 वाहनों की बिक्री की थी।

इस दौरान , घरेलू बाजार में कंपनी की मोटरसाइकिल बिक्री 14 प्रतिशत गिरकर 2,42,516 इकाइयों पर रही , जो एक साल पहले इसी महीने 2,81,582 इकाइयों पर थी।

कंपनी ने कहा कि वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री अक्टूबर में 36,260 इकाई रही। अक्टूबर 2018 में उसने 38,360 वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री की थी। इस दौरान , बिक्री में पांच प्रतिशत की गिरावट आई। कंपनी ने कहा कि वाहनों के निर्यात में भी कमी आई है। अक्टूबर 2019 में वाहन निर्यात एक प्रतिशत गिरकर 1,84,432 इकाई पर रहा। एक साल पहले की इसी महीने उसने 1,86,757 वाहनों का निर्यात किया था।

(समाचार एजेंसी पीटीआई से इनपुट के साथ)

Infrastructure industries
Industries slowdown
Economic slowdown
economic crises
Industrial Recession
Economic Recession

Related Stories

एक ‘अंतर्राष्ट्रीय’ मध्यवर्ग के उदय की प्रवृत्ति

किधर जाएगा भारत— फ़ासीवाद या लोकतंत्र : रोज़गार-संकट से जूझते युवाओं की भूमिका अहम

श्रीलंका का संकट सभी दक्षिण एशियाई देशों के लिए चेतावनी

रूस पर लगे आर्थिक प्रतिबंध का भारत के आम लोगों पर क्या असर पड़ेगा?

यूपी चुनाव: कानपुर क्या बदलाव के लिए तैयार है?

केंद्रीय बजट में दलित-आदिवासी के लिए प्रत्यक्ष लाभ कम, दिखावा अधिक

रोजगार, स्वास्थ्य, जीवन स्तर, राष्ट्रीय आय और आर्थिक विकास का सह-संबंध

डॉलर के मुकाबले रुपए की गिरावट उन्हें भी मारती है जिन्होंने पूरी जिंदगी डॉलर नहीं देखा है!

भारत की महामारी के बाद की आर्थिक रिकवरी अस्थिर है

मोदी सरकार की राजकोषीय मूढ़ता, वैश्वीकृत वित्तीय पूंजी की मांगों से मेल खाती है


बाकी खबरें

  • जितेन्द्र कुमार
    मुद्दा: बिखरती हुई सामाजिक न्याय की राजनीति
    11 Apr 2022
    कई टिप्पणीकारों के अनुसार राजनीति का यह ऐसा दौर है जिसमें राष्ट्रवाद, आर्थिकी और देश-समाज की बदहाली पर राज करेगा। लेकिन विभिन्न तरह की टिप्पणियों के बीच इतना तो तय है कि वर्तमान दौर की राजनीति ने…
  • एम.ओबैद
    नक्शे का पेचः भागलपुर कैंसर अस्पताल का सपना अब भी अधूरा, दूर जाने को मजबूर 13 ज़िलों के लोग
    11 Apr 2022
    बिहार के भागलपुर समेत पूर्वी बिहार और कोसी-सीमांचल के 13 ज़िलों के लोग आज भी कैंसर के इलाज के लिए मुज़फ़्फ़रपुर और प्रदेश की राजधानी पटना या देश की राजधानी दिल्ली समेत अन्य बड़े शहरों का चक्कर काट…
  • रवि शंकर दुबे
    दुर्भाग्य! रामनवमी और रमज़ान भी सियासत की ज़द में आ गए
    11 Apr 2022
    रामनवमी और रमज़ान जैसे पर्व को बदनाम करने के लिए अराजक तत्व अपनी पूरी ताक़त झोंक रहे हैं, सियासत के शह में पल रहे कुछ लोग गंगा-जमुनी तहज़ीब को पूरी तरह से ध्वस्त करने में लगे हैं।
  • सुबोध वर्मा
    अमृत काल: बेरोज़गारी और कम भत्ते से परेशान जनता
    11 Apr 2022
    सीएमआईए के मुताबिक़, श्रम भागीदारी में तेज़ गिरावट आई है, बेरोज़गारी दर भी 7 फ़ीसदी या इससे ज़्यादा ही बनी हुई है। साथ ही 2020-21 में औसत वार्षिक आय भी एक लाख सत्तर हजार रुपये के बेहद निचले स्तर पर…
  • JNU
    न्यूज़क्लिक टीम
    JNU: मांस परोसने को लेकर बवाल, ABVP कठघरे में !
    11 Apr 2022
    जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में दो साल बाद फिर हिंसा देखने को मिली जब कथित तौर पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से संबद्ध छात्रों ने राम नवमी के अवसर कैम्पस में मांसाहार परोसे जाने का विरोध किया. जब…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License