NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
वेनेज़ुएला में ईरान के तेल टैंकरों का गर्मज़ोशी से स्वागत
अमेरिका की धमकी के बावजूद ईरान द्वारा भेजे गए पांच में से दो सुपरटैंकर लाखों बैरल पेट्रोल लेकर वेनेज़ुएला के तट पर पहुंचे।
पीपल्स डिस्पैच
26 May 2020
वेनेज़ुएला

ईरान द्वारा भूमध्यसागर से भेजे गए पांच में से दो सुपरटैंकर फॉर्च्यून और फॉरेस्ट 24 और 25 मई को वेनेजुएला के तट पर पहुंच गए और वेनेजुएला के नौसैनिक बेड़े ने अपनी सुरक्षा में ले लिया। वेनेजुएला के प्यूर्टो कैबेलो शहर के पास एल पालिटो की रिफाइनरी में ये टैंकर खड़े हो गए और वेनेजुएला के लोगों ने इसके आने पर जश्न मनाया।

पहले टैंकर के आगमन की ख़बर वेनेजुएला के ऊर्जा मंत्री तारेक एल आइसेमी ने वेनेजुएला के एक्सक्लूसिव इकोनॉमिक ज़ोन से एल पालिटो तक नौसैनिक एस्कॉर्ट की तस्वीरों के साथ ट्वीट की थी जिसमें कहा गया था, "हम आगे बढ़ते रहे और जीतते रहे।"

इस सप्ताह के अंत में तेल के अन्य तीन सुपरटैंकर पेटूनिया, फैक्सॉन और क्लेव को वेनेजुएला के तट तक पहुंचने की उम्मीद है। ये सुपरटैंकर कुल मिलाकर 11 मिलियन बैरल पेट्रोल वेनेजुएला के लिए ले जा रहे हैं जहां पिछले साल अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण तेल की भारी कमी देखी गई है।

डोनाल्ड ट्रम्प प्रशासन ने आक्रामकता दिखाए बिना इन दोनों देशों के बीच तेल आपूर्ति को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। पिछले हफ्ते अटकलें थीं कि अमेरिका ईरान द्वारा भेजी जाने वाली इस आपूर्ति को अवरुद्ध करने के लिए कैरिबियन में अपनी सेना का इस्तेमाल करेगा। एक अज्ञात अमेरिकी अधिकारी द्वारा रिपोर्टर को इस तरह के फैसले के बारे में बताए जाने के बाद ये सामने आया था।

ईरान से आ रहे तेल टैंकर को अपनी सुरक्षा में लेने के लिए वेनेजुएला सरकार को नौसैनिक जहाजों और युद्धक विमानों के एक बेड़े को तैनात करना पड़ा। ईरान और वेनेजुएला दोनों देशों ने भी इन टैंकरों को लेकर अमेरिका के आक्रामक और धमकी भरे रुख को संयुक्त राष्ट्र में शिकायतें दर्ज कराईं।

कच्चे तेल के सबसे बड़े उत्पादकों में से एक होने के बावजूद वेनेजुएला अपनी शोधन क्षमता गंवा देता है क्योंकि अमेरिका और अन्य देशों में स्थित अधिकांश रिफाइनरियों को प्रतिबंधों के कारण ज़ब्त या सील कर दिया गया। शुक्रवार को एक अमेरिकी संघीय अदालत ने अमेरिका में स्थित वेनेजुएला की एक रिफाइनरी सीआईटीजीओ के अधीन इन रिफाइनरियों की बिक्री को स्वीकृति दे दी। "आधुनिक चोरी" के एक कृत्य के रूप में इसकी निंदा वेनेजुएला सरकार द्वारा की गई है।

फॉर्च्यून के एल पालिटो के पहुंचने के बाद वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने ईरानी सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा, "इस दुनिया में वेनेजुएला के मित्र भी हैं और उस में बहादुर मित्र हैं।"

साभार : पीपल्स डिस्पैच

Venezuela
IRAN
America
Crude Oil
Donand Trump

Related Stories

और फिर अचानक कोई साम्राज्य नहीं बचा था

ईरानी नागरिक एक बार फिर सड़कों पर, आम ज़रूरत की वस्तुओं के दामों में अचानक 300% की वृद्धि

असद ने फिर सीरिया के ईरान से रिश्तों की नई शुरुआत की

क्या दुनिया डॉलर की ग़ुलाम है?

सऊदी अरब के साथ अमेरिका की ज़ोर-ज़बरदस्ती की कूटनीति

‘जनता की भलाई’ के लिए पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के अंतर्गत क्यों नहीं लाते मोदीजी!

वेनेज़ुएला ने ह्यूगो शावेज़ के ख़िलाफ़ असफल तख़्तापलट की 20वीं वर्षगांठ मनाई

यूक्रेन में छिड़े युद्ध और रूस पर लगे प्रतिबंध का मूल्यांकन

कच्चे तेल की तलाश की संभावनाओं पर सरकार ने उचित ख़र्च किया है?

पड़ताल दुनिया भर कीः पाक में सत्ता पलट, श्रीलंका में भीषण संकट, अमेरिका और IMF का खेल?


बाकी खबरें

  • लाल बहादुर सिंह
    यूपी चुनाव: पश्चिम से चली बदलाव की हवा के पूर्वांचल में आंधी में तब्दील होने के आसार
    02 Mar 2022
    वैसे तो हर इलाके की और हर फेज के चुनाव की अपनी विशिष्ठतायें हैं, लेकिन सच यह है कि इस चुनाव में-किसानों की तबाही, बेरोजगारी, महंगाई, सामाजिक न्याय, बुलडोजर राज का आतंक- कुछ ऐसे कॉमन मुद्दे उभर गए हैं…
  • election
    न्यूज़क्लिक टीम
    यूपी चुनाव 2022 : सामाजिक ध्रुवीकरण, जातीय विभाजन और नज़रअंदाज़ होते मुद्दे
    01 Mar 2022
    उत्तर प्रदेश के चुनावों में सामाजिक ध्रुवीकरण और जातीय विभाजन के नाम पर वोट मांगने की ज़ोरदार कोशिश की गई वहीँ दूसरी तरफ जनता के बुनियादी मुद्दे नज़रअंदाज़ किए गए. आखिर किन मुद्दों पर जनता ने डाला है…
  • modi
    विजय विनीत
    बनारस की जंग: क्या टूट रहा पीएम मोदी का जादू!
    01 Mar 2022
    "बनारस और इस शहर की तहजीब बुद्ध, कबीर, रैदास, और तुलसीदास की सोच पर खड़ी हुई है। भाजपा के लोग उसे मज़हब के संकीर्ण दायरों में बांधने की कोशिश कर रहे हैं, जिसके चलते पीएम का जादू बेअसर होता जा रहा है।"
  • SWIFT
    आशुतोष पाण्डेय
    स्विफ्ट भुगतान प्रणाली वास्तव में क्या है?
    01 Mar 2022
    रूस को वैश्विक भुगतान प्रणाली से अलग नहीं करने के लिए यूरोपीय संघ की आलोचना की गई थी। लेकिन अमेरिका और ब्रिटेन के साथ,  इस ब्लॉक ने अब यूक्रेन में रूस के युद्ध के आलोक में यह कठोर कदम उठाने का फैसला…
  • strike
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    हिमाचल सरकार ने कर्मचारियों के धरना-प्रदर्शन, घेराव और हड़ताल पर लगाई रोक, विपक्ष ने बताया तानाशाही फ़ैसला
    01 Mar 2022
    इस चेतावनी के अनुसार जिस दिन कर्मचारी धरना प्रदर्शन करेंगे, उस दिन का उनका वेतन काटने के निर्देश दिए गए हैं। कानून का उल्लंघन करने पर तो उसी दिन संबंधित कर्मचारी को सस्पेंड कर दिया जाएगा।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License