NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
ईरान ने परमाणु अप्रसार संधि छोड़ने की धमकी दी
यह घोषणा यूके, फ्रांस और जर्मनी द्वारा यूएनएससी में विवाद के निपटान तंत्र के आह्वान का प्रस्ताव करने के बाद किया गया है।
पीपल्स डिस्पैच
21 Jan 2020
Iran

ईरान ने चेतावनी दी है कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में ज्वाइंट कम्प्रिहेंसिव प्लान ऑफ एक्शन (जेसीपीओए) के तहत विवाद समाधान तंत्र को लागू करने के लिए यूरोपीय देशों द्वारा अपनी योजना के साथ आगे बढ़ने की स्थिति में वह परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) छोड़ सकता है। ईरान द्वारा यह घोषणा 20 जनवरी को की गई जब उसने इस कदम के पीछे अमेरिकी हाथ होने का आरोप लगाया।

6 जनवरी को ईरान की घोषणा के बाद जेसीपीओए विवाद निपटान तंत्र ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी द्वारा इस महीने की शुरुआत में आरंभ कर दिया गया था कि यह इसके परमाणु कार्यक्रम पर सभी सीमाओं को समाप्त कर देगा। यदि इस विवाद को सुरक्षा परिषद में ले जाया जाता है तो यह ईरान पर संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंधों को फिर से लागू कर सकता है जो 2015 में परमाणु समझौते पर हस्ताक्षर करने के बाद हटाए गए थे।

ईरान के विदेश मंत्री जवाद ज़रीफ़ ने राष्ट्रपति हसन रूहानी द्वारा मई 2018 में अमेरिका द्वारा एकतरफा वापसी की घोषणा के बाद इस समझौते के सभी हस्ताक्षरकर्ताओं को भेजे गए एक पत्र में पहले की गई बात को दोहराई। उनके अनुसार, पिछले एक साल में ईरान द्वारा बार-बार भेजे गए रिमाइंडर के बावजूद यूरोपीय हस्ताक्षरकर्ता इस समझौते के तहत अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने में विफल रहे हैं। ज़रीफ़ ने कहा कि तीन यूरोपीय शक्तियों द्वारा हाल ही में उठाया गया क़दम "कानूनी रूप से अविभाज्य" है और ईरान पर अमेरिका की राग अलापना है।

एकतरफा वापसी के बाद अमेरिका द्वारा लगाए गए अवैध प्रतिबंधों से निपटने में मदद करने के तरीके विकसित करने के लिए ईरान इन देशों से कहता रहा है। हालांकि, ये यूरोपीय देश मदद के लिए आगे आने में विफल होने के बाद ईरान ने इस समझौते के तहत अपनी प्रतिबद्धताओं को नज़रअंदाज़ करना शुरू कर दिया।

ईरान इस बात पर ज़ोर देता है कि जेसीपीओए के अनुच्छेद 26 और 36 के अनुसार उसे अपनी प्रतिबद्धताओं में कमी करने का अधिकार है और इस समझौते से अपनी ज़िम्मेदारी पूरा करने में विफल रहने पर समझौते से हट भी सकता है।

ईरान 1968 के एनपीटी की हस्ताक्षरकर्ताओं में से एक है जो कुछ परमाणु तकनीकी लाभ और सहयोग के बदले में परमाणु हथियारों के विकास पर रोक लगाता है।

साभार : पीपल्स डिस्पैच

IRAN
Nuclear Policy
unsc
France
germany
UK
NPT
America

Related Stories

और फिर अचानक कोई साम्राज्य नहीं बचा था

ईरानी नागरिक एक बार फिर सड़कों पर, आम ज़रूरत की वस्तुओं के दामों में अचानक 300% की वृद्धि

असद ने फिर सीरिया के ईरान से रिश्तों की नई शुरुआत की

क्या दुनिया डॉलर की ग़ुलाम है?

सऊदी अरब के साथ अमेरिका की ज़ोर-ज़बरदस्ती की कूटनीति

यूक्रेन की स्थिति पर भारत, जर्मनी ने बनाया तालमेल

फ्रांस में मैक्राँ की जीत से दुनियाभर में राहत की सांस

यूक्रेन में छिड़े युद्ध और रूस पर लगे प्रतिबंध का मूल्यांकन

पड़ताल दुनिया भर कीः पाक में सत्ता पलट, श्रीलंका में भीषण संकट, अमेरिका और IMF का खेल?

अमेरिका ने ईरान पर फिर लगाम लगाई


बाकी खबरें

  • राजेंद्र शर्मा
    मुस्कुराहट वाला नफ़रती बोल, नफ़रती नहीं होता
    28 Mar 2022
    कटाक्ष: जरा सोचिए, नये इंडिया को ऐेसे किसी भी कदम की कितनी ज़रूरत थी, जो देश में खुशी बढ़ाए, देश के खुशी सूचकांक को ऊपर उठाए। जब से विश्व खुशी सूचकांक में भारत खिसक कर 136वें नंबर पर पहुंचा है।
  • लाल बहादुर सिंह
    "जनता और देश को बचाने" के संकल्प के साथ मज़दूर-वर्ग का यह लड़ाकू तेवर हमारे लोकतंत्र के लिए शुभ है
    28 Mar 2022
    इस ऐतिहासिक हड़ताल से यह भरोसा पैदा होता है कि लड़ाकू मज़दूर, किसानों तथा छात्र-नौजवानों के साथ मिलकर जनता के सच्चे प्रतिपक्ष का निर्माण करेंगे तथा कारपोरेट हिंदुत्व के राष्ट्रीय विनाश के अभियान पर…
  • शोला लवाल
    अफ़्रीकी देश अपनी मुद्रायें यूरोप से क्यों छपवाते हैं
    28 Mar 2022
    आज़ादी के दशकों बाद भी कम से कम 40 अफ़्रीकी देश यूके, फ़्रांस और जर्मनी में अपनी मुद्रा छपवाते हैं,यह स्थिति दरअस्ल उनकी आत्मनिर्भरता पर सवाल उठाती है। इस लेख में डीडब्ल्यू ने इसी बात की पड़ताल किया…
  • न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 1,270 नए मामले, 31 मरीज़ों की मौत
    28 Mar 2022
    देश में एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 0.04 फ़ीसदी यानी 15 हज़ार 859 हो गयी है।
  • भाषा
    ऑस्कर में ‘ड्राइव माय कार’ को मिला सर्वश्रेष्ठ अंतरराष्ट्रीय फिल्म का पुरस्कार
    28 Mar 2022
    फिल्म को इससे पहले ‘गोल्डन ग्लोब’ और ‘बाफ्टा’ पुरस्कार में भी सम्मानित किया गया था।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License