NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
ईरान और आईएईए ने ईरान परमाणु कार्यक्रम के निगरानी उपकरणों की मरम्मत को लेकर समझौता किया
ये समझौता वियना में आईएईए के आगामी आम सम्मेलन को देखते हुए हुआ है।
पीपल्स डिस्पैच
14 Sep 2021
ईरान और आईएईए ने ईरान परमाणु कार्यक्रम के निगरानी उपकरणों की मरम्मत को लेकर समझौता किया

ईरान अंतर्राष्ट्रीय परमाणु निगरानी संस्था आईएईए (अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी) को ईरानी परमाणु स्थलों पर अपने निगरानी उपकरणों तक जाने की अनुमति देने के लिए सहमत हो गया। रविवार 12 सितंबर को हुई बातचीत में दोनों पक्षों ने आईएईए के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की बैठक से कुछ दिन पहले बैठक की जिसमें परमाणु समझौते के तहत दायित्वों को पूरा नहीं करने के लिए ईरान के खिलाफ एक निंदा प्रस्ताव पारित होने की उम्मीद है।

आईएईएके महानिदेशक राफेल ग्रॉसी ने रविवार को हुई बैठक को "कूटनीति के लिए जगह देने" के साधन के रूप में बताया। उन्होंने यह भी कहा कि ये समझौता "कुछ दिनों के भीतर" लागू होना शुरू हो जाएगा। ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन (एईओआई) के नवनियुक्त प्रमुख मोहम्मद एस्लामी ने प्रेस को बताया कि दोनों पक्ष आईएईए के निगरानी कैमरों के मेमोरी कार्ड को बदलने पर सहमत हुए हैं।

एक संयुक्त बयान में दोनों परमाणु एजेंसियों ने कहा कि "आईएईए के निरीक्षकों को पहचाने गए उपकरणों की मरम्मत करने और उनके स्टोरेज मीडिया को बदलने की अनुमति दी गई है, जिसे इस्लामी रिपब्लिक ऑफ ईरान में संयुक्त आईएईए और एईओआई मुहरों के साथ रखा जाएगा।" अन्य मुद्दे जो आईएईए ने ईरान के साथ उठाए हैं, जैसे कि निगरानी उपकरण तक पहुंचने की अनुमति प्राप्त करना ताकि ये एजेंसी परमाणु समझौते के अनुसार ईरान की परमाणु गतिविधियों पर नज़र रखना जारी रख सके जो अभी तक हल नहीं हुए हैं।

हाल की दो रिपोर्टों में आईएईए ने निगरानी उपकरणों से संबंधित कार्यों के लिए ईरान की आलोचना करते हुए कहा कि इस तरह की कार्रवाइयों ने सत्यापन और निगरानी गतिविधियों को नजरअंदाज कर दिया और ईरान की यूरेनियम-संवर्धन क्षमताओं पर चिंता व्यक्त की।

ईरान के पास वर्तमान में उसके परमाणु स्थलों की सभी रिकॉर्डिंग का संरक्षण है। इसने कहा है कि वह संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा लगाए गए एकतरफा प्रतिबंधों को हटाने के बदले में केवल उन टेपों को आईएईए को सौंपेगा। जेसीपीओए समझौते के रूप में भी जाने जाने वाले परमाणु समझौते के हस्ताक्षरकर्ताओं सहित इन संबंधित पक्षों को अंततः परमाणु समझौते को पूरी तरह से बहाल करने के लिए एक ठोस प्रयास के रुप में वियना के आम सम्मेलन में मिलने की उम्मीद है। अब तक संबंधित पक्षों के बीच 20 जुलाई तक छह दौर की बातचीत हो चुकी है लेकिन इस परमाणु समझौते को लेकर कोई ठोस नतीजा नहीं निकला है।

IRAN
IAEA
nuclear
Nuclear program

Related Stories

ईरानी नागरिक एक बार फिर सड़कों पर, आम ज़रूरत की वस्तुओं के दामों में अचानक 300% की वृद्धि

असद ने फिर सीरिया के ईरान से रिश्तों की नई शुरुआत की

सऊदी अरब के साथ अमेरिका की ज़ोर-ज़बरदस्ती की कूटनीति

अमेरिका ने ईरान पर फिर लगाम लगाई

ईरान पर विएना वार्ता गंभीर मोड़ पर 

ईरान के नए जनसंख्या क़ानून पर क्यों हो रहा है विवाद, कैसे महिला अधिकारों को करेगा प्रभावित?

2021: अफ़ग़ानिस्तान का अमेरिका को सबक़, ईरान और युद्ध की आशंका

'जितनी जल्दी तालिबान को अफ़ग़ानिस्तान को स्थिर करने में मदद मिलेगी, भारत और पश्चिम के लिए उतना ही बेहतर- एड्रियन लेवी

ईरान की एससीओ सदस्यता एक बेहद बड़ी बात है

फ़ारस की खाड़ी में बाइडेन की नीति


बाकी खबरें

  • अनिल सिन्हा
    उत्तर प्रदेशः हम क्यों नहीं देख पा रहे हैं जनमत के अपहरण को!
    12 Mar 2022
    हालात के समग्र विश्लेषण की जगह सरलीकरण का सहारा लेकर हम उत्तर प्रदेश में 2024 के पूर्वाभ्यास को नहीं समझ सकते हैं।
  • uttarakhand
    एम.ओबैद
    उत्तराखंडः 5 सीटें ऐसी जिन पर 1 हज़ार से कम वोटों से हुई हार-जीत
    12 Mar 2022
    प्रदेश की पांच ऐसी सीटें हैं जहां एक हज़ार से कम वोटों के अंतर से प्रत्याशियों की जीत-हार का फ़ैसला हुआ। आइए जानते हैं कि कौन सी हैं ये सीटें—
  • ITI
    सौरव कुमार
    बेंगलुरु: बर्ख़ास्तगी के विरोध में ITI कर्मचारियों का धरना जारी, 100 दिन पार 
    12 Mar 2022
    एक फैक्ट-फाइंडिंग पैनल के मुतबिक, पहली कोविड-19 लहर के बाद ही आईटीआई ने ठेके पर कार्यरत श्रमिकों को ‘कुशल’ से ‘अकुशल’ की श्रेणी में पदावनत कर दिया था।
  • Caste in UP elections
    अजय कुमार
    CSDS पोस्ट पोल सर्वे: भाजपा का जातिगत गठबंधन समाजवादी पार्टी से ज़्यादा कामयाब
    12 Mar 2022
    सीएसडीएस के उत्तर प्रदेश के सर्वे के मुताबिक भाजपा और भाजपा के सहयोगी दलों ने यादव और मुस्लिमों को छोड़कर प्रदेश की तकरीबन हर जाति से अच्छा खासा वोट हासिल किया है।
  • app based wokers
    संदीप चक्रवर्ती
    पश्चिम बंगाल: डिलीवरी बॉयज का शोषण करती ऐप कंपनियां, सरकारी हस्तक्षेप की ज़रूरत 
    12 Mar 2022
    "हम चाहते हैं कि हमारे वास्तविक नियोक्ता, फ्लिपकार्ट या ई-कार्ट हमें नियुक्ति पत्र दें और हर महीने के लिए हमारा एक निश्चित भुगतान तय किया जाए। सरकार ने जैसा ओला और उबर के मामले में हस्तक्षेप किया,…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License