NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
ओमान तट के पास तेल टैंकर पर हमले में शामिल होने के इज़रायली आरोपों से ईरान का इनकार
इज़रायल, अमेरिका और यूके ने कोई सबूत दिए बिना ईरान पर पिछले हफ्ते ओमानी तट के पास इज़रायल के स्वामित्व वाले तेल टैंकर पर ड्रोन हमले के लिए आरोप लगाया था जिसमें चालक दल के दो सदस्यों की मौत हो गई थी।
पीपल्स डिस्पैच
02 Aug 2021
ओमान तट के पास तेल टैंकर पर हमले में शामिल होने के इज़रायली आरोपों से ईरान का इनकार

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सईद खतीबजादेह ने रविवार 1 अगस्त को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में गुरुवार को ओमान तट के पास एक जहाज पर हमले में ईरान के शामिल होने के इजरायल के आरोपों से इनकार किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के दावे ईरान को बदनाम करने के लिए जियोनिस्ट सरकार की शैली है।

यूके के रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान के अनुसार इजरायल के स्वामित्व वाले और लाइबेरिया के झंडे वाले व्यापारी जहाज मर्सर स्ट्रीट पर गुरुवार 29 जुलाई को मसीराह के ओमानी द्वीप के पास एक ड्रोन द्वारा हमला किया गया था। इस हमले में चालक दल के दो सदस्य, एक रोमानियाई और एक ब्रिटेन के नागरिक मारे गए थे। जहाज का संचालन लंदन स्थित कंपनी जोडियाक मैरीटाइम द्वारा किया जाता था जिसका स्वामित्व एक इजरायली व्यवसायी के पास है।

रविवार को इजरायल, अमेरिका और ब्रिटेन ने अलग-अलग बयानों में ईरान पर हमले का आरोप लगाया। हालांकि, उनमें से किसी ने भी इसके लिए कोई सबूत नहीं दिया है।

इजरायल के प्रधानमंत्री नेफ्ताली बेनेट ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर किए गए पोस्ट में कहा कि अपनी संलिप्तता से इनकार करके ईरान "इस घटना की जिम्मेदारी से बचने की कोशिश कर रहा है"।

रविवार को ईरानी मीडिया से बात करते हुए खतीबजादेह ने कहा कि, “गैरकानूनी ज़ियोनिस्ट सत्ता को ईरान के खिलाफ आधारहीन आरोप लगाना बंद कर देना चाहिए। यह कोई पहली बार नहीं है जब यह सरकार इस तरह के आरोप लगा रहा है।" उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि जहां भी इजरायली शासन ने पैर रखा है, वह असुरक्षा, हिंसा, आतंक और युद्ध के अलावा कुछ भी नहीं लाया है और जिन्होंने इस क्षेत्र में तेल अवीव की उपस्थिति के लिए आधार तैयार किया है उन्हें जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।" ये रिपोर्ट ईरान की प्रेस टीवी ने प्रकाशित किया।

कई मौकों पर ईरानियों ने इजरायल पर इस क्षेत्र में अपने जहाजों पर इसी तरह के हमलों के लिए आरोप लगाया है। मार्च में एक ईरानी जहाज शहर-ए-कोर्ड एक विस्फोटक हमले में क्षतिग्रस्त हो गया था और एक अन्य ईरानी जहाज साविज पर लाल सागर में हमला किया गया था। इज़रायल ने ईरान पर भी उस समय आरोप लगाया है जब उसके जहाजों पर लेबनान के तट के पास और हिंद महासागर में इस साल की शुरुआत में बिना कोई सबूत दिए हमला किया गया था।

Israel
America
UK

Related Stories

और फिर अचानक कोई साम्राज्य नहीं बचा था

न नकबा कभी ख़त्म हुआ, न फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध

अल-जज़ीरा की वरिष्ठ पत्रकार शिरीन अबु अकलेह की क़ब्ज़े वाले फ़िलिस्तीन में इज़रायली सुरक्षाबलों ने हत्या की

क्या दुनिया डॉलर की ग़ुलाम है?

अमेरिका ने रूस के ख़िलाफ़ इज़राइल को किया तैनात

इज़रायली सुरक्षाबलों ने अल-अक़्सा परिसर में प्रार्थना कर रहे लोगों पर किया हमला, 150 से ज़्यादा घायल

यूक्रेन में छिड़े युद्ध और रूस पर लगे प्रतिबंध का मूल्यांकन

पड़ताल दुनिया भर कीः पाक में सत्ता पलट, श्रीलंका में भीषण संकट, अमेरिका और IMF का खेल?

लैंड डे पर फ़िलिस्तीनियों ने रिफ़्यूजियों के वापसी के अधिकार के संघर्ष को तेज़ किया

अमेरिका ने ईरान पर फिर लगाम लगाई


बाकी खबरें

  • Hijab controversy
    भाषा
    हिजाब विवाद: बेंगलुरु के कॉलेज ने सिख लड़की को पगड़ी हटाने को कहा
    24 Feb 2022
    सूत्रों के अनुसार, लड़की के परिवार का कहना है कि उनकी बेटी पगड़ी नहीं हटायेगी और वे कानूनी राय ले रहे हैं, क्योंकि उच्च न्यायालय और सरकार के आदेश में सिख पगड़ी का उल्लेख नहीं है।
  • up elections
    असद रिज़वी
    लखनऊ में रोज़गार, महंगाई, सरकारी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन रहे मतदाताओं के लिए बड़े मुद्दे
    24 Feb 2022
    लखनऊ में मतदाओं ने अलग-अलग मुद्दों को लेकर वोट डाले। सरकारी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन की बहाली बड़ा मुद्दा था। वहीं कोविड-19 प्रबंधन, कोविड-19 मुफ्त टीका,  मुफ्त अनाज वितरण पर लोगों की अलग-अलग…
  • M.G. Devasahayam
    सतीश भारतीय
    लोकतांत्रिक व्यवस्था में व्याप्त खामियों को उजाकर करती एम.जी देवसहायम की किताब ‘‘चुनावी लोकतंत्र‘‘
    24 Feb 2022
    ‘‘चुनावी लोकतंत्र?‘‘ किताब बताती है कि कैसे चुनावी प्रक्रियाओं की सत्यता को नष्ट करने के व्यवस्थित प्रयासों में तेजी आयी है और कैसे इस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
  • Salempur
    विजय विनीत
    यूपी इलेक्शनः सलेमपुर में इस बार नहीं है मोदी लहर, मुकाबला मंडल-कमंडल के बीच होगा 
    24 Feb 2022
    देवरिया जिले की सलेमपुर सीट पर शहर और गावों के वोटर बंटे हुए नजर आ रहे हैं। कोविड के दौर में योगी सरकार के दावे अपनी जगह है, लेकिन लोगों को याद है कि ऑक्सीजन की कमी और इलाज के अभाव में न जाने कितनों…
  • Inequality
    प्रभात पटनायक
    आर्थिक असमानता: पूंजीवाद बनाम समाजवाद
    24 Feb 2022
    पूंजीवादी उत्पादन पद्धति के चलते पैदा हुई असमानता मानव इतिहास में अब तक पैदा हुई किसी भी असमानता के मुकाबले सबसे अधिक गहरी असमानता है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License