NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवसः लैटिन अमेरिका में लाखों महिलाओं ने मार्च निकाला
महिलाओं के संघर्ष के अंतर्राष्ट्रीय दिवस के मौके पर लैटिन अमेरिका में महिलाओं ने पितृसत्ता के खिलाफ प्रदर्शन किया और समान अधिकारों की मांग की।
पीपल्स डिस्पैच
09 Mar 2020
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस

महिलाओं के संघर्ष को लेकर अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर बढ़ती लैंगिक असमानता, लिंग आधारित हिंसा, नारीवाद के खिलाफ और गर्भपात कानूनों की मांग करते हुए लैटिन अमेरिका में लाखों महिलाएं 8 मार्च को सड़कों पर उतर गईं।

आर्जेंटीना में नारीवादी आंदोलनों और महिलाओं के संगठनों का केंद्र बिंदु देश में गर्भपात को वैध बनाना था। "ये विधेयक अब सड़कों पर है" के नारे के साथ कानूनी, सुरक्षित और नि: शुल्क अधिकार के लिए राष्ट्रीय अभियान नारीवादी आंदोलन ने स्वैच्छिक तौर पर गर्भपात (आईवीई) बिल को मंजूर करने और व्यापक यौन शिक्षा पर कानून (ईएसआई) के कार्यान्वयन की मांग को लेकर एक सांस्कृतिक और राजनीतिक दिवस का आयोजन किया। देश भर में दोपहर के वक्त विभिन्न सांस्कृतिक, सूचनात्मक और मनोरंजक कार्यक्रम आयोजित किए गए।

राजधानी ब्यूनस आयर्स में हजारों महिलाओं, नारीवादियों और वामपंथी दलों के सदस्यों ने हाथों में हरे स्कार्फ के साथ ब्यूनस आयर्स कैथेड्रल के सामने "चर्च को राज्य से अलग करने की मांग करते हुए" प्रदर्शन किया।

p1.JPG

चिली में दो मिलियन से अधिक महिलाएं पितृसत्ता, पुरुषवाद और राज्य दमन के खिलाफ इकट्ठा हुए। राजधानी सैंटियागो में कई नारीवादी और सामाजिक संगठनों की महिलाएं और सदस्य राष्ट्रपति सेबेस्टियन पिनेरा की नवउदारवादी और पितृसत्तात्मक सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए प्रतिष्ठित डिग्निटी प्लाजा और पास की सड़कों पर इकट्ठा हो गए। महिला-पुरुष हिंसा को समाप्त करने और समानता की मांग को लेकर फेमिनिस्ट कोऑर्डिनेटर 8एम द्वारा मार्च का आयोजन किया गया था।

p2.JPG

ब्रेसील में महिलाओं के खिलाफ हिंसा को समाप्त करने और समान अधिकारों की मांग को लेकर देश भर में हजारों महिलाओं ने मार्च निकाला। राजधानी ब्रासीलिया में हजारों महिलाएं अपने सभी स्तरों और अभिव्यक्तियों में पितृसत्ता के खिलाफ लामबंद हो गईं। भारी बारिश के बावजूद साओ पाउलो में 50,000 से अधिक महिलाएं पॉलिस्ता एवेन्यू पर इकट्ठा हुईं और जेअर बोल्सोनारो की अति-दक्षिण और भेदभावपूर्ण सरकार का विरोध करने के लिए शहर के केंद्र से होकर मार्च किया। इस प्रदर्शन को 40 से अधिक नारीवादी समूहों, सामाजिक आंदोलनों, वामपंथी दलों और ट्रेड यूनियनों द्वारा आयोजित किया गया था। "बोल्सनारो के खिलाफ महिलाएं, हमारे जीवन, लोकतंत्र और अधिकार! मैरीलेस, क्लाउडिस और डैंडारस के लिए न्याय" के नारे के साथ इस मार्च में सभी उम्र की महिलाएं अलग-अलग कहानियों के साथ शामिल हुईं लेकिन इनका जीवन के अधिकार के लिए एक ही संघर्ष है।

p3.JPG

उधर मेक्सिको में 80,000 से अधिक महिलाएं राजधानी मेक्सिको सिटी की सड़कों पर उतर गईं और नारीवाद और लिंग आधारित हिंसा के सभी रूपों को समाप्त करने की मांग की। हजारों युवती और वृद्ध महिलाएं नेशनल पैलेस के सामने इकट्ठा हुईं और ऐसी हिंसा के पीड़ितों के लिए न्याय की मांग की। मेक्सिको में स्थानीय समुदायों की महिलाओं के खिलाफ हिंसा बदतर हो गई है। इस कारण से प्रदर्शनकारी महिला संगठनों ने भी लिंग, जातीयता और आर्थिक स्थिति के आधार पर अपराधों को दूर करने के लिए एक बेहतर कानूनी ढांचे की मांग की जो कि देश में अक्सर अप्रभावी रहे हैं।

p4.JPG

समान अधिकारों, हिंसा पीड़ितों के लिए न्याय, सुरक्षित भविष्य और अपने शरीर के लिए निर्णय लेने के मौलिक अधिकार की मांग करते हुए इसी तरह से बड़े पैमाने पर बोलीविया कोलम्बिया, अल सल्वाडोर, ग्वाटेमाला, होंडुरास और पेरू में भी प्रदर्शन किए गए।

International Women’s Day
March in Latin America
gender inequality
patriarchal society

Related Stories

किसान आंदोलन: उत्साह से मना अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस: क़ाफ़िला ये चल पड़ा है, अब न रुकने पाएगा...

उत्तर प्रदेश: निरंतर गहरे अंधेरे में घिरते जा रहे हैं सत्य, न्याय और भाईचारा

एक नज़र इधर भी : अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस और मैला ढोती महिलाएं

'औरत मार्च' पाकिस्तान के पितृसत्तात्मक सोच पर एक चोट है!

हैदराबाद के बाद उन्नाव को लेकर ग़म और गुस्सा, लखनऊ से लेकर दिल्ली तक सियासी पारा चढ़ा

पुरी : पुलिसकर्मी ने किया महिला से दुराचार, आधी आबादी किससे लगाए सुरक्षा की गुहार!

बलात्कार और बलात्कार की संस्कृति के ख़िलाफ़ छात्र, युवा व महिला संगठनों का प्रदर्शन


बाकी खबरें

  • एम.ओबैद
    एमपी : ओबीसी चयनित शिक्षक कोटे के आधार पर नियुक्ति पत्र की मांग को लेकर आमरण अनशन पर बैठे
    26 Apr 2022
    चयनित शिक्षक पिछले एक महीने से नियुक्ति पत्र को लेकर प्रदेश भर में धरना प्रदर्शन कर रहे हैं लेकिन मांग पूरी न होने पर अंत में आमरण अनशन का रास्ता चयन किया।
  • अखिलेश अखिल
    यह लोकतांत्रिक संस्थाओं के पतन का अमृतकाल है
    26 Apr 2022
    इस पर आप इतराइये या फिर रुदाली कीजिए लेकिन सच यही है कि आज जब देश आज़ादी का अमृतकाल मना रहा है तो लोकतंत्र के चार प्रमुख स्तम्भों समेत तमाम तरह की संविधानिक और सरकारी संस्थाओं के लचर होने की गाथा भी…
  • विजय विनीत
    बलिया पेपर लीक मामला: ज़मानत पर रिहा पत्रकारों का जगह-जगह स्वागत, लेकिन लड़ाई अभी बाक़ी है
    26 Apr 2022
    "डबल इंजन की सरकार पत्रकारों को लाठी के जोर पर हांकने की हर कोशिश में जुटी हुई है। ताजा घटनाक्रम पर गौर किया जाए तो कानपुर में पुलिस द्वारा पत्रकारों को नंगाकर उनका वीडियो जारी करना यह बताता है कि…
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    जन आंदोलनों के आयोजन पर प्रतिबंध अलोकतांत्रिक, आदेश वापस लें सरकार : माकपा
    26 Apr 2022
    माकपा ने सवाल किया है कि अब जन आंदोलन क्या सरकार और प्रशासन की कृपा से चलेंगे?
  • ज़ाहिद खान
    आग़ा हश्र काश्मीरी: गंगा-ज़मुनी संस्कृति पर ऐतिहासिक नाटक लिखने वाला ‘हिंदोस्तानी शेक्सपियर’
    26 Apr 2022
    नाट्य लेखन पर शेक्सपियर के प्रभाव, भारतीय रंगमंच में महत्वपूर्ण योगदान और अवाम में उनकी मक़बूलियत ने आग़ा हश्र काश्मीरी को हिंदोस्तानी शेक्सपियर बना दिया।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License