NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
ईरान का पलटवार, अमेरिकी सैन्य बेसों पर हमला
ईरान ने जनरल कासिम सुलेमानी की हत्या का बदला लेने के लिए इराक में  22 बैलिस्टिक मिसाइल दागी जहां अमेरिकी सेना और उसके सहयोगी बल ठहरे हुए हैं।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
08 Jan 2020
Iran-US tension
Image courtesy: Indian express

ईरान ने इराक स्थित ऐसे कम से कम दो सैन्य अड्डों पर 22 बैलिस्टिक मिसाइल दागी जहां अमेरिकी सेना और उसके सहयोगी बल ठहरे हुए हैं।  बगदाद में अमेरिकी हवाई हमले में ईरान के सैन्य कमांडर कासिम सुलेमानी के मारे जाने के बाद यह कार्रवाई की गई है। जानकरों का कहना है कि ईरान द्वारा यह हमला कासिम सुलेमानी की मौत पर बदला लेने की भावना से की गयी है।

बताया गया है कि ईरान ने इराक के अनबर प्रांत में स्थित ऐन अल-असद बेस और इरबिल में एक ग्रीन जोन (अमेरिकी सैन्य ठिकानों) पर 22 बैलिस्टिक मिसाइल दागीं। ईरानी मीडिया ने दावा किया है कि इन हमलों में 80 ‘अमेरिकी आतंकी’ मारे गए। हाल ही में ईरान ने अमेरिका की सभी सेनाओं को आतंकी घोषित कर दिया है।

ईरान स्टेट टीवी ने रेवॉल्यूशनरी गार्ड्स के हवाले से दावा किया कि हमले में अमेरिकी हथियारों और हेलिकॉप्टरों को नुकसान पहुंचा है। ईरान के निशाने पर अभी 100 अमेरिकी ठिकाने और हैं। अगर अमेरिका ने पलटवार की कोशिश की, तो वह इन ठिकानों पर हमला करेगा।

इराकी सेना ने कहा कि ईरान ने दोनों बेसों पर कुल 22 मिसाइलें दागी थीं। इनमें ऐन अल-असद बेस पर गिरी दो मिसाइलों में धमाका नहीं हुआ। नॉर्वे ने कहा है कि अल-असद बेस पर तैनात उसके 70 सैनिकों में से कोई हताहत नहीं हुआ। डेनमार्क ने भी कहा है कि उसके 130 जवानों में से किसी के मारे जाने या घायल होने की खबर नहीं है।

हमलों के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ट्वीट कर कहा था, “अभी सब ठीक है। ईरान ने इराक स्थित दो मिलिट्री बेस पर मिसाइल लॉन्च कीं। नुकसान और मौतों का जायजा लिया जा रहा है। अब तक सब ठीक है। हमारे पास दुनिया की सबसे ताकतवर सेना है। मैं कल सुबह इस मामले पर बयान जारी करुंगा।”

ईरान की सरकारी मीडिया के मुताबिक, यह हमले जनरल सुलेमानी की हत्या का बदला लेने के लिए किए जा रहे हैं। ईरान के रेवॉल्यूशनरी गार्ड्स ने बयान जारी कर कहा, “हम अमेरिका के सभी साथियों को चेतावनी देते हैं कि वे एक आतंकी सेना को अपने बेस इस्तेमाल न करने दे। अगर उनके किसी भी क्षेत्र को ईरान के खिलाफ हमले में इस्तेमाल किया गया, तो उसे निशाना बनाया जाएगा।” ईरान ने धमकी दी है कि अगर अमेरिका इन हमलों का जवाब देता है, तो उसकी हिज्बुल्ला सेना इजराइल पर रॉकेट दागेगी। ईरान की फार्स न्यूज एजेंसी ने बताया कि रेवॉल्यूशनरी गार्ड्स ने अमेरिकी बेसों पर हमले के लिए फतेह-313 मिसाइलें इस्तेमाल कीं। यह जमीन से जमीन पर मार करने वाली मिसाइलें हैं। इनकी रेंज 300 किमी. तक है।

ईरान के विदेश मंत्री जावेद जरीफ ने हमलों के बाद ट्वीट में कहा, “ईरान ने आत्मरक्षा के लिए संयुक्त राष्ट्र चार्टर के आर्टिकल 51 के तहत कदम उठाए। हमने उन बेसों को निशाना बनाया, जिनका इस्तेमाल हमारे नागरिकों और वरिष्ठ अफसरों को निशाना बनाने के लिए किया गया। हम युद्ध नहीं बढ़ाना चाहते, लेकिन किसी भी आक्रमण के खिलाफ अपनी रक्षा करेंगे।

इन सबके बीच भारत में ईरान के राजदूत अली चेगेनी ने कहा है कि हम युद्ध नहीं चाहते। हम क्षेत्र में सभी के लिए शांति और समृद्धि चाहते हैं। ऐसे में भारत अगर ईरान और अमेरिका के बीच शांति की पहल करता है, तो हम उसका स्वागत करते हैं। इसके साथ  भारत ने इराक जाने वाले नागरिकों के लिए ट्रैवल वॉर्निंग जारी की है। इसमें कहा गया है कि अगर जरूरी न हो तो भारतीय इराक न जाएं। विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि इराक में रहने वाले भारतीय सतर्क रहें। वे इराक में भी सफर करने से बचें। बगदाद स्थित दूतावास और इरबिल स्थित वाणिज्य दूतावास उनकी मदद के लिए सेवा में रहेंगे।

(समाचार एजेंसी भाषा इनपुट के साथ)

IRAN
America
Iran-US
Iran's Counterattack
Iraq
Donand Trump
Qassem Soleimani
US Iran Tensions

Related Stories

और फिर अचानक कोई साम्राज्य नहीं बचा था

ईरानी नागरिक एक बार फिर सड़कों पर, आम ज़रूरत की वस्तुओं के दामों में अचानक 300% की वृद्धि

असद ने फिर सीरिया के ईरान से रिश्तों की नई शुरुआत की

क्या दुनिया डॉलर की ग़ुलाम है?

सऊदी अरब के साथ अमेरिका की ज़ोर-ज़बरदस्ती की कूटनीति

यूक्रेन में छिड़े युद्ध और रूस पर लगे प्रतिबंध का मूल्यांकन

पड़ताल दुनिया भर कीः पाक में सत्ता पलट, श्रीलंका में भीषण संकट, अमेरिका और IMF का खेल?

अमेरिका ने ईरान पर फिर लगाम लगाई

ईरान पर विएना वार्ता गंभीर मोड़ पर 

लखनऊ में नागरिक प्रदर्शन: रूस युद्ध रोके और नेटो-अमेरिका अपनी दख़लअंदाज़ी बंद करें


बाकी खबरें

  • भीड़ ने तुर्की में सीरियाई शरणार्थियों पर हमला किया
    पीपल्स डिस्पैच
    भीड़ ने तुर्की में सीरियाई शरणार्थियों पर हमला किया
    13 Aug 2021
    तुर्की में लगभग 3.6 मिलियन सीरियाई शरणार्थियों की उपस्थिति का इस्तेमाल अक्सर देश में दक्षिणपंथी समूहों द्वारा समर्थन जुटाने के लिए किया जाता है।
  • अफ़्रीकाः कोविड-19 मामलों के 7.1 मिलियन पार करने के बावजूद 2% से भी कम टीकाकरण
    पीपल्स डिस्पैच
    अफ़्रीकाः कोविड-19 मामलों के 7.1 मिलियन पार करने के बावजूद 2% से भी कम टीकाकरण
    13 Aug 2021
    धनी देशों द्वारा स्टॉक करने और पर्याप्त वैक्सीन उत्पादन की कमी के कारण इस महाद्वीप को टीकों की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है जबकि हाल ही में इसकी आपूर्ति बढ़ी है।
  • मिथिला के छात्रों की मुहिम: ‘घर-घर से ईंट लाएंगे, दरभंगा एम्स बनाएंगे’
    राहुल कुमार गौरव
    मिथिला के छात्रों की मुहिम: ‘घर-घर से ईंट लाएंगे, दरभंगा एम्स बनाएंगे’
    13 Aug 2021
    अभी तक आपने ईंट वसूलने का किस्सा मंदिर और मस्जिद के लिए सुना होगा लेकिन बिहार के दरभंगा जिला में ईंट एक अस्पताल के लिए जमा की जा रही हैं।
  • ऑस्ट्रेलिया की चीनी मिल को उत्तर प्रदेश का बताकर चुनावी लहर बना रही भाजपा
    राज कुमार
    ऑस्ट्रेलिया की चीनी मिल को उत्तर प्रदेश का बताकर चुनावी लहर बना रही भाजपा
    13 Aug 2021
    भाजपा उत्तर प्रदेश ने 12 अगस्त को एक ट्वीट किया। भाजपा इस एक ट्वीट से दो निशाने साधने की सोच रही थी। भाजपा सोच रही थी कि विपक्ष की छवि भी खराब हो जाएगी और गन्ना किसानों का समर्थन भी हासिल कर लेगी।…
  • राजनीति का अपराधीकरण
    अरुण कुमार त्रिपाठी
    राजनीति का अपराधीकरणः सियासी दलों को अदालत सुधारेगी या जनता
    13 Aug 2021
    राजनीति का अपराधीकरण रोकने के लिए देश की सर्वोच्च अदालत से होने वाली इस पहल के कई पहलू हैं और उन पर इस कदम की सफलता और असफलता निर्भर करती है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License